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Coronavirus: मृत शरीर में कितनी देर तक जिंदा रहता है कोरोना वायरस? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Sun, 30 Aug 2020 05:48 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में मरने वालों का आंकड़ा आठ लाख 38 हजार के पार हो चुका है जबकि भारत में इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 63 हजार के पार हो गई है। कई देशों में तो संक्रमित मरीजों की मौत के बाद उनके शवों को उनके परिजनों को भी नहीं दिया जाता है, क्योंकि इससे वायरस के फैलने का खतरा रहता है। हालांकि कई जगहों पर संक्रमित मरीजों के शव उनको परिजनों को दिए भी जा रहे हैं, लेकिन पूरी सावधानी के साथ, यानी शव को रैप करके ही दिया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर मरने वाले के शरीर में कोरोना वायरस कितनी देर तक जिंदा रह सकता है? आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं...
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
मृत शरीर में वायरस कितनी देर तक जीवित रह सकता है? 
  • दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर नितेश बताते हैं, 'अभी इसे लेकर कोई शोध नहीं आया है। हालांकि एम्स में डेड बॉडी पर वायरस की मौजूदगी के बारे में शोध चल रहा है। फिलहाल कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को पूरी सावधानी से रैप करके ही परिजनों को दिया जाता है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या हृदय, किडनी पर भी कोरोना का प्रभाव पढ़ता है? 
  • डॉक्टर नितेश के मुताबिक, 'एम्स में 122 मरीजों पर अध्ययन किया गया है। उनमें से ज्यादातर मरीजों में हृदय, किडनी और न्यूरो पर कोरोना का अधिक असर पड़ा है। इससे साफ है कि शुरू में यह वायरस श्वसन तंत्र पर हमला करता है, फिर शरीर में फैलने के बाद किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। इसलिए अनलॉक के दौरान लोगों को बहुत ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। मास्क लगाने और हाथ साफ रखने में कोई कोताही न करें।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
एंटीबॉडी पर मुंबई में एक शोध हुआ है, वो क्या है? 
  • डॉक्टर नितेश बताते हैं, 'मुंबई में जो शोध हुआ, उसमें अलग-अलग लोगों में एंटीबॉडी पाए जाने की अलग-अलग समयसीमा देखने को मिली। किसी में एक महीने, किसी में एक हफ्ते, तो कई में 15 दिन तक एंटीबॉडी पाए गए। यह वायरस नया है, इसलिए यह पक्का नहीं है कि शरीर में इम्यूनिटी कितनी है और शरीर कितने एंटीबॉडी बना सकता है। इसपर अभी और रिसर्च की जरूरत है, तभी स्थिति साफ होगी कि एंटीबॉडी कितने दिन तक शरीर में रहते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या किसी सरकारी सेवा केंद्र में अंगूठे का निशान लगाने से संक्रमण हो सकता है? 

डॉक्टर नितेश के मुताबिक, 'अगर कहीं अंगूठा लगाया जाता है तो अंगूठा लगाने से पहले सैनिटाइजर से हाथ साफ करें। अंगूठा लगाने के बाद फिर से हाथों को सैनिटाइज करें। ऐसे सेवा केंद्र पर मास्क जरूर लगाएं और भीड़-भाड़ से दूर रहें।'  
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बाजार में वॉशेबल एन 95 मास्क मिल रहा है, वह कितना सुरक्षित है? 
  • डॉक्टर नितेश बताते हैं, 'अगर एन-95 मास्क लेने जा रहे हैं तो आईएसआई का मार्क और क्वालिटी जरूर देखें। वैसे ज्यादातर एन-95 मास्क ऐसे नहीं होते हैं, जिन्हें धोया जा सके।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर परिवार में किसी को बुखार या खांसी आ रही है तो क्या करें? 
  • इस बारे में डॉक्टर नितेश कहते हैं, 'इन दिनों जब कोरोना चल रहा है, तब अगर किसी को बुखार या कोई लक्षण है, तो सबसे पहले व्यक्ति को आइसोलेट कर दें। कुछ दिन बाद अगर उसमें कुछ लक्षण बढ़ते हैं, तो कोरोना की जांच करा लें। ध्यान रहे, जांच जितनी जल्दी होगी, बीमारी उतनी जल्दी पकड़ में आएगी और मरीज उतनी जल्दी रिकवर होगा। जांच कराने से डरें नहीं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
मास्क नहीं लगाने वालों के लिए क्या कहेंगे?
  • डॉक्टर नितेश कहते हैं, 'छोटे बच्चे से कहा जाता है कि मुंह में अंगुली मत डाले, लेकिन वो बार-बार मुंह में अंगुली डालता है। बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए यह कहा जाता है, उसी तरह अब सभी से कहा जा रहा है कि मुंह, आंख, नाक छूने से पहले हाथ धोना जरूरी है। इसी प्रकार लोगों को मास्क लगाने में परेशानी हो रही है, उन्हें उलझन हो रही है, लेकिन यह उनके फायदे के लिए ही है। कई लोग यह सोचकर कि कुछ दूर तक ही तो जाना है, मास्क नहीं लगाते हैं। ऐसी लापरवाही से ही कोरोना से संक्रमित हो जाते हैं। इसलिए आदत डालनी होगी, तभी सुरक्षित रह सकते हैं।'
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