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साहित्य अकादेमी का कथासंधि कार्यक्रम संपन्न

Wed, 20 Jul 2022 08:48 PM IST
काव्य डेस्क अमर उजाला काव्य डेस्क - नयी दिल्ली

सार

लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े रहे प्रदीप सौरभ ने अपने नवीनतम उपन्यास ‘ब्लाइंड स्ट्रीट’ के प्रारंभिक अंश श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत किए।
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विस्तार
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साहित्य अकादेमी ने आज अपने प्रतिष्ठित कार्यक्रम कथासंधि के अंतर्गत प्रख्यात उपन्यासकार प्रदीप सौरभ को आमंत्रित किया। लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े रहे प्रदीप सौरभ ने अपने नवीनतम उपन्यास ‘ब्लाइंड स्ट्रीट’ के प्रारंभिक अंश श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत किए। इन अंशों में चार दृष्टिबाधित दिव्यांग मित्रों के प्रारंभिक जीवन की बानगी थी, जो उन्होंने अलग-अलग प्रदेशों से शुरू की और अंततः दिल्ली आकर एकसाथ मिले। कहानी का मुख्य पात्र महेश तनेजा है जोकि चंढीगढ़ से दिल्ली पहुँचता है और उसके अन्य मित्र नितिन त्यागी, राजेश एवं नरेश, कानपुर और करनाल से यहाँ पहुँचते हैं।शुरुआती अंशों में उनकी दिल्ली पहुँचने की कठिनाइयों और उनके परिवारों तथा समाज द्वारा किए गए तिरस्कार को प्रस्तुत किया गया था। ज्ञात होकि प्रदीप सौरभ अपने पहले ही उपन्यास ‘मुन्नी मोबाइल’ से चर्चा में आ गए थे और उनके अन्य उपन्यास ‘तीसरी ताली’, ‘देश भीतर देश’ एवं ‘और सिर्फ तितली’ भी पाठकों द्वारा पंसद किए गए।
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उपन्यास अंश की प्रस्तुति के बाद उपस्थित श्रोताओं ने इस उपन्यास तथा अन्य उपन्यासों की रचना-प्रक्रिया पर भी सवाल-जवाब किए। एक सवाल के उत्तर में प्रदीप सौरभ ने कहा कि एक साहित्यकार को पत्रकार की पृष्ठभूमि से यह फ़ायदा होता है कि वह तथ्यों को भली-भाँति जाँच परखकर अपनी रचना में इस्तेमाल करता है। अपने पहले उपन्यास ‘मुन्नी मोबाइल’ के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि यह उपन्यास आज़ादी के बाद सरकार से आम जनता के मोहभंग पर केंद्रित था। इसमें विस्थापन का दर्द भी महसूस किया जा सकता है। इलाहाबाद के अपने प्रवास पर बोलते हुए कहा कि मैं सभी लेखकों से मिलता जुलता था लेकिन किसी से प्रभावित नहीं हुआ। लेकिन लिखते समय मैंने यह ध्यान रखा कि कोई भी रचना पुनर्लेखन की श्रेणी में न आ पाए।

कार्यक्रम में कई प्रख्यात पत्रकार एवं लेखक-संतोष भारतीय, अकु श्रीवास्तव, कैलाश नारायण तिवारी, अरविंद जैन, पवन अरोड़ा, प्रदीप पंडित, अरविंदशरण, अमिय बिंदु, इरशाद खान सिकंदर आदि बड़ी संख्या में छात्र एव पत्रकार उपस्थित थे।
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