पंजाब में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले प्रत्याशियों को जीत की ज्यादा खुशी मनाना भारी पड़ सकता है। अगर कोई प्रत्याशी ऐसा करता पाया गया तो उसे चुनाव आयोग की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। चुनाव आयोग ने ढोल-नगाड़े बजाने व जुलूस निकालने पर पाबंदी लगा दी है। इसका उल्लंघन करना प्रत्याशियों व समर्थकों को भारी पड़ेगा।
जालंधर में इस बारे में आदेश जारी करते हुए डिप्टी कमिश्नर-कम, जिला चुनाव अधिकारी घनश्याम थोरी ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के बाद किसी भी किस्म के विजय जुलूस पर पाबंदी लगा दी है। इसलिए मतदान में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को चुनाव आयोग की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों की सख्ती के साथ पालन करना चाहिए।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि चुनाव आयोग की तरफ से जारी आदेश में गिनती के दौरान या इसके बाद किसी भी किस्म का विजय जुलूस निकालने पर रोक लगाई गई है। इन दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित किसी भी तरह की लापरवाही होने पर सख्ती से निपटा जाएगा।
इतना ही नहीं, भारतीय चुनाव आयोग ने चुनावी नतीजों के बाद विजय प्रमाणपत्र प्राप्त करते समय विजेता उम्मीदवारों के साथ जाने वाले व्यक्तियों की संख्या भी सीमित कर दी है। प्रमाणपत्र प्राप्त करने उम्मीदवार या उसके अधिकारिक प्रतिनिधियों के साथ सिर्फ दो व्यक्ति ही जा सकते हैं। जिला चुनाव अधिकारी ने सभी नौ रिटर्निंग अधिकारियों को इन आदेश की सख्ती के साथ पालन को सुनिश्चित करने को कहा है।