उपछाया ग्रहण क्या होता है?
चंद्रमा जब पृथ्वी की वास्तविक छाया में नहीं आता है और उसकी उपछाया से ही बाहर निकल जाता है, ऐसे ग्रहण को उपछाया ग्रहण कहते हैं। उपछाया ग्रहण को वास्तविक चंद्र ग्रहण नहीं माना जाता है। इस ग्रहण में चंद्रमा के रंग और आकार में भी कोई बदलाव नहीं होता है। केवल इसमें चंद्रमा पर एक धुंधली सी छाया नजर आती है।
लगभग पांच घंटे तक लगा रहेगा ग्रहण
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, उपछाया चंद्र ग्रहण आज दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से प्रारंभ होगा जो शाम के 7 बजकर 19 मिनट पर खत्म होगा। ऐसे में यह चंद्रग्रहण कुल मिलाकर 5 घंटे और 2 मिनट तक रहेगा। आज वैशाख पूर्णिमा तिथि भी है। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन ही लगता है। जबकि सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन ही घटित होता है।
मान्य नहीं होगा ग्रहण का सूतक
उपछाया चंद्रग्रहण होने के कारण आज लगने वाले ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। सामान्य रूप से चंद्रग्रहण में सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पूर्व लग जाता है जो ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है। सूतक काल एक अशुभ समयावधि होती है। इस दौरान कई कार्य वर्जित माने गए हैं। बच्चों, रोगियों और बुजुर्गों पर यह प्रभावी नहीं होता है।
भारत के इन शहरों में दिखेगा चंद्रग्रहण
यह चंद्रग्रहण संपूर्ण भारत में तो नहीं नजर आएगा। लेकिन पूर्वोत्तर के इलाकों में यह चंद्रग्रहण दिखाई दे सकता है। अगरतला, कोलकाता, चेरापूंजी, कूचबिहार, इंफाल, ईटानगर, गुवाहटी, मालदा, कोहिमा, लुमडिंग, पुरी, सिल्चर और दीघा में यह चंद्रग्रहण दिखाई दे सकता है।
मेष राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव
चंद्र ग्रहण थोड़े परेशानियों वाले संकेत दे रहा हैं। अपनी परेशानियों की वजह से गुस्सा दिखाने की जगह शांत रहें। स्वास्थ्य के हिसाब से थोड़ा मुश्किल समय है, इसलिए सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। धन लाभ के लिए ये समय शुभ संकेत दे रहा है। चंद्र ग्रहण के दौरान मंत्र जप करना शुभ रहता है। आप इस समय में ऊॅं हं हनुमंते नम: का जप करें।
वृषभ राशि पर ग्रहण का प्रभाव
स्वास्थ्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है लेकिन साथ ही कुछ रुके हुए कार्य पूर्ण होने और मनोकामनाएं पूरी होने के संकेत मिल रहे हैं। वैवाहिक जीवन में अशांति हो सकती है लेकिन वित्तीय लाभ के लिए अच्छा समय है। संयम बनाए रखें और किसी को कठोर शब्द न बोलें। पार्टनर की सेहत का भी विशेष ध्यान रखें। जहां तक संभव हो अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और व्यर्थ के खर्चों से बचें।
मिथुन राशि पर ग्रहण का प्रभाव
इस राशि के लोगों के खर्चों में थोड़ी कटौती होगी। शत्रु पर विजय प्राप्त करेंगे और परिश्रम अधिक करना पड़ेगा किंतु सफलता मिलेगी। जहां तक हो सके तर्क-वितर्क से बचें। धन-लाभ होने के योग बन रहे हैं। कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। वाद- विवाद से दूर रहना होगा।
कर्क राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव
इस समय में आप अधिक आध्यात्मिक हो जाएंगे। ईश्वर भक्ति की और ध्यान केंद्रित करेंगे और मानसिक तनाव से बचेंगे। नौकरी या व्यापार में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। चिकित्सा मुद्दों के लिए सचेत होने की आवश्यकता है। धन लाभ होगा लेकिन समाज में अपयश की प्राप्ति हो सकती है। ऊॅं शब्द का उच्चारण करते रहने से मन शांत रहेगा।
