सुखासन
तनाव दूर करने के लिए सुखासन बहुत ही फायदेमंद होता है। रोजाना कम से कम दस मिनट तक इस योगासन को करने से आपका दिमाग शांत रहता है, जिससे तनाव दूर करने में सहायता मिलती है। आप का ध्यान केंद्रित होता है और एकाग्रता बढ़ती है। इसके नियमित अभ्यास से रक्तसंचार भी बेहतर होता है, जिससे हमारा शारीरिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
सुखासन करने का तरीका
- सबसे पहले एक समतल जगह पर आराम से बैठ जाएं।
- अब अपने पैरों को आगे की ओर फैला लें।
- अब अपने पैरों को अपने दाएं पैर को बाएं घुटने के नीचे और बाएं पैर को दाएं घुटने के नीचे रखें। (पालती मारकर बैठना)
- अपनी पीठ को एकदम सीधा रखें और आंखों को बंद करने शरीर को शांत अवस्था में ढीला छोड़ दें।
- इस अवस्था में आराम से सांस लेते रहे और दस मिनट तक इसी मुद्रा में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
मार्जरासन
इसमें शरीर को आगे की ओर झुकाना होता है। इस आसन को अंग्रेजी में कैट पोज भी कहा जाता है। इससे हमारी रीढ़ की हड्डी और पेट की मांसपेशियओ पर खिंचाव पड़ता है। जिससे लचीलापन बढ़ता है। कमर, गर्दन व कंधों के दर्द में राहत मिलती है। इसके साथ ही पाचन क्रिया में सुधार होता है। इस अवस्था में हमें लंबी और गहरी सांस लेना पड़ती है जिससे फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और रक्तसंचार बेहतर होता है। ये आसन करने से मानसिक शांति मिलती है। तनाव को दूर करने में मार्जरासन बहुत फायदेमंद रहता है।
मार्जरासन करने का तरीका
- वज्रासन में बैठकर अपने मन को शांत रखें और ध्यान को केंद्रित करें।
- घुटनों के बीच कम से कम 1 फीट की दूरी रखें और हाथों को जमीन पर आगे की ओर रखें।
- सांस लेते हुए कमर को नीचे की तरफ खींचे और गर्दन को ऊपर की तरफ करें।
- फिर सांस छोड़ते हुए कमर को ऊपर की तरफ खींचे और गर्दन को नीचे की ओर झुकाएं।
- इस क्रम को 10 से 15 मिनट तक दोहराएं और पुनः पुरानी अवस्था में आ जाएं।