मुख्तार के संबंधी शव का अंतिम दर्शन कर रहे हैं। आज सुबह 10 बजे मुख्तार सुपुर्दे-ए-खाक होगा।
मुख्तार का शव गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद स्थित उसके पैतृक निवास पर पहुंच गया है। 4:43 बजे शव का काफिला बांदा से निकला जो 1:15 बजे गाजीपुर के मुहम्मदाबाद में मुख्तार के आवास पर पहुंचा। बताया जा रहा है कि घर के पीछे के रास्ते शव लाया गया है।
मुख्तार अंसारी का शव लेकर एम्बुलेंस गाजीपुर शहर के अंदर पहुंच गई है। यहां लोगों की भारी भीड़ लगी है।
मुख्तार अंसारी का काफिला गाजीपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर चुका है।
संदहां से उमरहां, डुबकियां होते हुए चौबेपुर बाईपास से होते हुए चंद्रावती,कैथी, वाराणसी गाजीपुर की सीमा राजवारी पहुंचेगा मुख्तार का काफिला। कैथी टोल प्लाजा पर वाहनों को पास करने का निर्देश अधिकारियों ने दिया है।
मुख्तार का काफिला चौबेपुर इलाके के संदहा रिंग रोड पहुंच गया है। संदहां चौराहें पर प्रभारी निरीक्षक विद्या शंकर शुक्ला मय फोर्स के साथ तैनात हैं। चौबेपुर बाईपास रोड बनकट के पास फोर्स तैनात, वाराणसी गाजीपुर की सीमा राजवारी पर कैथी चौकी इंचार्ज संजय राय के साथ पुलिस तैनात है।
मुख्तार अंसारी के निधन पर उनके बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी ने कहा, "हमें काफी देरी से शव मिला इसलिए आज रात संभव नहीं है कि मिट्टी दी जा सके। यह कल सुबह किया जाएगा। मैं सभी से उनके लिए प्रार्थना करने का अनुरोध करता हूं।"
लालानगर टोल प्लाजा से मुख्तार अंसारी के शव का काफिला गुजरा। ऊंज सीमा बॉर्डर पहुंचने के पहले वाराणसी-प्रयागराज की राष्ट्रीय राजमार्ग की लाइट काट दी गई थी। लगभग 35 गाड़ी का काफिला रहा। सुरक्षा व्यवस्था में ज्ञानपुर क्षेत्राधिकार प्रभात राय के साथ जगह-जगह पुलिस बल तैनात रही। बाइक से मुख्तार अंसारी के भतीजे व विधायक शोहेब अंसारी मानू निकले हैं।
मुख्तार अंसारी का काफिला भदोही सीमा के थाना क्षेत्र उजॅ के बॉर्डर भीटी पहुंच गया है।
माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद गाजीपुर की सड़कों पर जहां शुक्रवार की सुबह से खामोशी सी छाई थी, वहां शाम छह बजे के बाद लोगों की भीड़ जुटने लगी। माफिया मुख्तार के जनाजे के काफिले के इंतजार में लोग राह निहार रहे हैं। पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शव आज रात गाजीपुर पहुंच जाएगा, लिहाजा कल जिले के कालीबाग स्थित पुश्तैनी कब्रिस्तान पर मुख्तार अंसारी का शव दफनाया जाएगा।
बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि मुख्तार अंसारी की मौत संदेह के घेरे में है। न्यायालय को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। बदायूं से सपा प्रत्याशी शिवपाल यादव ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में ये बातें कहीं।
गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत पर उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष और विधायक पंकज सिंह ने कहा, "विपक्ष बातें कहता रहता है। विपक्ष को कोई गंभीरता से नहीं लेता। पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। सबकुछ साफ हो जाएगा।"
मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने बताया कि "हमने लिखित में दिया है कि दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों से पपोस्टमार्टम करवाया जाए। हमें यहां की चिकित्सा प्रणाली और शासन-प्रशासन पर विश्वास नहीं है। पंचनामे की सारी चीजें हो गई हैं। DM को फैसला करना है।