सिंह राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव
रिश्तों के लिए अच्छा समय है। व्यापार में सफलता मिलने के संकेत हैं। मामूली आर्थिक नुकसान के साथ, वित्त और खर्च होने के संकेत हैं। नौकरी के लिए प्रयासरत हैं तो उसमें सफलता मिलेगी। परिवार से सहयोग मिलेगा, आर्थिक रूप से सफलता मिलेगी। ग्रहण अच्छे प्रभाव लेकर आएगा। व्यापार में लाभ होगा। परिवार के सदस्यों का ध्यान रखें। कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करने से लाभ मिलेगा।
कन्या राशि पर ग्रहण का प्रभाव
नौकरी में वृद्धि और स्थिरता प्राप्त कर सकते हैं। पेशे में भाग्य और आर्थिक लाभ मजबूत होगा। जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचें और अपने आसपास के लोगों के साथ धैर्य रखें। इस राशि के लोगों को परिश्रम अधिक करना पड़ेगा किंतु आमदनी कम होगी। व्यर्थ के खर्चे करने से बचें। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। नौकरी और व्यापार में तरक्की के योग भी बन रहे हैं। कार्यों में सफलता मिलेगी।
तुला राशि पर ग्रहण का प्रभाव
तुला राशि के लोगों को धन की प्राप्ति के संकेत मिल रहे हैं, इसलिए फिजूल खर्चों से बचें। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हल्के-फुल्के उतार-चढ़ाव संभव हैं किंतु कोई बड़ी बीमारी होने का कोई संकेत नहीं है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पार्टनर की सेहत के प्रति भी सचेत रहें।
वृश्चिक राशि पर ग्रहण का प्रभाव
अपनी सेहत का ध्यान। जीवनसाथी के साथ वाद-विवाद और मतभेद के संकेत है। आर्थिक नुकसान होने के भी संकेत मिल रहे हैं इसलिए फिजूल के खर्चों को नियंत्रित करें। ईश्वर की भक्ति में लीन होने की कोशिश करें सफलता अवश्य मिलेगी। इस दौरान आपके कार्यों में बाधाएं उत्पन्न होंगी। करियर में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
धनु राशि पर ग्रहण का प्रभाव
अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा किसी के साथ वाद-विवाद हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखने की भी आवश्यकता है आर्थिक नुकसान के संकेत दे रहा है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
मकर राशि पर ग्रहण का प्रभाव
धन लाभ के योग बनेंगे, जिसके कारण आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पार्टनर के साथ संबंध अच्छे रहेंगे धैर्य रखें और ध्यान करें। संतान के सुख की प्राप्ति होगी, विद्या अध्ययन कर रहे लोगों को विद्या के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यापार में सफलता हासिल करेंगे।
कुंभ राशि पर ग्रहण का प्रभाव
आपको कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में घाटा हो सकता है। कोई भी काम समझदारी से करें। वाहन को सावधानी से चलाएं। सिरदर्द से परेशान हो सकते हैं। माता को कष्ट मिलने के संकेत मिल रहे हैं, साथ ही थोड़े शुभ संकेत भी मिल सकते हैं जैसे भूमि, वाहन से लाभ मिल सकता है।
मीन राशि पर ग्रहण का प्रभाव
बच्चों की सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वाद-विवाद से बचें और गलतफहमी को दूर करने के लिए संवाद करने का प्रयास करें। कोर्ट कचहरी के मामलों में अगर फंसे हुए हैं तो विजय प्राप्त होने के संकेत हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। धन लाभ के योग बनेंगे।
भारत में सूतक का प्रभाव क्यों नहीं होगा?
