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Coronavirus: भारत में कोरोना वैक्सीन कब तक आने की उम्मीद है? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Sun, 13 Sep 2020 01:08 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भारत में कोरोना संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां अब महज 24 घंटे में 95 हजार से भी ऊपर संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। देश में अब कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़कर 47 लाख 54 हजार से अधिक हो गई है जबकि इससे मरने वालों की संख्या भी 78 हजार के पार है। हालांकि राहत की बात ये है कि इस बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। अब तक देश में 37 लाख से ज्यादा लोग कोरोना के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। आइए जानते हैं कि आखिर वैक्सीन कब तक आएगी, जिससे इस खतरनाक और जानलेवा वायरस से निजात मिल सके और साथ ही विशेषज्ञ से कोरोना से जुड़े अन्य सवालों के भी जवाब जानने की कोशिश करते हैं। 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना काल में जिन बच्चों को टीके नहीं लग पाए हैं, उनके लिए क्या करें? 

पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'बच्चों के स्वास्थ्य के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है। इसलिए अगर कोई टीका नहीं लग पाया है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जहां तक कोरोना के संक्रमण की बात है, तो बच्चों में अभी तक कोरोना का असर काफी कम रहा है। दरअसल, कई बीमारियां होता हैं, जिनका टीका लगवाना बहुत जरूरी है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
आईसीएमआर ने प्लाज्मा थेरेपी को ज्यादा कारगर नहीं बताया है, ऐसा क्यों?
 
डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी के मुताबिक, 'जब वायरस को कंट्रोल करने के लिए कोई दवा नहीं थी, तब प्लाज्मा थेरेपी को एक ट्रायल के तौर पर अनुमति दी गई, क्योंकि यह कई बीमारियों में पहले मृत्यु दर को कम करने में मददगार रही है। शुरुआत में कुछ लोगों को फायदा भी हुआ, लेकिन पिछले दिनों से कुछ मरीजों पर बहुत फायदा नहीं दिखा। इसलिए अभी इसे पूरी तरह कारगर इलाज नहीं कह सकते।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
ऐसे लोग जिन्हें कोरोना की आशंका है और टेस्ट नहीं कराते हैं, उनके लिए क्या सलाह है?
 
डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, 'अगर किसी को कोई लक्षण नजर नहीं आ रहा है या किसी संक्रमित के संपर्क में आए हैं तो जरूरी नहीं है कि वो घातक हो। सबसे जरूरी है कि अस्पताल जाएं और टेस्ट कराएं। अगर संक्रमण है तो होम आइसोलेशन की भी व्यवस्था है, लेकिन अगर टेस्ट ही नहीं कराएंगे तो ये नासमझी है, इससे खुद के साथ परिवार की जान को भी खतरा हो सकता है। इसलिए कोरोना के लक्षण में कोई लापरवाही न रखें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अनलॉक में अब भीड़ काफी जमा होने लगी है, खुद को कैसे सुरक्षित रखें? 

डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी बताते हैं, 'कहीं भी जा रहे हैं और मास्क लगाए हैं तो 70 प्रतिशत तक खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। अगर कहीं भीड़ है तो वहां से जल्दी निकल जाएं। ध्यान रखें, भीड़ अगर बंद जगह में है, तो ज्यादा खतरा है, कहीं खुले में है, तो संभावना कम है। इसके अलावा हाथ धोते रहें। पानी नहीं है तो समय-समय पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। किसी से भी बात करते वक्त दूरी रखें और मास्क जरूर लगाए रहें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या चेस्ट एक्स-रे से भी कोरोना की जांच की जा रही है? 

डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी के मुताबिक, 'आरटी-पीसीआर की जांच में स्वॉब नाक और गले से लेकर जांच करते हैं, लेकिन अगर वायरस गले से अंदर फेफड़े में पहुंच गया है और निमोनिया हो गया है तो एक्स-रे से हमें यह पता चल जाता है कि फेफड़ों में वायरस का प्रभाव कम है या ज्यादा है। दरअसल, वायरस फेफड़े में पहुंचने पर काफी तेजी से बढ़ने लगता है और अपना असर छोड़ता है।'  
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन कब तक आने की उम्मीद है?
 
डॉ. के. श्रीनाथ रेड्डी के मुताबिक, 'पूरी दुनिया में 32 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल में हैं। उम्मीद है कि जल्द ही कहीं न कहीं ट्रायल सफल हो जाएगा। लेकिन यह भी हो सकता है कि वायरस कभी खत्म नहीं हो, इसलिए इससे बचाव करना जरूरी है। इसके लिए जो भी नियम बनाए गए हैं, उनका पालन करें। कम से कम एक साल तक मान सकते हैं कि वायरस ऐसे ही परेशान करता रहेगा। वैक्सीन आने के बाद भी पूरी दुनिया में वैक्सीन पहुंचने में समय लगेगा। इसलिए लापरवाही नहीं करनी है।' 
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