अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल रहा। अमेरिकी शेयर बाजार ने 1200 अंकों की छलांग लगाई।
रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट पर जीत हासिल कर ली है। ट्रंप ने सीनेट की जीत की प्रशंसा की। रिपब्लिकन द्वारा कर कटौती, आव्रजन सुधार और संघीय विनियमन वापसी सहित एक मजबूत एजेंडे को आगे बढ़ाने के साथ, ट्रंप ने नीतिगत बदलावों की कल्पना की है। चुनाव में दो अश्वेत महिलाएं सीनेट के लिए चुनी गईं। एंडी किम न्यू जर्सी के पहले कोरियाई अमेरिकी सीनेटर बने।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी है। जॉनसन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के व्हाइट हाउस में वापस आने के बाद कोई भी बाधा बड़ी नहीं है और कोई भी चुनौती कठिन नहीं है। वहीं सीनेटर जॉन कॉर्निन ने कहा कि ट्रंप राष्ट्रपति कार्यालय को उस स्थिति में बहाल करने के लिए काम करेंगे जो उसे होना चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने डोनाल्ड ट्रंप की जीत पर कहा, भारत-अमेरिका संबंध बुनियादी रूप से ठीक रहेंगे। उन्होंने कहा कि चीन के प्रति अमेरिका का सख्त रुख 'हमारे लिए अच्छा है।' विदेश मामलों पर स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष और पूर्व विदेश राज्य मंत्री थरूर ने कहा, ट्रंप के सत्ता में आने पर आव्रजन और व्यापार से जुड़ी चिंताएं उभरेंगी। थरूर ने कहा कि अमेरिकी नेता कई मामलों में 'लेन-देन वाला रवैया' रखते हैं। उन्होंने कहा, चुनावी नतीजे कोई बड़ा आश्चर्य नहीं। ट्रंप पिछले कुछ समय से खुली किताब की तरह रहे हैं। वह चार साल तक राष्ट्रपति रहे, इसलिए हमें उनके साथ काम करने का अनुभव है। वह विभिन्न मुद्दों पर काफी मुखर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप विस्कॉन्सिन में नतीजे पलटने में कामयाब रहे। 2016 के चुनाव में यहां उन्हें करारी हार का मुंह देखना पड़ा था। 2020 में जो बाइडन के खिलाफ मामूली अंतर से हार मिली थी। कमला हैरिस ने राज्य के सबसे बड़े और सबसे विविधतापूर्ण क्षेत्र मिल्वौकी काउंटी और राज्य के सबसे शिक्षित डेन काउंटी में जीत हासिल की। दोनों काउंटी में जीत के बावजूद ट्रंप की जीत पर असर नहीं पड़ा। विस्कॉन्सिन के 10 इलेक्टोरल कॉलेज वोट ट्रंप के खाते में गए।
रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम पर चौंकाने वाली प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप की सुनिश्चित जीत को लेकर क्रेमलिन ने कहा कि फिलहाल वे अंतिम नतीजों की घोषणा का इंतजार करेंगे। बता दें कि कई राज्यों में मतगणना जारी है। डेमोक्रेट प्रत्याशी कमला हैरिस की हार पक्की हो चुकी है। रिपब्लिकन खेमे के प्रत्याशी और पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप बहुमत के आंकड़े से बहुत आगे निकल चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी भी कुछ राज्यों में मतगणना जारी है। अलास्का और विस्कॉन्सिन के अनुमानों के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप को 279 इलेक्टोरल वोट मिल सकते हैं, जबकि कमला हैरिस के खाते में 223 वोट होंगे। बता दें कि कुल 538 वोटों में जीत के लिए कम से कम 270 वोटों की जरूरत होती है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक कमला हैरिस न्यू हैम्पशायर में जीत हासिल कर सकती हैं।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की जीत का औपचारिक एलान हो चुका है। समाचार एजेंसी एपी ने के मुताबिक अधिकांश मतगणना पूरी हो चुकी है और रिपब्लिकन प्रत्याशी ट्रंप को विजेता घोषित किया गया है। स्थानीय समय के मुताबिक बुधवार शाम 4 बजे तक घोषित परिणाम के अनुसार ट्रंप को 277 इलेक्टोरल वोट मिले हैं। रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप की प्रतिद्वंद्वी और डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी कमला हैरिस को 224 वोट मिले हैं।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी डोनाल्ड ट्रंप को जीत के लिए बधाई दी है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद कीर स्टार्मर भी उन वैश्विक नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने ट्रंप को जीत की बधाई दी है। कीर स्टार्मर ने कहा कि ट्रंप के जीत हासिल करने के बाद ब्रिटेन और अमेरिका के बीच विशेष संबंध नए अमेरिकी प्रशासन के तहत भी समृद्ध होंगे।
लंदन में 10 डाउनिंग स्ट्रीट द्वारा जारी एक बयान में स्टार्मर ने कहा, 'आपके ऐतिहासिक चुनाव जीत पर राष्ट्रपति-चुनाव ट्रंप को बधाई। मैं आने वाले वर्षों में आपके साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं। सबसे करीबी सहयोगी के रूप में, हम स्वतंत्रता, लोकतंत्र और उद्यम के अपने साझा मूल्यों की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। विकास और सुरक्षा से लेकर नवाचार और तकनीक तक, मुझे पता है कि आने वाले वर्षों में अटलांटिक के दोनों तरफ ब्रिटेन-अमेरिका के विशेष संबंध समृद्ध होते रहेंगे।'
अमेरिका स्थित रूसी दूतावास ने एक बयान जारी कर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में दखलअंदाजी के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। दरअसल मंगलवार को अमेरिका के कई राज्यों के मतदान केंद्रों पर बम होने की खबरें सामने आईं थी। हालांकि जांच में ये सूचना झूठी पाई गई। इसके चलते कई मतदान केंद्रों को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा है कि बम की झूठी धमकी ईमेल के जरिए दी गई और ये ईमेल रूस के डोमेन से भेजे गए थे।
डोनाल्ड ट्रंप को 267 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिल चुके हैं और उन्हें जीत के लिए अब सिर्फ तीन इलेक्टोरल कॉलेज वोट ही चाहिए। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप विंस्कोंसिन और मिशिगन में बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं कमला हैरिस ने मिनेसोटा में जीत दर्ज की है।
राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत तय होने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप को बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'मेरे दोस्त डोनाल्ड ट्रंप को ऐतिहासिक चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। जैसा कि आप अपने पिछले कार्यकाल की सफलताओं को आगे बढ़ा रहे हैं, मैं भारत-अमेरिका संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए हमारे सहयोग की आशा करता हूं। आइए हम सब मिलकर अपने लोगों की बेहतरी के लिए काम करें और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा दें।'
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के करीब पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान अपने परिवार का शुक्रिया अदा किया। साथ ही चुनाव में उनके लिए काम करने वालों की मेहनत का भी जिक्र किया। इस बीच उन्होंने अरबपति कारोबारी एलन मस्क का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि वह एलन मस्क से प्यार करते है और उनके समर्थन के लिए आभार जताते हैं। ट्रंप ने मस्क की संचार व्यवस्था स्टारलिंक का जिक्र किया और नॉर्थ कैरोलाइना में बाढ़ प्रभावितों की मदद से जुड़ा किस्सा सुनाया। ट्रंप ने कहा कि मस्क की वजह से ही नॉर्थ कैरोलाइना में रिपब्लिकन पार्टी को जीत मिली।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जबरदस्त बढ़त बनाने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने समर्थकों को संबोधित किया। ट्रंप ने इस दौरान कहा कि उन्होंने ऐसा जोश और जश्न कभी नहीं देखा। ट्रंप ने कहा कि यह पल शानदार है। उन्होने कहा, "मेरी जीत हर अमेरिकी की जीत है। हम अमेरिका को फिर से महान बनाएंगे। सभी स्विंग स्टेट भी हमारे साथ रहे। अब मेरा हर पल अमेरिका के लिए रहेगा। हम मिलकर अमेरिका के भविष्य के लिए काम करेंगे। ये जीत ऐतिहासिक और अविश्वसनीय रही। अमेरिका ने मुझे अभूतपूर्व जनादेश दिया।"
