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रूस की वैक्सीन पर बड़ा दावा, कोरोना वायरस से बचाने में 92 फीसदी कारगर है स्पुतनिक-वी

Wed, 11 Nov 2020 03:39 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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CoronaVirus Vaccine - फोटो : iStock/Amar Ujala
दुनिया के 210 से ज्यादा देश कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। दुनियाभर के लोगों को जिस एक चीज का बेसब्री से इंतजार है, वह है कोरोना की एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन। वैक्सीन की रेस में सबसे पहले बाजी मारने वाले रूस ने अपनी पहली वैक्सीन स्पुतनिक-वी पर बड़ा दावा किया है। वैक्सीन पर वित्तीय मदद कर रही रूस के धन कोष के पदाधिकारियों ने बुधवार को कहा है कि अंतरिम परीक्षण परिणामों के मुताबिक स्पुतनिक-वी वैक्सीन कोरोना वायरस से बचाने में 92 फीसदी कारगर है। इससे पहले जर्मनी के साथ मिलकर वैक्सीन विकसित करने वाली अमेरिकी कंपनी फाइजर ने अपनी वैक्सीन को 90 फीसदी कारगर बताया था। 
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Twitter@RusEmbUSA
अमेरिका की फार्मा कंपनी फाइजर (Pfizer) और जर्मन बायाटेक फर्म बायोनटेक (BioNTech) द्वारा वैक्सीन के 90 फीसदी सफलता का दावा करने के दो दिन बाद ही रूस ने स्पुतनिक-वी को लेकर यह दावा किया है। फाइजर की तुलना में रूस ने दो फीसदी ज्यादा सफलता का दावा किया है। बता दें कि रूस के दावे के मुताबिक, स्पुतनिक-वी दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन है, जिसे अंतिम चरणों के ट्रायल से पहले ही रूस ने 12 अगस्त को मंजूरी दे दी थी। 
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Freepic
बता दें कि बीते सोमवार को अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर (Pfizer) और जर्मन बायाटेक फर्म बायोनटेक (BioNTech) ने वैक्सीन पर मिल रही सफलता की खबर दी थी। कंपनियों का दावा है कि उनकी वैक्सीन कोरोना वायरस से लड़ने में 90 फीसदी तक सफल है। खबरों के मुताबिक, फाइजर ने कहा है कि ट्रायल में कोविड-19 के 94 मामलों का मूल्यांकन किया। कंपनी का दावा है कि वैक्सीन की दूसरी खुराक के ठीक सात दिन बाद यह कोरोना वायरस को रोकने में 90 फीसदी तक कारगर है। कंपनी के मुताबिक, वैक्सीन लगाने के 28 दिन बाद व्यक्ति खतरे से बाहर होगा। 

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Coronavirus Vaccine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
भारत में भी रूसी वैक्सीन का ट्रायल
रूस की पहली कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी भारत में भी अंतिम चरणों के ट्रायल में है। पिछले महीने भारतीय दवा नियामक डीसीजीआई ने इस वैक्सीन के बड़े पैमाने पर ट्रायल को यह तर्क देते हुए रोक दिया था कि रूस या अन्य देशों में भी बड़े पैमाने पर इंसानों पर वैक्सीन का ट्रायल नहीं हुआ है। खबरों के मुताबिक नियामक ने इस संबंध में मजबूत आंकड़ा प्रस्तुत करने को कहा था। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञ समिति (SEC) की सिफारिश के बाद इस वैक्सीन के दूसरे चरण के ट्रायल की अनुमति दी  है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : twitter
फाइजर की वैक्सीन पर क्या है अपडेट
अमेरिकी कंपनी फाइजर भी अपनी वैक्सीन पर मिल रही सफलता से उत्साहित है। कंपनी ने कहा है कि इस महीने के अंत में वैक्सीन की आपातकालीन अनुमति के लिए यूएस-एफडीए के पास आवेदन करने की योजना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बीच वैक्सीन पर चल रहे क्लीनिकल अध्ययन का विश्लेषण जारी रहेगा। फाइजर ने कहा है कि आखिरी ट्रायल में आंकड़ों में और ज्यादा सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
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Coronavirus Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
फिलहाल वैक्सीन पर जारी रेस में एक बार फिर से रूस ने खुद को अन्य देशों से आगे साबित करने की कोशिश की है। स्पुतनिक-वी की सफलता को लेकर अन्य वैक्सीन कैंडिडेट्स से आगे निकलने का उसने दावा किया है। रूस का यह दावा अगर सही है तो एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार कर रही दुनिया के लिए यह अच्छी खबर हो सकती है।

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