झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीश उत्तम आनंद मर्डर केस की नियमित सुनवाई के संबंध में व्हाट्सएप इंडिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने एक आरोपी के चैट के साथ-साथ डेटा उपलब्ध कराने का वादा किया। सीबीआई ने आगे की जांच के लिए डाटा की मांग की थी। सिब्बल ने कहा कि सीबीआई द्वारा मांगी गई व्हाट्सएप चैट का डेटा उनके पास उपलब्ध है और उन्हें जांच एजेंसी के साथ डेटा साझा करने के संबंध में कोई आपत्ति नहीं है।
सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की उच्च न्यायालय की पीठ में यह दलील दी। सुनवाई के दौरान सीबीआई का प्रतिनिधित्व भारत के सहायक सॉलिसिटर जनरल, प्रशांत पल्लव और उनके सहायक पार्थ जालान ने किया।
विशेष रूप से मामले की पिछली साप्ताहिक सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के बाद एक आरोपी व्यक्ति के व्हाट्सएप चैट से उन्हें मामले की आगे की जांच करने में मदद मिलेगी। अदालत ने 26 मार्च की सुनवाई के दौरान व्हाट्सएप के भारत प्रमुख को प्रतिवादी बनाया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सीबीआई द्वारा मांगी गई आरोपी व्यक्तियों के चैट का इतिहास उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
इससे पहले 28 मार्च को सीएफएसएल दिल्ली के मुख्य वैज्ञानिक आमोद कुमार सिंह ने धनबाद के न्यायमूर्ति रजनीकांत पाठक की विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज, अपराध स्थल की रूपरेखा, थ्री डी चित्र छवियों और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण किया गया है और साबित हुआ कि आरोपी ने धनबाद के 49 वर्षीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश उत्तम आनंद को जानबूझकर ऑटो रिक्शा से टक्कर मारी थी।