डोनाल्ड ट्रंप ने स्विंग स्टेट्स को डेमोक्रेट पार्टी की पकड़ से दूर रखा है। वह नॉर्थ कैरोलाइना, जॉर्जिया के बाद अब पेंसिलवेनिया में भी जबरदस्त जीत हासिल कर चुके हैं। पेंसिलवेनिया की जीत मिलते ही उन्हें राज्य के सभी 19 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिल गए हैं। इसी के साथ उनके इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स का आंकड़ा 266 पर आ गया, जो कि बहुमत के 270 के आंकड़े से महज 4 कम है।
सीएनएन के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने से महज 5 इलेक्टोरल कॉलेज वोट दूर हैं। वह अगर इन पांच वोट्स को हासिल कर लेते हैं, तो 270 के बहुमत के जादुई आंकड़े को छू लेंगे। इस बीच उनकी प्रतिद्वंद्वी कमला हैरिस काफी पीछे 214 इलेक्टोरल वोट पर ही सीमित रह गई हैं, जबकि ट्रंप 266 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कई राज्यों में मतगणना जारी है। इस बीच अमेरिकी मीडिया समूह फॉक्स न्यूज ने एलान किया है कि डोनाल्ड ट्रंप का अमेरिका का अगला राष्ट्रपति बनना तय हो गया है। चैनल ने कहा कि ट्रंप की जीत तय है। उन्हें 277 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिलने का अनुमान है, जो कि बहुमत के 270 के आंकड़े से ज्यादा है। गौरतलब है कि अभी डोनाल्ड ट्रंप 247 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर चुके हैं और उन्हें जीत के लिए 23 वोट चाहिए होंगे। वहीं कमला हैरिस 214 इलेक्टोरल कॉलेज वोट पा चुकी हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप अब जीत से महज 23 इलेक्टोरल कॉलेज वोट ही दूर हैं। वहीं, कमला हैरिस न्यू हैंपशर में जीत के साथ चार इलेक्टोरल वोट हासिल करने में कामयाब रहीं। हालांकि, फिलहाल दोनों के बीच वोटों का अंतर काफी ज्यादा बना हुआ है। जहां डोनाल्ड ट्रंप 247 इलेक्टोरल कॉलेज वोट पा चुके हैं, वहीं कमला हैरिस फिलहाल 214 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर पाई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जारी मतगणना पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि अमेरिका में जिस तरह से गिनती की जाती है, जैसा कि आप जानते हैं, यह एक भौतिक गणना प्रक्रिया है, वे कम आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों से शुरू करते हैं। अमेरिका में घनी आबादी शहरी क्षेत्रों में है। कई राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों में रिपब्लिकन और ट्रंप का दबदबा है। जबकि शहरों में बहुत अधिक उदार और डेमोक्रेटिक झुकाव है। इसलिए एक बार जब शहर के वोट आ जाते हैं, तस्वीर बदल जाती है। पहले से ही एसोसिएटेड प्रेस न्यूज एजेंसी, जो लगभग 15-20 मिनट पहले ट्रम्प को बहुत बड़ी बढ़त दिखा रही थी, अब इलेक्टोरल कॉलेज के वोट 220-205 दिखा रही है... इसलिए, मुझे लगता है कि हमें अंतिम गिनती होने तक इंतजार करने के लिए तैयार रहना चाहिए। साथ ही 2020 में हमने जो चुनौतियां देखीं, वे भी सामने आ सकती हैं। अंतिम परिणाम आने में काफी समय लगा आने वाले कुछ दिनों में ट्रम्प 3-4 राज्यों में चुनौती दे रहे हैं। देखते हैं क्या होता है, यह बहुत ही करीबी चुनाव लग रहा है। चाहे कुछ भी हो जाए।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बीच जहां कमला हैरिस ने समर्थकों को संबोधित करने से इनकार कर दिया, वहीं रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप पार्टी मुख्यालय के बाहर जुटे लोगों को थोड़ी देर में संबोधित कर सकते हैं। दरअसल, चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कमला हैरिस पर बड़ी बढ़त हासिल कर ली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की दिशा तय करने में सबसे अहम माने जा रहे स्विंग स्टेट्स में डोनाल्ड ट्रंप ने दबदबा दिखाया है। नॉर्थ कैरोलाइना के बाद ट्रंप ने जॉर्जिया में बाजी मार ली। इसी के साथ इस राज्य के 16 इलेक्टोरल वोट डोनाल्ड ट्रंप के खाते में चले गए। फिलहाल जहां डोनाल्ड ट्रंप 246 इलेक्टोरल कॉलेज वोट के साथ बहुमत के आंकड़े 270 के और करीब पहुंच गए हैं। वहीं, कमला हैरिस 210 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर चुकी हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने लगे है। इनमें ट्रंप अब तक बढ़त बनाए हुए हैं। इस बीच नतीजों के आने के साथ ही बुधवार को डेमोक्रेट पार्टी के सैकड़ो समर्थक यहां मुख्यालय के पास जुट गए। हालांकि, राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने उन्हें संबोधित नहीं किया।
राष्ट्रपति चुनाव में अब तक रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप आगे चल रहे हैं। इस बीच पार्टी के लिए एक खुशखबरी संसद से आई है। संसद के उच्च सदन- सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत हो गया है। पार्टी ने चार साल बाद सीनेट में अपनी संख्या बहुमत के पार कर ली है। इसी के साथ अब सदन में रिपब्लिकन पार्टी के 51 और डेमोक्रेट पार्टी के 49 सांसद हो गए हैं।
बताया गया है कि ओहायो से डेमोक्रेट पार्टी के सीनेटर शेरोड ब्राउन अपने चौथे कार्यकाल के लिए लड़ रहे थे। हालांकि, यहां उन्हें लग्जरी कार डीलर और रिपब्लिकन प्रत्याशी बर्नी मोरेनो ने शिकस्त दी। इससे पहले सीनेटर जो मेनंशिन III के रिटायरमेंट से खाली हुई सीट पर वेस्ट वर्जिनिया के गवर्नर जिम जस्टिस ने कब्जा जमाया। इसी के साथ रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के स्विंग स्टेट नॉर्थ कैरोलाइना मे जीत हासिल की है। इसी के साथ उन्हें इस राज्य के 16 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिल गए। फिलहाल वह 230 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स हासिल कर चुके हैं। अमेरिका में बहुमत के लिए 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल करना जरूरी है।
कमला हैरिस ने एक के बाद एक तीन राज्यों में जीत हासिल की है। उन्हें कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन और इडाहो के अलावा न्यू मैक्सिको और ओरेगॉन में जीत मिली है। इन पांच राज्यों पर जीत के साथ ही कमला हैरिस अब तक 205 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर चुकी हैं। उनके पास अब 19 राज्यों में बढ़त है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप अभी भी 230 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स के साथ 270 के बहुमत के आंकड़े के ज्यादा करीब हैं। रिपब्लिकन पार्टी अब तक 28 राज्यों में आगे हो चुकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने जारी हैं। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस से आगे चल रहे हैं। इस बीच जहां पार्टियों के प्रति झुकाव रखने वाले अधिकतर राज्यों में कुछ खास बदलाव नहीं दिख रहा, वहीं स्विंग स्टेट्स यानी प्रत्याशियों को देखकर उनका समर्थन बदलने वाले राज्यों में मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। फिलहाल रुझानों में इन राज्यों में डोनाल्ड ट्रंप ने जबरदस्त बढ़त हासिल कर ली है। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव दिलचस्प मोड़ पर हैं। जहां रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट पार्टी की प्रत्याशी कमला हैरिस कई राज्यों में करीबी मुकाबले में उलझे हैं, वहीं स्विंग स्टेट के तौर पर पहचाने जाने वाले पेंसिलवेनिया में डोनाल्ड ट्रंप पिछड़ते दिख रहे हैं। फिलहाल यहा वोटों की गिनती जारी है, लेकिन दोनो नेताओ के बीच वोटों का अंतर काफी ज्यादा है। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 की तरह ही इस बार भी पेंसिलवेनिया में पिछड़ने के बाद राज्य में धोखाधड़ी से जुड़े दावे कर दिए। उन्होंने इससे जुड़ा कोई सबूत नहीं दिया, हालांकि उन्होंने प्रवर्तन एजेंसियों की धमकी दी। पढ़े पूरी खबर...