आज लगने वाला चंद्रग्रहण भारत में उपछाया के रूप में दिखाई देगा जबकि भारत के अलावा कई देशों में पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उपछाया चंद्रग्रहण में सूतककाल मान्य नहीं होता है। ज्योतिष में उपछाया चंद्रग्रहण को ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता है। सूतक मान्य नहीं होने के कारण पहले की तरह कार्य में किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं रहेगी।
चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि में लगेगा इसलिए ग्रहण का असर इस राशि में ज्यादा
आज दोपहर में लगने वाला चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि में लगेगा इस कारण से ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव इसी राशि में देखा जाएगा। आपसी मतभेद बढ़ने के संकेत है। मानसिक परेशानियां रहेंगी। इस अवधि में इस राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण से जुड़े मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से आप ग्रहण के अशुभ प्रभावों को कम कर सकते हैं।
चंद्रग्रहण के दौरान इन मंत्रों का जाप करना लाभकारी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए। मंत्रों के लगातार जाप से ग्रहण का प्रभाव कम रहता है। आप आज के दिन चंद्रग्रहण के प्रभाव कम करने के लिए दो मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन
हेमताराप्रदानेन मम शांतिप्रदो भव ॥
विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत
दानेनानेन नागास्य रक्ष मां वेधजादभयात॥
इस साल दो चंद्रग्रहण
इस वर्ष केवल दो ही चंद्रग्रहण देखने को मिलेंगे। पहला आज यानि 26 मई को और दूसरा 19 नवंबर को दिखाई देगा। 26 मई को चंद्रग्रहण अनुराधा नक्षत्र और वृश्चिक राशि में लग रहा है जबकि दूसरा चंद्रग्रहण कृत्तिका नक्षत्र और वृषभ राशि में प्रभावी होगा।
भारत में यहां पर देखा जा सकेगा उपछाया चंद्रग्रहण
वर्ष 2021 का यह पहला चंद्रग्रहण भारत में उपछाया चंद्रग्रहण होगा। उपछाया चंद्रग्रहण में चांद पर मात्र पृथ्वी की हल्की छाया पड़ती हुई दिखाई देती है। शाम के समय यह बंगाल और पूर्वी भारत के हिस्सों में कुछ ही देर के लिए देखा जा सकेगा। अगरतला, कोलकाता, चेरापूंजी, कूचबिहार, इंफाल, ईटानगर, गुवाहटी, मालदा, कोहिमा, लुमडिंग, पुरी, सिल्चर और दीघा में यह चंद्रग्रहण दिखाई दे सकता है।
दुनिया में यहां पर देखा जा सकेगा पूर्ण चंद्रग्रहण
साल 2021 का यह पूर्ण चंद्रग्रहण पूर्वी एशिया, प्रशांत महासागर, उत्तरी व दक्षिण अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा। इन जगहों पर पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा सुर्ख लाल रंग को हो जाएगा। इसे ही सुपर ब्लड मून कहा जाता है। यानी चंद्रग्रहण सुपर ब्लड मून की तरह नजर आएगा।
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान
धर्म शास्त्रों में ग्रहण को अशुभ माना गया है। ग्रहण के दौरान खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानियां बरतने की सलाह की दी गई।
- चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण के दौरान किसी भी तरह की नुकीली चीजों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को सूतक लगने के दौरान किसी भी तरह का भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए।
आज कितने बजे से शुरू होगा चंद्रग्रहण
हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा की तिथि पर ही लगता है। आज वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि है इसी दिन भगवान बुद्ध की जयंती भी मनाई जाती है। आज चंद्रग्रहण की शुरुआत दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से होगी जोकि शाम के 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। 4 बजकर 49 मिनट पर चंद्रग्रहण का मध्यकाल रहेगा।
चंद्रग्रहण की घटना को यहां देख सकते हैं लाइव
पूर्ण चंद्रग्रहण पूर्वी एशिया, प्रशांत महासागर, उत्तरी व दक्षिण अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा। लेकिन आप इस चंद्रग्रहण को कई youtube चैनलों पर लाइव स्ट्रीमिंग भी देख सकते हैं। खासतौर पर timeanddate और cosmoSapiens पर।
तीन प्रकार का होता है चंद्रग्रहण- पूर्ण, आंशिक और उपछाया
जब सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाती है तब चंद्रग्रहण की घटना घटित होती है। चंद्रग्रहण तीन तरह का होता है। पहला- जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आकर चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लेती है तो उसे पूर्ण चंद्रग्रहण कहा जाता है।
आंशिक चंद्रग्रहण क्या होता है?
