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ED: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की दबिश; सोरेन सरकार में मंत्री के निजी सचिव और भाई के ठिकानों पर भी छापेमारी

Mon, 14 Oct 2024 10:18 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, रांची
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ED - फोटो : PTI
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प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में झारखंड की राजधानी रांची में कई स्थानों पर छापेमारी की। जांच के तहत 20 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। ईडी ने जल जीवन मिशन में अनियमितताओं के संबंध में आईएएस मनीष रंजन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर के निजी सचिव हरेंद्र सिंह, मंत्री के भाई विनय ठाकुर और अन्य के खिलाफ रांची और झारखंड के अन्य स्थानों पर छापेमारी की। रंजन भूमि, सड़क और भवन विभाग के सचिव हैं और ईडी उनसे पहले भी धन शोधन के एक अलग मामले में पूछताछ कर चुका है, जिसमें उसने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था।

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छापेमारी की जद में कौन-कौन?
सूत्रों के मुताबिक, कुछ व्यवसायी, सरकारी अधिकारी और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों की भी जांच की जा रही है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला राज्य पुलिस की एफआईआर से जुड़ा है। मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के भाई-सहयोगियों के अलावा कुछ सरकारी अधिकारियों, ठेकेदारों और व्यापारियों से जुड़े परिसरों की भी संघीय जांच एजेंसी द्वारा तलाशी ली जा रही है। चाईबासा और पश्चिम सिंहभूम जिले में कुछ स्थानों पर भी छापे मारे गए।

क्या है मामला?
धन शोधन का मामला जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ा है। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन (जेजेएम) का उद्देश्य घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। ईडी ने ‘जल जीवन मिशन’ में इसी तरह की धन शोधन से संबंधित जांच पिछले साल राजस्थान में शुरू की थी, जब राज्य में कांग्रेस सत्ता में थी।
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मंत्री ने क्या कहा?
ठाकुर ने आरोप लगाया कि ये छापेमारी राजनीति से प्रेरित है, क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के पार्टी के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी केंद्र सरकार के निर्देश पर काम कर रही है। उन्होंने मांग की कि एजेंसी को उनके आवास के अलावा उनसे जुड़े अन्य लोगों से की गई बरामदगी की सूची जारी करनी चाहिए।

ठाकुर ने कहा कि लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि मुझसे जुड़े परिसरों से कितनी धनराशि, अवैध दस्तावेज, सोना, हीरे और अन्य जवाहरात बरामद किए गए। मंत्री ने कहा कि वह भाजपा में शामिल होने के बजाय फांसी पर लटकना या अपना पूरा जीवन जेल में बिताना पसंद करेंगे। उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं को परेशान करने के इरादे से केंद्रीय एजेंसियों को तैनात करने का आरोप लगाते हुए केंद्र पर निशाना साधा।

यह बोले सीएम सोरेन
ईडी की छापेमारी को लेकर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि अब जब चुनाव भी करीब आ रहे हैं तो ईडी की छापेमारी अप्रत्याशित नहीं थी। यह दबाव बनाने का प्रयास है।

जल्द होंगे विधानसभा चुनाव
झारखंड में 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए जल्द चुनाव कराए जाने की घोषणा होने की उम्मीद है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल पांच जनवरी को समाप्त हो रहा है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी ईडी की छापेमारी को राजनीति से प्रेरित बताया।

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