डोनाल्ड ट्रंप को जिन 22 राज्यों में बढ़त मिली है, उनमें व्योमिंग, पश्चिमी वर्जीनिया, टेक्सास, टेनेसी, साउथ डकोटा, साउथ केरोलाइना, ओक्लाहोमा, ओहायो, नेब्रास्का, नॉर्थ डकोटा, मिसिसिप्पी, लुइसियाना, केंटकी, इंडियाना, फ्लोरिडा, आरकैंसस, एलाबामा, आईओवा, मिजूरी, यूटाह, वेस्ट वर्जिनिया और मोंटाना शामिल हैं। इन राज्यों से ट्रंप को 210 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिल रहे हैं।
रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक हुई मतगणना में डेमोक्रेट पार्टी की अपनी प्रतिद्वंद्वी कमला हैरिस पर जबरदस्त बढ़त बना ली है। ट्रंप फिलहाल 22 राज्यों में जीत की ओर हैं। वहीं, हैरिस अब तक 11 राज्यों में ही बढ़त बना पाई हैं। डोनाल्ड ट्रंप को 210 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिले हैं, जबकि कमला हैरिस 112 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल करने में सफल हुई हैं। अमेरिका के 538 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स में से 270 जीतने वाले को राष्ट्रपति पद मिलता है।
भारतवंशी रमेश कपूर हैं, जिन्होंने कमला हैरिस के लिए फंड रेजिंग की है। वॉशिंगटन पहुंचे हैं कमला हैरिस की वॉच पार्टी में भाग लेने पहुंचे हैं। रमेश कपूर कहते हैं, कमला जीती तो भारत के साथ रिश्ते और मजबूत होंगे। कपूर कहते हैं कि कमला 80 प्रतिशत हिन्दू हैं और 20 प्रतिशत क्रिश्चियन हैं। कमला भारतीय मूल की हैं और उनकी परवरिश में भारतीय मां का प्रभाव ज्यादा नजर आता है।
कमला हैरिस प्रचार टीम का अहम हिस्सा रहे अजय जैन भूटोरिया ने अमर उजाला से बातचीत में दावा करते हुए कहा कि नतीजों मे कमला का पलड़ा रहेगा भारी। अमेरिका को पहली महिला राष्ट्रपति और वो भी भारतीय मूल की मिलती है तो उनके शपथ ग्रहण पर बड़ा कार्यक्रम होगा। क़रीब एक हज़ार ढोल नगाड़े के साथ हम पहुंचेंगे। अजय भूटोरिया, पेंसिल्वेनिया में कमला कि साथ प्रचार करने के बाद वाशिंगटन पहुंचे।
दूसरी तरफ कमला हैरिस को जिन नौ राज्यों में बढ़त मिली है, उनमें कनेक्टिकट, डेलावेयर, इलिनॉय, मैसाच्युसेट्स, मैरीलैंड, न्यूजर्सी, न्यूयॉर्क, रोड आइलैंड और वरमोंट शामिल हैं। उन्हें इन राज्यों से 99 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल हो रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप को जिन 17 राज्यों में बढ़त मिली है, उनमें व्योमिंग, पश्चिमी वर्जीनिया, टेक्सास, टेनेसी, साउथ डकोटा, साउथ केरोलाइना, ओक्लाहोमा, ओहायो, नेब्रास्का, नॉर्थ डकोटा, मिसिसिप्पी, लुइसियाना, केंटकी, इंडियाना, फ्लोरिडा, आरकैंसस, एलाबामा शामिल हैं। इन राज्यों से ट्रंप को 178 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिल रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के शुरुआती नतीजे डेमोक्रेटिक पार्टी और उसकी उम्मीदवार कमला हैरिस के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। दरअसल, रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप अब तक अमेरिका के 17 राज्यों में बढ़त बना चुके हैं। इसी के साथ उन्होंने कुल 538 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स में से 177 पर कब्जा कर लिया है। दूसरी तरफ कमला हैरिस अभी 9 राज्यों में ही आगे हैं और उन्हें 99 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स मिले हैं। गौरतलब है कि दोनो प्रत्याशियों में से जो भी 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर लेगा, वह इन चुनावों में जीत जाएगा।
भारतीय-अमेरिकी व्यवसायी संत चटवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों को लेकर कहा कि, चाहे ट्रंप हों या कमला हैरिस, दोनों के भारत के साथ मजबूत रिश्ते होंगे।
ओबामा ने चुनाव परिणामों के साथ धैर्य रखने का किया आग्रह
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मंगलवार को देश से धैर्य रखने का आग्रह किया क्योंकि चुनाव कार्यकर्ता चुनाव के परिणामों को निर्धारित करने के लिए मतपत्रों की गिनती कर रहे हैं। ओबामा ने लोगों से चुनाव कार्यकर्ताओं का सम्मान करने और उन्हें धन्यवाद देने के लिए कहा क्योंकि वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से तथ्यों को साझा करने से पहले स्रोतों की जांच करके गलत सूचना के प्रसार से बचने के लिए भी कहा। एक्स पर एक पोस्ट में, ओबामा ने कहा, 2020 में हर मतपत्र की गिनती करने में कई दिन लग गए, और बहुत संभावना है कि हम आज रात भी परिणाम नहीं जान पाएंगे। इसलिए कृपया आज अपनी आवाज बुलंद करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखें: - देश भर में हजारों चुनाव कार्यकर्ता आज कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनका सम्मान करें। उनका धन्यवाद करें। - अपने स्रोतों की जांच किए बिना चीजें साझा न करें। - प्रक्रिया को अपना काम करने दें। हर मतपत्र की गिनती करने में समय लगता है।
ट्रंप ने पेन्सिलवेनिया के महत्वपूर्ण राज्य में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का लगाया आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दावे का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया, जबकि अमेरिकियों ने तनावपूर्ण चुनाव में मतदान किया था, जिसमें सर्वेक्षणों ने सुझाव दिया है कि ट्रंप और कमला हैरिस के बीच प्रभावी रूप से मुकाबला बराबर है।
शुरुआती आंकड़ों में ट्रंप का पलड़ा भारी
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के मतदान के बाद वोटों की गिनती शुरू हो गई। वहीं शुरुआती आंकड़ों के अनुसार रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने दस राज्यों में जीत हासिल कर ली है। वहीं डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस ने छह राज्यों में जीत हासिल की है।
इंडियाना और केंटकी में ट्रंप की जीत, हैरिस ने वर्मोंट में हासिल की जीत
रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में इंडियाना और केंटकी में जीत हासिल कर ली है। जबकि उनकी प्रतिद्वंदी डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस ने वर्मोंट में जीत हासिल की है। बता दें कि पहले छह अमेरिकी राज्यों में मतदान समाप्त हो गया, जिसमें महत्वपूर्ण युद्धक्षेत्र राज्य जॉर्जिया भी शामिल है।
मस्क ने कहा कि चुनाव के दिन के बाद अपना काम बढ़ाएगा उनकी पीएसी
अरबपति एलन मस्क ने घोषणा की कि उनका ट्रंप समर्थक सुपर पीएसी चुनाव के बाद भी सक्रिय रहेगा, जिसका ध्यान 2026 के मध्यावधि चुनावों और स्थानीय अभियोजन दौड़ पर रहेगा। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लाइव इवेंट के दौरान बोलते हुए, मस्क ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के लिए अपना समर्थन दोहराया, जिसमें कहा गया कि ट्रंप की जीत से मतदाताओं में बदलाव के लिए तैयार होने का संकेत मिलेगा।
टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक मस्क ने कहा, मुझे लगता है कि देश में बहुत बड़ा बदलाव हो रहा है। मुझे उम्मीद है कि मैं इस बारे में गलत नहीं हूं।
केंटकी और इंडियाना में मतगणना शुरू, कई राज्यों में समाप्ति के करीब मतदान
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर, केंटकी और इंडियाना में मतगणना शुरू हो गई है। वहीं दक्षिण कैरोलिना, वर्मोंट, वर्जीनिया, न्यू हैम्पशायर के कुछ हिस्सों, फ्लोरिडा, वाशिंगटन डी.सी. और जॉर्जिया में भी मतदान शाम 7 बजे समय पर बंद होने वाला है। जॉर्जिया से मतदान रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है क्योंकि स्विंग स्टेट चुनाव का अहम भूमिका निभाता है।