दूसरा आंशिक चंद्रग्रहण- जब पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के बीच पूरी तरह से नहीं आती बल्कि आंशिक रूप से आती तो इसे आंशिक चंद्रग्रहण कहते हैं।
उपछाया चंद्रग्रहण क्या होता है?
तीसरा उपछाया चंद्रग्रहण- उपछाया चंद्रग्रहण में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी लाइन में न होकर कुछ इस तरह का कोण बनाती है कि पृथ्वी की हल्की से छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस प्रकिया में चंद्रमा का कुछ हिस्सा धूमिल सा दिखाई देने लगता है।
ग्रहण में लगने वाला सूतक काल क्या होता है?
ग्रहण को ज्योतिष और धर्म के नजरिए से शुभ नहीं माना जाता। इसलिए ग्रहण के लगने के कुछ घंटों पहले ही सूतक काल लगा जाता है। सूतक लगने से किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। सूतक लगने पर मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिया जाता है ताकि ग्रहण का अशुभ प्रभाव भगवान पर न पड़ने पाएं।
आज के ग्रहण का सूतक काल क्यों मान्य नहीं है?
आज जो चंद्रग्रहण है वह उपछाया ग्रहण है जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। उपछाया चंद्रग्रहण को ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता है इसलिए सूतक प्रभावी नहीं होगा। चंद्रग्रहण लगने पर 9 घंटे पहले और सूर्य ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाता है।
इस चंद्रग्रहण की खास-खास बातें
- यह साल का पहला चंद्रग्रहण है इसके बाद दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण 19 नवंबर को लगेगा।
- यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा जिसमें चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा जिसे सुपर ब्लड मून भी कहा जाता है।
- भारत में यह चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगा क्योंकि यहां पर उपछाया चंद्रग्रहण होगा।
-चंद्रग्रहण आज दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से आरंभ हो जाएगा जो शाम के 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।
- उपछाया चंद्रग्रहण के कारण भारत में सूतक मान्य नहीं होगा। जिसकी वजह से किसी भी तरह के कार्य में कोई भी बाधा नहीं आएगी।
- यह चंद्रग्रहण अनुराधा नक्षत्र जोकि शनिदेव का नक्षत्र भी है उसमें पड़ेगा और वृश्चिक राशि में चंद्रमा को गोचर रहेगा।
- पूर्ण चंद्रग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में दिखाई देगा।
यहां पर लाइव देख सकते हैं चंद्रग्रहण का नजारा
अगर आप आज लगने वाले चंद्रग्रहण को देखने में रूचि रखते हैं तो आप कुछ यूट्यूब चैनल्स पर इसे लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए देख सकते हैं। खासतौर पर timeanddate और cosmoSapiens पर।
ग्रहण में शनि मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करना होगा लाभकारी
जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है उन्हें शनि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए शनि मंत्र का जाप करना व श्री हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ रहेगा। इसके अलावा ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय, दुर्गा चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम और श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करना चाहिए।
41 दिन पहले से और 41 दिन बाद तक रहता है ग्रहण का असर
ज्योतिष में मान्यता है कि किसी भी ग्रहण से 41 दिन पहले और 41 दिन बाद तक ग्रहण का प्रभाव प्राकृतिक आपदाओं जैसे चक्रवात, भूकंप, भूस्ख्लन में दिखता रहता है। जैसे यास और ताउते नामक समुद्री तूफान ग्रहण से पहले आएं हैं।
दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर लगेगा ग्रहण
साल के पहले चंद्रग्रहण को लगने में अब बस कुछ ही वक्त रह गया है। इस चंद्र ग्रहण का पहला स्पर्श दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर लगेगा और फिर शाम 7 बचकर 19 मिनट में अंतिम स्पर्श लगेगा। इस ग्रहण की कुल अवधि करीब पांच घंटों तक रहेगी। हालांकि उपछाया होने के कारण ग्रहण इतना प्रभावशाली नहीं है।
देश में चंद्रग्रहण दिखेगा या नहीं?
