प्रदेश सरकार अनुदान प्राप्त मदरसों के सेवानिवृत्त शिक्षकों को अब ट्रेजरी से पेंशन देने की तैयारी कर रही है।
इसका पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। शीघ्र ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का यह प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
वहां से मुहर लगने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश सरकार के इस कदम से मदरसों में होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
अभी अवकाश प्राप्त शिक्षकों को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व मदरसा संचालकों के माध्यम से पेंशन दी जाती है।
ऐसे में ये लोग पेंशन देने के नाम पर इन शिक्षकों से पैसा भी ले लेते हैं। मदरसा शिक्षकों को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व मदरसा संचालक दोनों को सुविधा शुल्क देना होता है। इसके बाद ही उन्हें उनकी पेंशन मिल पाती है।
इस बारे में प्रदेश सरकार से कई बार शिकायत भी की जा चुकी है। इसी समस्या से निपटने के लिए सरकार ने अनुदानित मदरसों के अवकाश प्राप्त शिक्षकों को ट्रेजरी से पेंशन देने का निर्णय किया है।
इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद अवकाश प्राप्त शिक्षक ट्रेजरी में जाकर अपनी पेंशन ले सकेंगे।
उन्हें मदरसा संचालकों व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पास इसके लिए भटकना नहीं पड़ेगा।