अपाचे काउंटी में तकनीकी गड़बड़ी के कारण लगी मतदाताओं की लंबी लाइन
अपाचे काउंटी के कई मतदान केंद्रों पर मतपत्र प्रिंटर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण कई मतदाताओं को मतदान करने से पहले लगभग 2 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मतदान कर्मियों को तकनीशियनों की तरफ से समस्या ठीक किए जाने तक वहां से चले जाने और बाद में वापस आने के लिए कहा गया। इसके बाद में काउंटी में मतदान फिर से शुरू हुआ।
अमेरिका: वाशिंगटन डीसी में यूएस कैपिटल बिल्डिंग के बाहर बैरिकेडिंग की गई। बता दें कि संभावित तनाव को लेकर पुलिस प्रशासन की तरफ से तैयारी की गई हैं।
भारतीय अमेरिकी मतदाताओं में उत्साह है- डेमोक्रेटिक फंडरेजर
डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष फंडरेजर ने मंगलवार को कहा कि भारतीय अमेरिकियों में उत्साह है, जिनमें से बड़ी संख्या में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के समर्थन में मतदान करने के लिए आ रहे हैं। हैरिस-वाल्ज़ अभियान के डिप्टी नेशनल फाइनेंस चेयर और नेशनल फाइनेंस कमेटी के सदस्य अजय जैन भुटोरिया ने बताया, हमें जमीनी स्तर से, खास तौर पर पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और जॉर्जिया जैसे युद्ध के मैदान वाले राज्यों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। भारतीय अमेरिकी समुदाय उत्साहित है।
समय से पहले मतदान को लेकर अच्छा महसूस हो रहा है: हैरिस अभियान
जब लाखों अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अपने वोट डाल रहे थे, कमला हैरिस अभियान ने कहा कि उन्हें पेंसिल्वेनिया के कीस्टोन राज्य और अन्य युद्ध के मैदान वाले राज्यों में समय से पहले मतदान को लेकर "अच्छा" महसूस हो रहा है। 19 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों के साथ सात स्विंग राज्यों में से सबसे महत्वपूर्ण के रूप में उभरने वाले पेनसिल्वेनिया के साथ, हैरिस ने अपने प्रचार के अंतिम कुछ घंटे राज्य में बिताए और यहां तक कि कुछ आवासीय क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात भी की। हैरिस के संचार निदेशक माइकल टायलर ने कहा, मुझे लगता है कि जब आप शुरुआती मतदान के आंकड़ों को देखते हैं, तो हां, रिपब्लिकन के कारण एक मोड शिफ्ट हुआ है - वे पहले शुरुआती मतदान को नीचा दिखाते थे और दावा करते थे कि यह धोखाधड़ी है।
राष्ट्रपति चुनाव के बीच शेयर बाजार में उछाल
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग के बीच शेयर बाजार में मजबूती देखी गई है। डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज मंगलवार को 42,221 अंकों पर बंद हुआ। बता दें कि सोमवार के मुकाबले इसमें 427.48 अंकों की बढ़त देखी गई।
मतदान में 'धोखाधड़ी' के ट्रंप के दावे हुए खारिज
रिपब्लिकन और फिलाडेल्फिया के सिटी कमिश्नर सेथ ब्लूस्टीन ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ट्रुथसोशल पर किए गए दावों को खारिज कर दिया है, जहां रिपब्लिकन उम्मीदवार ने दावा किया था कि फिलाडेल्फिया में मतदान केंद्रों में धोखाधड़ी हुई थी। सेथ ब्लूस्टीन, जो फिलाडेल्फिया में मतदान की देखरेख करने वाले तीन अधिकारियों में से एक हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि मतदान सुरक्षित और सुरक्षित था और ट्रंप के दावे 'गलत सूचना' थे।
केंटकी और इंडियाना के कुछ जिलों में पहला मतदान संपन्न
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, केंटुकी और इंडियाना के कुछ जिलों में पहला मतदान संपन्न हो गया है, क्योंकि दोनों राज्यों में मतदान समाप्त हो गया है। वहीं स्विंग राज्य जॉर्जिया के साथ-साथ राज्यों में मतदान आधिकारिक तौर पर शाम 7 बजे समाप्त हो जाएगा।
मिल्वौकी में 30,000 मतपत्रों की फिर से गणना की जाएगी
मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन में 30,000 अनुपस्थित मतपत्रों की गणना सावधानी बरतने के लिए टेबुलेटिंग मशीनों के माध्यम से की जाएगी, क्योंकि इस बात के प्रमाण मिले हैं कि मशीनों में से एक का दरवाजा ठीक से बंद नहीं किया गया था। एक अधिकारी के अनुसार प्रक्रिया को फिर से शुरू करने से गिनती की प्रक्रिया में कई घंटे और लग सकते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मशीन के दरवाजे को बंद करने के बारे में मानवीय भूल को ध्यान में रखते हुए फिर से गणना करनी पड़ी और किसी तरह की छेड़छाड़ का संदेह नहीं था।
फर्जी बम धमकी के कारण जॉर्जिया में रुका रहा मतदान
संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख चुनावी राज्य जॉर्जिया में कम से कम दो मतदान केंद्रों को मंगलवार को फर्जी बम धमकियों के कारण कुछ समय के लिए खाली कराया गया। राज्य के चुनाव अधिकारियों ने इन धमकियों के लिए रूसी एजेंटों को जिम्मेदार ठहराया है। ये धमकियां बाद में झूठी पाई गईं, इसके कारण जॉर्जिया के फुल्टन काउंटी में दो मतदान केंद्रों को खाली कराना पड़ा। लगभग 30 मिनट के बाद दोनों केंद्र फिर से खोल दिए गए। काउंटी ने अदालत में आवेदन किया है कि इन स्थानों के मतदान का समय राज्य के 7 बजे के समय सीमा से आगे बढ़ाया जाए। जॉर्जिया के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ब्रैड रैफेंसपर्गर ने कहा कि चुनाव दिवस पर बम धमकियों के पीछे रूस का हस्तक्षेप है।
10 में से 4 मतदाता अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित- सर्वेक्षण
समाचार एजेंसी एपी की तरफ से शुरू किए गए एक सर्वेक्षण में, 10 में से 4 मतदाताओं ने कहा कि 2024 के चुनावों में मतदान करते समय अर्थव्यवस्था उनके लिए चिंता का विषय थी। 110,000 लोगों के सर्वेक्षण में कई मतदाताओं ने व्यक्त किया कि नौकरियां और स्थिर वित्तीय स्थिति एक ऐसा मुद्दा था जिसने उनके वोट को निर्धारित किया। सर्वेक्षण में 10 में से 6 लोगों ने कहा कि उन्हें लगता है कि अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति खराब है।
मिशिगन के 3.3 मिलियन से ज्यादा नागरिकों ने समय से पहले किया मतदान
मिशिगन के राज्य सचिव कार्यालय ने मंगलवार को खुलासा किया कि राज्य के 3.3 मिलियन से ज्यादा निवासियों ने समय से पहले मतदान किया है। वास्तव में, 2020 में भी 3.3 मिलियन निवासियों ने समय से पहले मतदान किया था। राज्य सचिव कार्यालय ने यह भी बताया कि दोपहर 3 बजे तक, चुनाव के दिन 9,000 से ज्यादा लोगों ने मतदान करने के लिए पंजीकरण कराया था।
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन अमेरिका के कार्यकारी निदेशक ध्रुव जयशंकर कहते हैं, डीसी चुनावों का निरीक्षण करने के लिए एक भयानक जगह है क्योंकि मुझे लगता है कि वाशिंगटन डीसी ही अमेरिका में सबसे विश्वसनीय डेमोक्रेटिक निर्वाचन क्षेत्र है। लेकिन नेवादा से लेकर फ्लोरिडा तक अमेरिका भर से जो रिपोर्ट आ रही हैं, उनके अनुसार अब तक अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में मतदान शुरू हो चुका है। मुझे लगता है कि मतदान पर ध्यान देने वाली बात यह है कि कौन मतदान करने आता है और रुझान क्या है। इसका अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है क्योंकि इसमें कई कारक काम करते हैं। परंपरागत रूप से, उच्च मतदान प्रतिशत डेमोक्रेट्स के पक्ष में रहा है और यह कुछ ऐसा है जो उन्होंने वोट को बढ़ावा देने के लिए अधिक करने की कोशिश की है।
संदिग्ध पैकेज मिलने के बाद दूसरे मतदान केंद्र पर भेजे गए जैक्सनविले के मतदाता