बस अब से थोड़ी देर बाद साल का पहला चंद्रग्रहण लगने वाला है। लेकिन यह ग्रहण भारत के अधिकतर लोग नहीं देख सकेंगे। दिन होने वजह से भारत के अधिकतर लोग इस नजारे का नहीं देख सकेंगे। लेकिन पूर्वी भारत के हिस्सों में थोड़ी देर के लिए इसे देखा जा सकेगा।
क्या होता है सुपर ब्लड मून? चंद्रग्रहण के बाद दिखाई देगा ब्लड मून
पूर्ण चंद्रग्रहण की स्थिति तब बनती है जब पूर्णिमा के दिन सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है। इसके चलते तीनों ग्रह एक सीध में आकर ग्रहण की घटना घटित होती है। पूर्ण चंद्रग्रहण पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब आ जाती है इस कारण से चांद बड़ा और चमकीला दिखाई देने लगाता है। सुपर मून में चांद आम दिनों के मुकाबले में 30 प्रतिशत बड़ा और 14 प्रतिशत अधिक चमकीला होता है। पूर्ण चंद्रग्रहण के बाद आसमान में चांद सुर्ख लाल रंग और बड़े आकार का दिखाई देगा। लेकिन इस नजारे को भारत में नहीं देखा जा सकेगा।
कब होता है चंद्रग्रहण
चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा की तिथि पर ही घटित होता है। पूर्ण या आंशिक चंद्रग्रहण तब होता है, जब सूर्य और पृथ्वी की बीच में कुछ समय के लिए चंद्रमा आ जाता है। ऐसी स्थिति में तीनों ग्रह एक सीध में आ जाने के कारण चंद्रमा नहीं दिखाई देता। चूंकि चंद्रमा का स्वयं का प्रकाश नहीं होता है ऐसे में तीनों एक सीध में आ जाने के कारण चांद पृथ्वी से नहीं दिखाई देता।
चंद्रग्रहण के दौरान न करें ये कार्य
आज दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से पूर्ण चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। हालांकि भारत में यह उपछाया चंद्रग्रहण होगा और यह भारत के पूर्वी भागों में कुछ ही मिनटों के लिए दिखाई देगा। उपछाया चंद्रग्रहण के कारण इसका सूतक मान्य नहीं होगा। फिर भी जब-जब चंद्रग्रहण होता है तो शास्त्रों में इस दौरान भूल कर भी कुछ कार्य नहीं करना चाहिए। जैसे सूतक के शुरू होने से लेकर इसकी सामाप्ति तक कोई भी नया कार्य नहीं करना चाहिए। सूतक के दौरान न तो खाना बनाना चाहिए और न ही भोजन करना चाहिए। ग्रहण के दौरान घर पर बने मंदिर में भगवान की मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए। सूतक काल के दौरान मंदिरों के दरवाजे बंद कर देना चाहिए।
नासा की भी नजरें पूर्ण चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना पर
इसके बाद अगला ग्रहण 10 जून को सूर्यग्रहण होगा
साल का पहला चंद्रग्रहण अब शुरू हो चुका है। ग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लगा है। यह ग्रहण उपछाया चंद्रग्रहण होगा जिसे पूर्वी भारत में देखा जा सकेगा। उपछाया चंद्रग्रहण होने के कारण इसका सूतककाल मान्य नहीं होगा। इसके बाद 10 जून को सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा।
भारत में कहां-कहां देखा जा सकेगा उपछाया चंद्रग्रहण
भारत में आज उपछाया चंद्रग्रहण है। जबकि भारत के बाहर कई अन्य देशों में पूर्ण चंद्रग्रहण देखने का नजारा मिलेगा। उपछाया चंद्रग्रहण में चांद पर हल्की सी पृथ्वी की छाया दिखाई देती हुई प्रतीत होगी। देश के पूर्वी भाग में शाम के समय कुछ ही देर के लिए यह नजारा देखने को मिलेगा।
साल का पहला चंद्रग्रहण
चांद दोपहर करीब 3 बजकर 15 के आसपास पृथ्वी की छाया में प्रवेश करना शुरू हो जाएगा। जैसे-जैस समय निकलेगा दुनिया के कई हिस्सों में पूर्ण चंद्रग्रहण लगेगा और आखिरी चांद सुर्ख लाल रंग का दिखाई देगा।
ग्रहण का इस पर प्रभाव और ग्रहण काल के दौरान करें ये काम
