मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. नवनीत कुमार
- फोटो : Amar Ujala
मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. नवनीत कुमार ने बताया कि लगभग 200 से ज्यादा तरह के सिरदर्द होते हैं। इसमें तनाव, डिप्रेशन और अन्य मानसिक कारणों की वजह से सिरदर्द शामिल हैं। दूसरा प्रमुख सिरदर्द है माइग्रेन। प्राइमरी सिरदर्द माइग्रेन, कलस्टर सिरदर्द, तनाव का सिरदर्द, इनका कोई ज्ञात कारण नहीं होता और यह कम खतरनाक होता हैं। माइग्रेन का दर्द पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होता है।माइग्रेन विश्व का तीसरा सबसे आम रोग है।
एक अध्ययन के मुताबिक, माइग्रेन एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर है, जिससे वैश्विक स्तर पर हर सातवां व्यक्ति पीडि़त है। भारत में 15 करोड़ लोग माइग्रेन की गिरफ्त में हैं। भारतीय महिलाएं इस बीमारी से ज्यादा पीडि़त हैं। 24 फीसदी पुरुषों की तुलना में 76 फीसदी महिलाएं माइग्रेनग्रस्त हैं। 18 से 29 के बीच के लगभग 35 फीसदी युवा पीडि़त हैं। लगभग 30 फीसदी मरीज क्रॉनिक स्थिति वाले हैं। माइग्रेनग्रस्त लोगों में से 70 फीसदी में मानसिक तनाव, 46 फीसदी में उपवास, 52 फीसदी में यात्रा, 44 फीसदी में नींद की गडबड़ी, 13 फीसदी में मासिक धर्म की अनियमितता, 10 फीसदी में मौसम का बदलाव दर्द का कारण बनते दिखाई दिए। लगभग 34 फीसदी मरीजों में दौरे पडऩे के पीछे एक साथ कई कारण शामिल थे। बढ़ती उम्र के साथ माइग्रेन का दर्द कम होता पाया गया है।
योग से सिर के दर्द में आराम मिलता है
- फोटो : social media
योग-प्राणायाम करें
माइग्रेन के रोगियों के लिए योग और प्राणायाम बड़े काम के साबित हो सकते हैं। हस्तपादासन, सेतुबंधासन, मर्जरासन, शिशु आसन पश्चिमोत्तानासन, पद्मासन, शशांकासन, हलासन, मत्स्यासन और शवासन माइग्रेन में विशेष लाभ पहुंचाते हैं। प्राणायामों में कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी करने चाहिए। इसी के साथ जलनेति भी करें। वास्तव में योग से प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है और माइग्रेन को ठीक करने में मदद मिलती है।