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लोरिडा के जैक्सनविले में मतदाताओं को मतदान केंद्र के बाहर एक संदिग्ध पैकेज मिलने के बाद दूसरे मतदान केंद्र पर भेज दिया गया। क्षेत्र के चुनाव पर्यवेक्षक, जेरी हॉलैंड ने कहा कि लगभग 20 मतदाताओं को 40 मिनट के लिए दूसरे मतदान केंद्र पर भेजा गया, जब तक कि मूल स्थान पर मतदान फिर से शुरू नहीं हो गया। यह पैकेज कथित तौर पर एक बेघर व्यक्ति का था।
डग एमहॉफ की पूर्व पत्नी ने हैरिस को दिया वोट
डग एमहॉफ की पूर्व पत्नी केर्स्टिन एमहॉफॉ ने हैरिस को वोट देने के बाद एक वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, कमला और टिम को वोट देने के बाद लोगों की तरफ से पोस्ट किए गए भावनात्मक वीडियो देखकर मैं बहुत भावुक हो गई हूं। उन्होंने आगे कहा, लाल और नीले राज्यों की हमारी बेटियों, पत्नियों, बहनों के लिए वोट करना। यह वह क्षण है। मैं गर्व से अपनी दोस्त और परिवार कमला हैरिस को वोट देती हूं!।
मैं कमला हैरिस को वोट दूंगा- फलस्तीन समर्थक समूह के सह-संस्थापक
अनकमिटेड नेशनल मूवमेंट के सह-संस्थापक, जो फिलिस्तीन समर्थक समूह है, जिसने गाजा में फलस्तीनियों की दुर्दशा पर डेमोक्रेटिक प्रतिक्रिया के खिलाफ आवाज उठाई है, ने एमएसएनबीसी को घोषणा की कि वह कमला हैरिस को वोट देंगे। अनकमिटेड नेशनल मूवमेंट ने पहले हैरिस का समर्थन न करने का फैसला किया था क्योंकि उन्हें गाजा में संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्धता की कमी दिखी थी। हालांकि, सह-संस्थापक अब्बास अलावीह को उम्मीद है कि मतदाता हिंसा के खिलाफ नीतियां बनाने के लिए हैरिस पर दबाव डाल पाएंगे।
उत्तरी कैरोलिना के दो काउंटी में बढ़ा मतदान का समय
एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी कैरोलिना के चुनाव बोर्ड ने विल्सन काउंटी के गार्डनर्स स्कूल परिसर और बर्क काउंटी के पायलट माउंटेन परिसर में मतदान के समय को 30 मिनट तक बढ़ाने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। तकनीकी समस्याओं का सामना करने के बाद दोनों परिसर मतदान के लिए देर से खुले, लेकिन संबंधित अधिकारियों के अनुसार इस विस्तार से राज्य में परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
एलन मस्क ने टेक्सास के कैमरून काउंटी में वोट डाला
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने टेक्सास के कैमरून काउंटी में अपना वोट डाला है, उन्होंने एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें कैप्शन लिखा है, “स्टारबेस के घर, टेक्सास के कैमरून काउंटी में अभी-अभी वोट डाला!” एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप का 2024 के चुनाव में समर्थन किया है, रिपब्लिकन मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए पेंसिल्वेनिया की रैली में शामिल हुए और अभियान के लिए पीएसी के माध्यम से लाखों डॉलर का दान भी दिया।
मैं चुनावों के नतीजों को स्वीकार करूंगी- कैरी लेक
एरिजोना में सीनेट के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार कैरी लेक ने बताया कि उन्हें कुछ चिंताएं हैं और वह 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को स्वीकार करने को तैयार हैं। दरअसल 2020 में, कैरी लेक ने डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे का समर्थन किया था कि वह गलत तरीके से चुनाव हार गए थे। कैरी लेक ने 2022 के मध्यावधि चुनावों के नतीजों को स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया था।
आयोवा के स्टोरी काउंटी में खराब हुईं वोटिंग मशीनें
जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल आयोवा के स्टोरी काउंटी में कुछ वोटिंग मशीनें खराब हो गई हैं, जिससे चुनाव के नतीजों की रिपोर्टिंग में देरी हो सकती है। आयोवा के राज्य सचिव के कार्यालय के प्रवक्ता ने एपी को बताया कि ऑडिटर और विक्रेता तकनीकी समस्या को हल करने की दिशा में काम कर रहे हैं और आश्वासन दिया कि यह लोगों को अपने मतपत्र डालने से नहीं रोकेगा, लेकिन यह प्रभावित कर सकता है कि परिणाम कितनी जल्दी रिपोर्ट किए जाते हैं।
बम धमकियों के कारण मतदान की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध करेंगे कई काउंटी
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, फुल्टन काउंटी, कॉब काउंटी और ग्विनेट काउंटी कथित तौर पर कुछ स्थानों पर मतदान के समय को बढ़ाने के लिए अदालत से अनुरोध करेंगे, क्योंकि “अविश्वसनीय” बम धमकियों के कारण मतदान में देरी हुई है। वहीं जॉर्जिया के एक अधिकारी ने बताया कि मतदान के समय को बढ़ाने से इन मतदान केंद्रों पर नतीजों की रिपोर्टिंग में भी एक घंटे की देरी होगी।
भारत और अमेरिका को एक-दूसरे की जरूरत- अमेरिकी सांसद
अमेरिकी सांसद और रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य रिचर्ड मैककॉर्मिक कहते हैं, राष्ट्रपति ट्रंप के प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और प्रधानमंत्री मोदी कुछ समय तक उनके साथ रहने वाले हैं। वे दोनों ही बहुत ही व्यवसायिक हैं, वे दोनों ही व्यवसाय के पक्षधर हैं। मुझे लगता है कि वे मिलकर विश्व अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा सकते हैं। मुझे लगता है कि अगले पांच वर्षों में भारत की जीडीपी तीसरी सबसे बड़ी होगी, जो हमारे व्यापार के लिए अच्छा है, जो हमारे मानकों और दुनिया को देखने के हमारे नजरिए के लिए अच्छा है। भारत एक महान सहयोगी है, उस क्षेत्र में एक रणनीतिक सहयोगी है... हमें एक दूसरे की जरूरत है।
अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव- संभावित अशांति को लेकर डीसी में कैफे, स्टोर, इमारतें बंद
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दिन व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर, 17वीं स्ट्रीट पर मैकडॉनल्ड्स आउटलेट पूरी तरह बंद है और दरवाजे पर एक कटआउट है जो आगंतुकों को आश्वस्त करता है कि यह व्यवसाय के लिए खुला है। चुनाव के दिन वाशिंगटन, डीसी में ऐसा करने वाला यह एकमात्र स्टोर नहीं है। कई कैफे और रेस्तरां बाहर से बंद हैं, लेकिन फिर भी वे खुले रहने का वादा कर रहे हैं। जैसे-जैसे अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं, राजधानी मंगलवार और उसके बाद संभावित अशांति के लिए खुद को तैयार कर रही है।
कैरोलीन पोलाक वर्जीनिया में रहती हैं और वाशिंगटन डीसी का दौरा करने आई हैं। उन्होंने कहा- मैं सड़क के नीचे एक कॉफी शॉप में गई, उन्होंने एहतियात के तौर पर सभी खिड़कियों पर बोर्ड लगा दिए हैं। लेकिन यह सब दुखद है, किसी को ऐसा क्यों करना चाहिए। केवल कैफे और स्टोर ही नहीं हैं, बल्कि सरकारी इमारतों को भी बोर्ड या बाड़ से घेरा गया है। पेंसिल्वेनिया एवेन्यू पर यूनाइटेड स्टेट्स पोस्ट ऑफिस की इमारत में, कार्यकर्ता बड़ी प्लाईवुड शीट लगा रहे हैं और बाहर से एक कवर बना रहे हैं।
हिंदू मतदाताओं का समर्थन पाने के लिए ट्रंप-हैरिस में प्रतिस्पर्धा
अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ के अंतिम चरण में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टियों के लिए हिंदू अमेरिकी एक महत्वपूर्ण मतदाता समूह के रूप में उभरे हैं, जिसे दोनों अभियान और राजनीतिक पंडित बहुत करीबी मानते हैं। रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस दोनों के अभियान हिंदू मतदाताओं का समर्थन जीतने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्रपति जो बाइडन ने व्हाइट हाउस में अब तक की सबसे बड़ी दिवाली पार्टी की मेजबानी की, जिसमें देश भर से लगभग 600 प्रभावशाली भारतीय अमेरिकियों को आमंत्रित किया गया। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़, जो उपराष्ट्रपति हैरिस के साथी हैं, दिवाली मनाने के लिए युद्ध के मैदान पेंसिल्वेनिया में एक हिंदू मंदिर गए। पहली बार, एक उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने एक हिंदू मंदिर का दौरा किया है, एक ऐसा कदम जिसने प्रमुख युद्ध के मैदान पेंसिल्वेनिया में हिंदू समुदाय के एक महत्वपूर्ण हिस्से को उत्साहित किया है।
वहीं रिपब्लिकन पक्ष की ओर से, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल और एक्स पर एक लंबा बयान जारी किया जिसमें उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों पर टिप्पणी की, जो हिंदू अमेरिकियों के दिल के करीब का मुद्दा है। उन्होंने अमेरिका और विश्व स्तर पर हिंदू समुदाय के अधिकारों की रक्षा के बारे में भी बात की, जिसका हिंदू अमेरिकियों ने स्वागत किया।
प्रीसिंक्ट में भारी संख्या में किया जा रहा मतदान- ब्रैडली
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकक रॉसलिन प्रीसिंक्ट के मुख्य चुनाव अधिकारी ब्रैडली हेनोचस्टीन कहते हैं, यह पहला चुनाव है जिसमें हमने उसी दिन पंजीकरण करवाया... जब से मैं मतदान कर्मी बना हूं, तब से यह सबसे अधिक मतदान वाला चुनाव है। इस साल हमारे पास काफी संख्या में मतदाता जल्दी आए। इस प्रीसिंक्ट के लगभग 40% लोगों ने जल्दी मतदान किया... हमें पूरे काउंटी में 80-90% मतदान की उम्मीद है, लेकिन इस प्रीसिंक्ट में आज कम से कम 1500-2000 मतदाता होंगे।
अमेरिकी चुनाव के नतीजे कई दिनों तक पता नहीं चल सकते: हैरिस अभियान
राष्ट्रपति पद के लिए कड़ी टक्कर के बीच उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के अभियान ने चेतावनी दी है कि नतीजों में कई दिन लग सकते हैं, क्योंकि कई राज्यों में वोटों की गिनती अलग-अलग समय पर होगी और करीबी नतीजों के कारण अंतिम निर्णय में देरी हो सकती है। हैरिस फॉर प्रेसिडेंट के अभियान अध्यक्ष जेन ओ'मैली डिलन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रभावशाली लोगों को एक ईमेल में लिखा, हमें इस चुनाव के नतीजे कई दिनों तक पता नहीं चल सकते हैं, उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें लंबी दौड़ के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों के अभियान हर वोट के लिए लड़ रहे हैं, खासकर एरिजोना, नेवादा, विस्कॉन्सिन, मिशिगन, पेंसिल्वेनिया, उत्तरी कैरोलिना और जॉर्जिया के सात प्रमुख राज्यों में। सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी और विपक्षी रिपब्लिकन ने वोट-गिनती प्रक्रिया का हिस्सा बनने और अगर जरूरत पड़ी तो चुनौती देने और कानूनी लड़ाई शुरू करने के लिए सैकड़ों वकीलों और हजारों स्वयंसेवकों को तैनात किया है।
'यह अमेरिकी इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन होगा': ट्रंप
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रिपब्लिकन उम्मीदवार ने मंगलवार को - मतदान के दिन - घोषणा की कि यह "अमेरिकी इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन" होगा। ट्रंप ने अपने समर्थकों को एक ईमेल में यह टिप्पणी की, जब लाखों अमेरिकी देश भर में मतदान केंद्रों के सामने अपने मताधिकार का प्रयोग करने और अपने अगले राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए कतार में खड़े होने लगे।
ट्रंप ने कहा, अब आधिकारिक तौर पर चुनाव का दिन है! यह अमेरिकी इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन होगा। मतदाताओं का उत्साह चरम पर है क्योंकि लोग अमेरिका को फिर से महान बनाना चाहते हैं। इसका मतलब है कि कतारें लंबी होने वाली हैं! आपको अपना वोट देने की ज़रूरत है, चाहे कितना भी समय लगे। लाइन में बने रहें!
रविवार तक, 80 मिलियन से अधिक लोगों ने मतदान किया था। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में मतदान किया। वहीं हैरिस ने मेल-इन-बैलेट के जरिए मतदान किया, जबकि राष्ट्रपति जो बाइडन ने पिछले हफ्ते डेलावेयर में शुरुआती मतदान किया था। इस चुनाव को दशकों में व्हाइट हाउस के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव -मतदान केंद्रों की ओर पहुंच रहे लाखों लोग
अमेरिका में मंगलवार को लाखों लोग 47वें राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए पूरे अमेरिका में मतदान केंद्रों की ओर पहुंच रहे हैं। यह चुनाव रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के बीच है। यह चुनाव दशकों में व्हाइट हाउस के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
यह चुनाव कई हफ्तों तक गतिरोध में रहा, जिसमें कुछ चुनाव पूर्वानुमानकर्ताओं ने 60 उपराष्ट्रपति हैरिस को पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप, पर पेंसिल्वेनिया जैसे कुछ प्रमुख युद्धक्षेत्र राज्यों में बढ़त दी।
अपने अभियान रैलियों में कमला हैरिस ने कहा कि मध्यम वर्ग का समर्थन करना, 100 मिलियन से अधिक अमेरिकियों को लाभ पहुंचाने के लिए कर कटौती करना, किफायती आवास सुनिश्चित करना और महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की रक्षा के लिए गर्भपात पर प्रतिबंध हटाना राष्ट्रपति के रूप में उनकी शीर्ष प्राथमिकताएं होंगी।
अपनी ओर से, ट्रंप ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प लिया है, ऊर्जा लागत को कम करने का वादा किया है, विदेशी वस्तुओं, विशेष रूप से चीन से आयात पर उच्च टैरिफ का प्रस्ताव दिया है और एक प्रमुख निर्वासन कार्यक्रम शुरू करके अमेरिका को सभी अनिर्दिष्ट अप्रवासियों से छुटकारा दिलाने की कसम खाई है।
जीतने के बाद सबसे पहले ये काम करेंगी कमला हैरिस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने मंगलवार को कहा कि अगर वह राष्ट्रपति चुनी जाती हैं, तो उनका पहला काम जीवन-यापन की लागत को कम करना, टूटी हुई आव्रजन प्रणाली को ठीक करना, उद्योग में निवेश करना और चीन के साथ प्रतिस्पर्धा जीतना होगा। कमला हैरिस ने मंगलवार को एक शो में कहा- लोगों के लिए जीवन-यापन की लागत को कम करना। मेरे पास योजनाओं का एक पैकेज है जो इस समस्या को हल करता है।
हैरिस ने आगे कहा, हम 21वीं सदी में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हैं। और स्पष्ट रूप से, हम 21वीं सदी के लिए चीन के साथ प्रतिस्पर्धा जीतते हैं। इसलिए ये मेरी प्राथमिकताएं हैं। आव्रजन पर एक सवाल का जवाब देते हुए, उन्होंने दोहराया कि यह एक टूटी हुई आव्रजन प्रणाली है। मुझे लगता है कि किसी के मन में कोई सवाल नहीं है, हमें इसके बारे में ईमानदार और सीधा होना चाहिए। हमारे पास एक टूटी हुई आव्रजन प्रणाली है। यह स्पष्ट रूप से डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन प्रशासन के माध्यम से लंबे समय से टूटी हुई है, और हम इसे ठीक कर सकते हैं।
अमेरिका में जारी मतदान के बीच वर्जीनिया में डेमोक्रेटिक पार्टी पोल ऑब्जर्वर ट्रुशा निकोरे ने कहा, 'यहां मेरी भूमिका स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है। मैं यहां पोल कार्यकर्ताओं और चुनाव अधिकारियों के साथ प्रक्रिया का निरीक्षण करने आई हूं... एशियाई अमेरिकियों के लिए चार एफ महत्वपूर्ण हैं- स्वतंत्रता, लड़ाई, फोकस, आगे बढ़ना (Freedom, Fight, Focus, Forward) एशियाई अमेरिकियों के लिए एक और महत्वपूर्ण मुद्दा जलवायु परिवर्तन है। न केवल इस देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर यह एक संकट है... यहां लगभग आधे निर्वाचन क्षेत्र में पहले ही मतदान हो चुका है।