साल का यह पहला चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि में लग रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा प्रभाव इसी राशि के जातकों पर रहेगा। ऐसे में इस दौरान शास्त्रों में कहा गया कि ग्रहण के दौरान अपने ईष्टदेव का जाप करना चाहिए। ताकि नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव आपके ऊपर से कम हो सके।
ग्रहण का सभी 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव
ग्रहण लग चुका है। यह चंद्रग्रहण करीब 2 बजकर 18 मिनट पर आरंभ हुआ है। ऐसे में किस राशि पर इस ग्रहण का क्या असर पड़ेगा यहां पढ़ें-
चंद्रग्रहण का 12 राशियों पर प्रभाव
ग्रहण को लेकर मान्यताएं
ग्रहण के दौरान और ग्रहण के खत्म होने तक भगवान की मूर्ति को नहीं छूना चाहिए। ग्रहण में घर के मंदिरों के कपाट बंद कर देना चाहिए। ताकि भगवान पर ग्रहण का असर ना हो सके। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान ना तो ग्रहण देखना चाहिए और ना ही घर के बाहर निकलना चाहिए।
ग्रहण खत्म होने के बाद करें ये कार्य
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्वयं की शुद्धि होनी आवश्यक है। ग्रहण के प्रभावों को नष्ट करने के लिए स्नान करना चाहिए। शुद्ध जल से स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। ऐसा करने से आपके ऊपर ग्रहण का प्रभाव शून्य हो जाएगा। वहीं जब शुद्धि की प्रक्रिया पूरी कर लें तब जाकर कुछ अन्य कार्य करें।
chandra grahan live streaming: आप घर बैठे यहां पर देख सकते हैं चंद्रग्रहण का नजारा
ग्रहण के बाद घर के मंदिर को करें शुद्ध
ग्रहण के बाद घर के मंदिर में गंगा जल छिड़क कर शुद्ध करें। देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को भी गंगा जल से शुद्ध करें और इसके बाद ही पूजा करें। ऐसा करने से घर के मंदिर में व्याप्त ग्रहण की नकारात्मक छाया नष्ट हो जाएगी।
ग्रहण के बाद गाय को खिलाएं रोटी
मान्यता के अनुसार, यह भी कहा जाता है कि ग्रहण खत्म होने के बाद गाय को रोटी खिलाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। अतः संभव हो तो ग्रहण के पश्चात् गाय को रोटी जरूर खिलाएं।
ग्रहण के बाद भोजन करने की मान्यता
ग्रहण के पश्चात ही भोजन बनाकर ग्रहण करना चाहिए। यदि भोजन ग्रहण के दौरान बना हुआ है तो उसमें पहले तुलसी के पत्ते डालकर उसे शुद्ध करें। बच्चों-बुजुर्गों और रोगियों पर सूतक का प्रभाव मान्य नहीं होता है। इसलिए उन्हें समय पर भोजन खिला देना चाहिए।
चंद्रग्रहण के दौरान इन मंत्रों का जाप करना होगा लाभकारी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए। मंत्रों के लगातार जाप से ग्रहण का प्रभाव कम रहता है। आप आज के दिन चंद्रग्रहण के प्रभाव कम करने के लिए दो मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन
हेमताराप्रदानेन मम शांतिप्रदो भव ॥
विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत
दानेनानेन नागास्य रक्ष मां वेधजादभयात॥
ग्रहण के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए करें ये उपाय
ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय, दुर्गा चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम और श्रीमदभागवत गीता का पाठ करना चाहिए। जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है उन्हें शनि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए शनि मंत्र का जाप करना व श्री हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ रहेगा।
चंद्रग्रहण कैसे लगता है?
जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य तीनों एक सीधी रेखा में आ जाते हैं तब सूर्य की सीधी रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ती है बल्कि पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने लगती है। इस स्थिति को चंद्र ग्रहण कहते हैं। उपछाया चंद्र ग्रहण की स्थिति में तीनों सीधी रेखा में नहीं होते हैं लेकिन तीनों ऐसी स्थिति में होते है जहां पर पृथ्वी की सिर्फ एक हल्की छाया पड़ती है। जिससे चंद्रमा का एक हिस्सा मटमैला हो जाता है।
ज्योतिष मान्यता के अनुसार राहु-केतु के कारण लगता है चंद्र ग्रहण
जहां विज्ञान इसे महज एक खगोलीय घटना मानता है। वहीं धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह कहा जाता है कि राहु और केतु के कारण ग्रहण लगता है। ये दोनों पापी ग्रह हैं जो ग्रहण लगाकर सूर्य और चंद्रमा को शापित करते हैं। राहु-केतु उसी राक्षस के सिर और धड़ हैं जिसने देवताओं की पंक्ति में जाकर अमृत पी लिया था।
ग्रहण के दौरान ये मंत्र है बेहद कारगर
ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए चंद्र ग्रह से संबंधित मंत्रों का जाप करना चाहिए। चंद्र ग्रह के बीज मंत्र ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः का 108 बार जाप करने से ग्रहण के अशुभ प्रभावों से बचा जा सकता है। इसके अलावा चंद्र यंत्र की पूजा करने से भी ग्रहण के अशुभ प्रभावों से छुटकारा मिलता है।
वैदिक ज्योतिष में चंद्रग्रहण का महत्व
वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को ग्रह का दर्जा प्राप्त है। यह सभी नौ ग्रहों में विशेष ग्रह है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को आधार बनाते हुए कई तरह की ज्योतिषीय गणनाएं की जाती हैं। चंद्रमा कर्क राशि के स्वामी हैं और वृषभ राशि में उच्च के और वृश्चिक राशि में नीच के माने गए हैं। जन्म कुंडली में चंद्रमा माता का कारक ग्रह हैं।
लोग शेयर कर रहे हैं चंद्रग्रहण की शानदार तस्वीरें...
