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Coronavirus Vaccine: क्या हुआ था ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन लगवाने वाले मरीज को? जानिए इसके बारे में सबकुछ

Sun, 13 Sep 2020 11:56 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Oxford Coronavirus Vaccine Update - फोटो : iStock/Amarujala
एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से बनाई जा रही कोविड-19 की वैक्सीन का ट्रायल फिर से शुरू किया जाएगा। इससे पहले ब्रिटेन के एक मरीज को हुए कथित साइड-इफेक्ट के बाद इसका ट्रायल रोक दिया गया था। गुरुवार को एस्ट्राजेनेका ने कहा कि स्टडी रोकने के बाद जांच की गई कि क्या वैक्सीन की वजह से साइड-इफेक्ट हुआ है, लेकिन शनिवार को यूनिवर्सिटी ने कहा कि इसे जारी रखना सुरक्षित माना गया है। स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने ट्रायल फिर से शुरू होने की खबर का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, 'ट्रायल को रोकने का फैसला दिखाता है कि हमारे लिए सुरक्षा प्राथमिकता है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद हमारे वैज्ञानिक जल्द प्रभावी वैक्सीन लाने पर काम करेंगे।'  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा कि ऐसी संभावना पहले से थी कि इतने बड़े ट्रायल में 'भाग लेने वाले कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है।' यूनिवर्सिटी ने ये भी कहा कि स्वतंत्र सुरक्षा समीक्षा समिति और यूके नियामक, मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी की सिफारिशों के बाद स्टडी फिर से शुरू हो सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
गोपनीयता से जुड़े कारणों के चलते रोगी की तबीयत के बारे में जानकारी नहीं दी जाएगी, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के मुताबिक यूके ट्रायल में एक वॉलंटियर को ट्रांसवर्स माइलाइटिस हुआ है, जो एक इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम है जो रीढ़ की हड्डी पर असर डालता है और वायरल इंफेक्शन का कारण बन सकता है। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दुनियाभर में करीब 180 वैक्सीन कैंडिडेट के परीक्षण चल रहे हैं, लेकिन किसी ने भी क्लीनिकल ट्रायल पूरा नहीं किया है। इस वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण का परीक्षण पूरा हो गया है और काफी उम्मीदें हैं कि ये बाजार में आने वाली वैक्सीन हो सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हाल के हफ्तों में ये तीसरे चरण में पहुंची है, जिसमें ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के करीब 30 हजार लोग हिस्सा ले रहे हैं। तीसरे चरण के ट्रायल में अक्सर हजारों लोग हिस्सा लेते हैं और ये सालों तक चल सकता है। सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार सर पैट्रिक वालेंस ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ऑक्सफोर्ड परीक्षण में कुछ भी असामान्य नहीं हुआ। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
'नियंत्रण खो देने' का खतरा

ये खबर सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार समूह सेज के सदस्य, प्रोफेसर सर मार्क वालपोर्ट की उस चेतावनी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्रिटेन 'वायरस पर नियंत्रण खोने के नजदीक' पहुंच चुका है। शनिवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन में 3,497 और लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। लगातार दूसरे दिन तीन हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। आधिकारिक आंकड़े संकेत देते हैं कि ब्रिटेन में फिर से कोरोना महामारी बढ़ती जा रही है। इस बीच स्कॉटलैंड में प्रति दिन के मामलों में चार महीने बार उछाल देखा गया है। पिछले 24 घंटे में कुल 221 लोगों का टेस्ट पॉजिटिव आया है। आठ मई के बाद ये सबसे बड़ा आंकड़ा है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इंग्लैंड में अंदर और बाहर छह से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिर्फ कुछ खास मामलों, जैसे काम या स्कूल के मामले में इस नियम में छूट मिल सकती है। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। स्कॉटलैंड में भी छह से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध है, लेकिन इंग्लैंड से यहां का नियम थोड़ा अलग है। नियम के मुताबिक, ये लोग दो घरों से होने चाहिए और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को इस नियम से छूट है। वेल्स में सोमवार से छह से ज्यादा लोगों का अंदर मिलना गैर-कानूनी होगा, लेकिन बाहर 30 तक लोग मिल सकते हैं। 
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