कार्डियक अरेस्ट के बाद मुख्तार अंसारी की मौत पर उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP विक्रम सिंह ने कहा, "न्यायिक अभिरक्षा में यदि किसी की भी मृत्यु होती है तो ये एक गंभीर विषय है और उसके बारे में एक प्रक्रिया बनी हुई है... जब मुख्तार अंसारी पंजाब से उत्तर प्रदेश…
मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने बांदा के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि उनके पिता का पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से कराया जाए। अपने पत्र में अंसारी ने लिखा है कि उनके परिवार को बांदा की चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है।
माफिया मुख्तार अंसारी के परिवार ने आरोप लगाया है कि बांदा जेल में दोपहर के खाने में जहर दिया गया। शासन प्रशासन उसकी हत्या कराना चाहता था। जिसके बाद अब मुख्तार अंसारी की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं।
कासगंज जेल में बंद बाहुबली विधायक अब्बास की पत्नी निकहत ने ससुर मुख्तार की मौत से एक दिन पहले अपने पति से मुलाकात की थी। करीब तीस मिनट तक दोनों की बात हुई। उधर जब मुख्तार की मौत की खबर मिली तो उनका पूरा परिवार अब्बास की पैरोल के लिए इलाहबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है।
दिल्ली: गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत पर CPI(M) नेता बृंदा करात ने कहा, उनकी(मुख्तार अंसारी) मौत हिरासत में हुई है और मौत होने से पहले उन्होंने कई बार बताया कि उन्हें धीमे-धीमे जहर दिया जा रहा है। निश्चित तौर पर ये बहुत संदिग्ध परिस्थिति है जिसमें उनकी मृत्यु हुई। कोई अगर डॉन है और उसके खिलाफ बहुत सारे मामले दर्ज हैं तो न्याय की प्रक्रिया के अनुसार सजा मिलनी चाहिए, बार-बार बीमार हो रहे थे, बार-बार कह रहे थे कि धीमा जहर दिया जा रहा है लेकिन इसमें कोई जांच नहीं की गई।
गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत पर JDU नेता के.सी. त्यागी ने कहा कि मुख्तार अंसारी एक आपराधिक प्रवृत्ति के नेता थे। दुर्भाग्य से वे लोकसभा और विधानसभा के भी सदस्य रह चुके थे। उनकी मृत्यु ने पूर्वांचल की राजनीति में काफी उथल-पुथल की है। सपा को इसे अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनाना चाहिए नहीं तो चुनाव में समाजवादी पार्टी को भारी नुकसान होगा।
डॉन मुख्तार अंसारी की मौत पर पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय ने कहा कि मैं क्या कह सकती हूं? यह भगवान का आशीर्वाद है। मैं न्याय के लिए उनसे प्रार्थना करती थी और आज न्याय मिल गया है। हमें घटना (हत्या) के बाद कभी होली नहीं मनाई, मुझे लगा कि आज हमारे लिए होली है।
वहीं, पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय कहते हैं, मुझे और मेरी मां को बाबा विश्वनाथ और बाबा गोरखनाथ का आशीर्वाद मिला है। डॉन मुख्तार अंसारी की मौत पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आ रही हैं। अखिलेश यादव, मायावती समेत कई नेताओं ने मुख्तार की मौत की जांच की मांग की है।
गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत पर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक अलग तरह का प्रदेश बन गया है। मौत और हत्या का फर्क मिट गया है। मौत और हत्या का फर्क जब मिट जाए तो अराजकता होती है।
मुख्तार अंसारी की मौत पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि लोग जो संदिग्ध मौत की बात कहते हैं, वो जांच का विषय है। जांच में सत्यता के आधार पर बयान करना चाहिए। आज के दिन विज्ञान पर भरोसा करना चाहिए। फॉरेंसिक रिपोर्ट पर ही विश्वास किया जा सकता है। किसी की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि "हर हाल में और हर स्थान पर किसी के जीवन की रक्षा करना सरकार का सबसे पहला दायित्व और कर्तव्य होता है। सरकारों पर निम्नलिखित हालातों में से किसी भी हालात में, किसी बंधक या क़ैदी की मृत्यु होना, न्यायिक प्रक्रिया से लोगों का विश्वास उठा देगा