अमेरिका में जारी मतदान के बीच भारतीय-अमेरिकी व्यवसायी संत सिंह चटवाल ने कहा, 'ट्रंप के मोदी जी के साथ बहुत अच्छे संबंध थे। लेकिन कमला हैरिस को कम मत आंकिए। मुझे दृढ़ता से लगता है कि वह भारत की अपनी यात्रा का इंतजार कर रही हैं... मैं बहुत सकारात्मक हूं कि अमेरिका भारत के साथ बहुत करीबी संबंध विकसित करना चाहेगा, चाहे वह ट्रंप हो या कमला हैरिस दोनों के भारत के साथ बहुत मजबूत संबंध होंगे।'
अटलांटिक काउंसिल के मध्य पूर्व कार्यक्रमों के नॉन-रेजिडेंट सीनियर फेलो कपिल शर्मा ने अमेरिका में जारी मतदान के बीच कहा, 'दोनों नेताओं को (भारत के प्रति) दोस्ताना रवैया अपनाना होगा। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई विकल्प है। अगले 20-30 सालों में भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी और यह ऐसा देश नहीं है जिसे आप नजरअंदाज कर सकें।
अमेरिकी में जारी मतदान के बीच यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम के अध्यक्ष और सीईओ, मुकेश अघी ने कहा, परिणाम को लेकर चिंता और अनिश्चितता की भावना है...चुनावों के परिणामों का न केवल अमेरिका में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रभाव पड़ेगा। हमें उम्मीद है कि यह बहुत करीबी मुकाबला होगा। 50% से अधिक मतदाता पहले ही अपना वोट डाल चुके हैं, जिसका अर्थ है कि लोग पहले से ही आश्वस्त हैं कि उनके उम्मीदवार कौन हैं।
रिपब्लिकन उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने ओहियो में वोट डाला। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक वेंस ने ओहियो राज्य से सिनसिनाटी के सेंट एंथोनी ऑफ पादुआ चर्च में अपना वोट डाला। वोट डालने के बाद, वेंस ने पत्रकारों से कहा, वे उन लोगों के आभारी हैं जो वोट देने आए और साथ ही 'अमेरिकी लोकतंत्र की महान परंपराओं में से एक' के साक्षी बने।
राष्ट्रपति चुनाव 2024 के लिए अमेरिका के वर्जीनिया में रॉसलिन स्थित एक मतदान केंद्र पर स्थानीय लोग अपना वोट डालने पहुंचे।
अमेरिका में जारी मतदान के बीच वर्जीनिया में एक मतदाता पॉल लुंडबर्ग ने कहा कि वे सत्ताधारी दल के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं एलन मस्क से सहमत हूँ कि मतगणना में आगे कुछ बहुत कठिन समय देखना पड़ सकता है।'
पिछले चार सालों में हमारे देश की प्रगति को जारी रखने वाले को मिलेगा वोट
वर्जीनिया के ही एक अन्य मतदाता सीजे स्टोवेल ने कहा कि बहुत से लोग स्थिरता की तलाश में हैं। मेरा मानना है कि हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। मैं एक ऐसे व्यक्ति को वोट दे रहा हूँ जो पिछले चार सालों में हमारे देश की प्रगति को जारी रखेगा।
अर्कांसस में भी आधिकारिक तौर पर मतदान शुरू हो चुका है। इसी के साथ 30 से अधिक अमेरिकी राज्यों में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है। मिसिसिपी और नॉर्थ डकोटा जैसे राज्यों में मतदान शुरू होने के कुछ समय बाद अर्कांसस में वोटिंग शुरू हुई है। यहां कैलिफोर्निया (54) और न्यूयॉर्क (28) जैसे अधिक आबादी वाले राज्यों की तुलना में कम वोटर हैं, लेकिन इस राज्य पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आधे से अधिक अमेरिकी राज्यों में मतदान शुरू हो चुका है। टेक्सास और विस्कॉन्सिन जैसे महत्वपूर्ण स्विंग राज्य सहित अलबामा, आयोवा, कंसास, मिनेसोटा, मिसिसिपी, नॉर्थ डकोटा, ओक्लाहोमा, साउथ डकोटा, टेक्सास और विस्कॉन्सिन के मतदाता घरों से बाहर निकल रहे हैं। लोगों के बीच मतदान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
अमेरिका में मतदान को लेकर सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे से कनेक्टीकट में मतदान शुरू हुआ। इंडियाना और केंटकी में मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा। मैन (Maine) के लगभग सभी मतदान केंद्र सुबह 6 बजे से 8 बजे के बीच खुलते हैं।
न्यू हैम्पशायर में मतदान सुबह 6 से 11 बजे के बीच शुरू होगा। डिक्सविले नॉच में आधी रात को भी मतदान हुआ। न्यूजर्सी, न्यूयॉर्क और वर्जीनिया में सुबह 6:30 बजे से मतदान शुरू होगा। ओहियो, उत्तरी कैरोलिना और पश्चिम वर्जीनिया में मतदान सुबह 5 बजे से लेकर 10 बजे तक हो सकते हैं।
अलबामा, डेलावेयर, वाशिंगटन, डीसी, जॉर्जिया, इलिनोइस, कैनसस, मिशिगन, एरिजोना और फ्लोरिडा के मतदान केंद्र अमेरिकी समयानुसार सुबह 8 बजे खुलेंगे।
मिनेसोटा में जहां 500 से कम पंजीकृत मतदाता होंगे, वहां मतदान स्थल सुबह 11 बजे तक खुल सकते हैं। इसके अलावा टेक्सास, विस्कॉन्सिन में सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होने की संभावना है।
अमेरिका में पूर्वी तट पर मतदान शुरू हो चुका है। वर्मोंट में सबसे पहले मतदान शुरू हुआ है। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 5 बजे मतदान शुरू हो गया। अगले कुछ घंटों में, न्यूयॉर्क और वर्जीनिया सहित अन्य राज्यों में भी मतदान शुरू होगा। धीरे-धीरे पूरे देश में मतदान होगा।
राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार अभियान में अंतिम रैली को संबोधित करते हुए रिपब्लिकन प्रत्याशी ट्रंप ने दावा किया कि इस साल उन्होंने ‘900 से अधिक रैलियां’ कीं। उन्होंने ग्रैंड रैपिड्स, मिशिगन में लगभग दो घंटे तक बोलने के बाद अंतिम रैली समाप्त की। मिशिगन अमेरिका के सात स्विंग राज्यों में से एक है, जहां के वोट दोनों पक्षों के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं।
इस बीच अमेरिका में पहले चुनावी नतीजे आ चुके हैं। हालांकि, इसमें डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस किसी को भी जीत नहीं मिली। न्यू हैंपशर स्थित छोटे शहर डिक्सविल नॉच में सबसे पहले वोटिंग शुरू हुई थी। 12 बजे शुरू हुई वोटिंग 12.15 पर खत्म भी हो गई। वजह थी यहां रहने वाले महज छह लोग। इनमें से तीन वोट कमला हैरिस को और तीन ही वोट डोनाल्ड ट्रंप को मिले हैं।
अमेरिका में इस बार के राष्ट्रपति चुनाव को सबसे कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप को लेकर वोटर काफी बंटे हुए हैं। हर वर्ग से डेमोक्रेट पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी को मिलने वाले समर्थन को लेकर सर्वे में अलग-अलग दावे हुए हैं। इस बीच दोनों प्रत्याशियों को लेकर अमेरिका में रहने वाले भारतवंशियों की राय भी काफी बंटी हुई है। जहां लोग डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं उनकी आव्रजन नीतियों को लेकर संशय की स्थिति में हैं। दूसरी तरफ कमला हैरिस की नेतृत्व क्षमता से भारतीय-अमेरिकी काफी प्रभावित हैं, हालांकि कुछ अन्य मुद्दों में डेमोक्रेट उम्मीदवार के मुखर न होने को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
विश्व के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र में से एक अमेरिका 5 नवंबर को अपना चार साल का भविष्य चुनेगा। चुनाव से पहले अंतिम दिनों में राष्ट्रपति चुनाव के दो सबसे बड़े उम्मीदवारों उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मतदाताओं को अपनी-अपनी ओर रिझाने की भरपूर कोशिश की। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों उम्मीदवारों ने एक-दूसरे को घेरने के लिए तमाम मुद्दों का भी सहारा लिया।
आइये जानते हैं अमेरिका में चुनाव के मुद्दे कौन से हैं? अमेरिकी लोगों के लिए कौन से मुद्दे कितने अहम हैं? जनता के सामने किस पार्टी ने किस विषय को रखा?