मन-मस्तिष्क पर पड़ता है चंद्रग्रहण का सीधा प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण का प्रभाव व्यक्ति के मन पर पड़ता है। इसके साथ ही यह माता जी को भी प्रभावित करता है। ज्योतिष में चंद्र ग्रहण को मन और माता का कारक माना जाता है। इसलिए जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा पीड़ित अवस्था में हो तो उन्हें ग्रहण के दौरान चंद्र ग्रह की शांति के उपाय जरूर करने चाहिए।
चंद्रग्रहण के दौरान लाल रंग में बदलता हुआ चंद्रमा
अपने इष्टदेव का करें स्मरण
चंद्रग्रहण पूर्णिमा तिथि पर ही लगता है और आज वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी जाती है और गरीबों को दान दिया जाता है। ग्रहण पर अपने इष्टदेव का ध्यान और चंद्र ग्रह से संबंधित मंत्र का जाप करना शुभफलदायी होता है।
इस मंत्र को जपने से दूर होंगे ग्रहण के अशुभ प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान भगवान कुछ समय के लिए कष्ट में होते हैं। ऐसे में कष्ट को कम करने ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप करना शुभफलदायक होता है। चंद्रग्रहण के दौरान इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नोः चन्द्रः प्रचोदयात्
कब लगेगा साल का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण?
इस वर्ष केवल दो ही चंद्रग्रहण देखने को मिलेंगे। पहला आज यानि 26 मई को और दूसरा 19 नवंबर को दिखाई देगा। 26 मई को चंद्रग्रहण अनुराधा नक्षत्र और वृश्चिक राशि में लगा है जबकि दूसरा चंद्रग्रहण कृत्तिका नक्षत्र और वृषभ राशि में प्रभावी होगा।
चंद्रग्रहण की समाप्ति के बाद घर में छिड़कें गंगाजल
द्रग्रहण का समापन शाम 7 बजकर 19 मिनट पर होगा। ग्रहण लगने से उसकी नकारात्मक ऊर्जा भी घर में प्रवेश कर जाती है। ऐसे में घर का शुद्धिकरण भी ग्रहण के पश्चात् अवश्य करना चाहिए। पूरे घर में गंगा जल झिड़कें। घर में पोछा भी कर सकते हैं। ऐसा करने से ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी।
चंद्रग्रहण के बाद अगले महीने सूर्यग्रहण
चंद्रग्रहण के बाद अगले महीने सूर्यग्रहण लगेगा। ग्रहण 10 जून को लगेगा। यह वलयाकार सूर्यग्रहण होगा, वहीं दूसरा सूर्य ग्रहण साल के आखिरी महीने 4 दिसंबर को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। खास बात ये है कि दोनों सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। इसलिए इन दोनों ग्रहों का सूतक काल यहां मान्य नहीं होगा।
देखिए चंद्रग्रहण का खूबसूरत नजारा
दुनिया के अलग-अलग देशों से चंद्रग्रहण की खूबसूरत तस्वीरें
ग्रहण के बाद करें ये उपाय
मान्यता के अनुसार, यह भी कहा जाता है कि ग्रहण खत्म होने के बाद गाय को रोटी खिलाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। अतः संभव हो तो ग्रहण के पश्चात् गाय को रोटी जरूर खिलाएं। हिन्दू धर्म में गाय को पूजनीय माना जाता है। गौ सेवा करने से जातकों को कई लाभ मिलते हैं।
ग्रहण के पश्चात् स्नान करने की मान्यता
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्वयं की शुद्धि होनी आवश्यक है। ग्रहण के प्रभावों को नष्ट करने के लिए स्नान करना चाहिए। शुद्ध जल से स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। ऐसा करने से आपके ऊपर ग्रहण का प्रभाव शून्य हो जाएगा। वहीं जब शुद्धि की प्रक्रिया पूरी कर लें तब जाकर अन्य कार्य करें।
समाप्त हुआ चंद्रग्रहण, अब 10 जून को लगेगा सूर्यग्रहण
उपछाया चंद्रग्रहण समाप्त हो चुका है। अब अगले महीने 10 जून को सूर्यग्रहण लगेगा। धार्मिक दृष्टि से ग्रहण को एक अशुभ समयावधि माना जाता है। इस दौरान कई कार्य वर्जित होते हैं। इसलिए ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण की क्रिया जरूरी होती है। ऐसा करने से ग्रहण के दुष्प्रभावों से छुटकारा मिलता है।