थाने में बंद रहने के दौरान
जेल के अंदर आपसी झगड़े में
जेल के अंदर बीमार होने पर
न्यायालय ले जाते समय
अस्पताल ले जाते समय
अस्पताल में इलाज के दौरान
झूठी मुठभेड़ दिखाकर
झूठी आत्महत्या दिखाकर
किसी दुर्घटना में हताहत दिखाकर ऐसे सभी संदिग्ध मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए। सरकार न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर जिस तरह दूसरे रास्ते अपनाती है वो पूरी तरह ग़ैर क़ानूनी हैं। जो हुकूमत जिंदगी की हिफ़ाज़त न कर पाये उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक़ नहीं। उप्र ‘सरकारी अराजकता’ के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। ये यूपी में ‘क़ानून-व्यवस्था का शून्यकाल है।
इसके बाद कोखराज हंडिया बाईपास से भदोही और भदोही से वाराणसी होते हुए गाजीपुर जाने का रूट तैयार किया गया है। एम्बुलेंस के साथ पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी रहेंगे। साथ ही, परिवार के लोगों की गाड़ियां काफिले के बीच में चलेंगी। आज ही मुख्तार को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
वहीं, पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर गाजीपुर के लिए रवाना कर दिया जाएगा। इसके लिए बांदा से गाजीपुर का रूट प्लान तैयार किया गया। 400 किमी के सफर में 26 गाड़ियों का काफिला रहेगा। बांदा से फतेहपुर, कौशांबी होते हुए प्रयागराज में एंट्री होगी।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले पांच डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जानी थी। लेकिन अब यह तय हुआ कि दो डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम कर रही है। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। बिसरा भी सुरक्षित रखा जाएगा।
मुख्तार अंसारी का बेटा उमर अंसारी हॉस्पिटल पहुंच गया है। उमर के साथ उसके तीन रिश्तेदार भी हैं। पंचनामा होने के बाद पोस्टमार्टम शुरू हो गया है।
मुख्तार अंसारी का पार्थिव शव शनिवार की दोपहर में आने की संभावना है। परिजनों के मुताबिक उनके शव को गाजीपुर के पैतृक कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। यह कब्रिस्तान उनके घर से करीब चार सौ मीटर दूर है। इसी कब्रिस्तान में उनके पार्थिव शव को सुपुर्दे खाक किया जाएगा
मुख्तार की मौत के दो घंटे बाद यानि साढ़े बारह बजे के आसपास उसके शव को मेडिकल कॉलेज से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया। शव के पोस्टमार्टम पहुंचते ही सारा फोर्स भी वहीं तैनात हो गया। पूरे पोस्टमार्टम हाउस की घेराबंदी कर दी गई। बैरिकेडिंग भी लगा दी गई। रात में पोस्टमार्टम शुरू नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि मुख्तार के परिजन के सामने आज यह प्रकिया की जाएगी।
करीब ढाई साल से बांदा जेल में बंद पूरब के माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात हार्ट अटैक (कार्डिया अरेस्ट) से मौत हो गई। मुख्तार को मौत से करीब तीन घंटे पहले ही इलाज के लिए मंडलीय कारागार से मेडिकल कॉलेज लाया गया था। जहां नौ डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में जुटी थी। रात करीब साढ़े दस प्रशासन ने मुख्तार की मौत की सूचना सार्वजनिक की। तब तक मुख्तार के परिवार का कोई सदस्य मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचा था। मुख्तार की मौत के बाद पूरे यूपी में अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है।