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के अर्ली वोटिंग के आंकड़ों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की प्रचार टीम ने बड़ा दावा किया है कि। उन्होंने कहा कि आंकड़े यह संकेत देते हैं कि सत्तासीन डेमोक्रेटिक पार्टी मतदान में भारी कमी का सामना कर रही है। अर्ली वोटिग के जरिए सोमवार तक आठ करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। कुछ अहम राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक मतदाता पहले ही मतदान कर चुके हैं।
विश्व का सबसे पुराना लोकतंत्र अमेरिका में राष्ट्रीय चुनाव के लिए तैयार है। अमेरिकी मतदाता 5 नवंबर को अपना चार साल का भविष्य चुनेगा। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच है। चुनाव के दिन से पहले ही करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं और प्रारंभिक मतदान के आंकड़े आने शुरू हो गए हैं। यह मतदान डाक और अन्य माध्यमों से किया जा रहा है। हालांकि, अमेरिका में मतदान के तरीके का एक लंबा, कभी-कभी उतार-चढ़ाव भरा इतिहास रहा है। उम्मीदवारों के नाम पुकारने से लेकर इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग तक जैसे कई माध्यमों से लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है।
आइये जानते हैं कि अमेरिकी चुनावों में मतदान कैसे होता रहा है? इसमें क्या-क्या तरीके अपनाए गए? नई व्यवस्था कब से लागू है? इस चुनाव में लोग कैसे मतदान कर रहे हैं? आइये जानते हैं...
अमेरिका में मंगलवार को आम चुनाव है। अमेरिकी नागरिक राष्ट्रपति और संसद सदस्यों (कांग्रेस) को अप्रत्यक्ष रूप से चुनने के लिए मतदान में हिस्सा लेंगे। वास्तव में अमेरिकी लोग सीधे तौर पर वोट नहीं देते कि वे किसे राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। इसके बजाय वे एक समूह के सदस्य यानी इलेक्टोरल कॉलेज के लिए वोट करते हैं। बाद में इलेक्टोरल कॉलेज के सदस्य 'इलेक्टर' राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। इलेक्टोरल कॉलेज एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें कम वोट पाने वाला उम्मीदवार भी चुनाव जीत सकता है। अमेरिकी इतिहास में पांच राष्ट्रपति हुए हैं जिन्होंने जनता द्वारा दिए गए 'पापुलर वोट' जीते बिना राष्ट्रपति का चुनाव जीता है। ऐसा करने वाले सबसे हाल के राष्ट्रपति 2016 में डोनाल्ड ट्रंप थे।
अपनी स्थापना के बाद से ही अमेरिका राष्ट्रपति के चुनाव में इलेक्टोरल कॉलेज का इस्तेमाल करता रहा है। यह कैसे काम करता है, इसका इतिहास क्या है और राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों में मतदाता क्या भूमिका निभाते हैं, इसके बारे में जानते हैं...
वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने एक मीडिया ग्रुप से साक्षात्कर में कहा, ‘‘यह हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव है।’’ उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप अमेरिका के आधारभूत मूल्यों के लिए कैसे खतरनाक साबित हो सकते हैं।
अमेरिका में मंगलवार को सुबह कई राज्यों में मतदान शुरू हो गया। इससे पहले अमेरिका भर में प्रारंभिक मतदान और डाक से मतदान पर नजर रखने वाले फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के ‘इलेक्शन लैब’ के अनुसार, 7.8 करोड़ से अधिक अमेरिकी पहले ही अपने वोट डाल चुके हैं। आज देशभर के करीब 25 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
अपनी आक्रामक बयानबाजी के लिए पहचाने जाने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन नॉर्थ कैरोलाइना, पेंसिलवेनिया और मिशिगन में रैलियां कीं, जबकि हैरिस ने फिलाडेल्फिया और पेंसिलवेनिया के पिट्सबर्ग में समर्थकों को संबोधित किया।
अमेरिका में आज राष्ट्रपति चुनाव होना है। यहां पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वर्तमान उपराष्ट्रपति कमला हैरिस में कड़ा मुकाबला है। इस दिन का दोनों ही उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को बेसब्री से इंतजार था। इस बीच जानकारी सामने आई है कि भारतीय मूल की हैरिस की जीत के लिए सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि भारत में भी उनके समर्थक प्रार्थनाएं कर रहे हैं। हैरिस का भारत से बहुत गहरा नाता है। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। दोनों पार्टियों के समर्थकों ने भी जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया। इनमें एक नाम टेस्ला और स्पेस-एक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क का भी रहा, जिन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने के बाद वोटरों को अपने अभियान से जोड़ने के लिए लॉटरी तक का एलान कर दिया। मस्क ने शर्त रखी कि संविधान के समर्थन में उनकी याचिका पर हस्ताक्षर करने वाले लॉटरी विजेता को 10 लाख डॉलर तक इनाम दिया जाएगा। हालांकि, अब यह खुलासा हुआ है कि इस लॉटरी में जीतने वाले लोग 'कहीं से भी' या 'कोई भी' नहीं होता था, बल्कि लॉटरी में ऐसे शख्स को चुना जाता था, जो कि मस्क के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अच्छा प्रवक्ता साबित हो। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका के सबसे संपन्न और पढ़े लिखे समुदायों में भारतवंशी शीर्ष पर हैं। गौर करने वाली बात ये है कि अब भारतवंशी, अमेरिकी राजनीति में भी अपनी पकड़ बना रहे हैं और बड़ी संख्या में चुनावी राजनीति का हिस्सा बन रहे हैं। अमेरिका में अभी विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के साथ ही स्थानीय निकाय के चुनाव भी चल रहे हैं। इन चुनावों में तीन दर्जन से भी ज्यादा भारतवंशी उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान शुरू हो जाएगा। जहां पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त अमेरिका में कमला हैरिस बनाम डोनाल्ड ट्रंप की जंग पर है, वहीं अमेरिकी नागरिकों को इन चुनावों में कई सांसदों को भी चुनना है। दरअसल, अमेरिका में हर दो साल में संसद के निचले सदन- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और उच्च सदन- सीनेट की कुछ सीटों पर चुनाव होते हैं। 2024 में भी राष्ट्रपति चुनाव के साथ संसदीय चुनाव होने हैं। जहां राष्ट्रपति चुनाव में इस बार भारतीय मूल की कमला हैरिस मुकाबले में हैं, वहीं नौ से ज्यादा भारतवंशी संसदीय चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं। डेमोक्रेट पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को वोटिंग शुरू होने से पहले जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। इस बीच अमेरिका से करीब 10 हजार किलोमीटर दूर उत्तर कोरिया ने इस मौके के बीच अपने पड़ोसियों को धमकाना जारी रखा है। मंगलवार को ही उत्तर कोरिया की तरफ से छोटी रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। इन मिसाइलों से किसी देश को निशाना नहीं बनाया गया, हालांकि यह सभी कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच समुद्र में गिरीं। इसके चलते जापान को अलर्ट तक जारी करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की रेस कितनी मुश्किल और करीबी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां फिलहाल पत्रकारों को भी नतीजों का अंदाजा नहीं है। एक अमेरिकी पत्रकार क्रिस्चियन कैरिल ने कहा कि अमेरिकी चुनाव बहुत करीबी हैं और इसके विजेता का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल। उन्होंने कहा कि ट्रंप समर्थकों ने इन चुनावों को और संशय से भर दिया है।
तमिलनाडु: थुलसेंद्रपुरम में प्रार्थना की गई
अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस की जीत के लिए उनके पैतृक गांव थुलसेंद्रपुरम में प्रार्थना की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 5 नवंबर को होने वाले हैं, जिसमें हैरिस का मुकाबला पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप से होगा।