झारखंड में भाषा को लेकर उठे विवाद को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। लालू यादव ने रविवार को रांची में कहा कि भोजपुरी और मगही का विरोध करना गलत है। जो उन भाषाओं का विरोध कर रहे हैं, उनका राजद भी विरोध करेगी।
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इस सवाल पर कि झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ही बोकारो में इसका विरोध कर रहे हैं, लालू यादव ने कहा कि विरोध करने वालों की बातों में कोई आधार नहीं है। भोजपुरी समाज किसी से डरता नहीं है। हम उनका विरोध करते हैं। राजद प्रमुख ने कहा कि ऐसे लोगों को सख्त जवाब दिया जाएगा।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से होने वाली राज्य स्तरीय तीसरे व चौथे ग्रेड की नौकरियों की परीक्षाओं के लिए क्षेत्रीय भाषाओं से भोजपुरी, मगही, अंगिका और मैथिली को बाहर रखा गया है। वहीं, इन्हीं वर्गों में जिला स्तरीय नौकरियों के लिए कुछ जिलों में इन भाषाओं को शामिल किया गया है।
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इसे लेकर सरकार ने पिछले साल 23 दिसंबर को अधिसूचना जारी की थी। इसके अनुसार उर्दू को सभी 24 जिलों में क्षेत्रीय भाषा का दर्जा दिया गया है जबकि बांग्ला को 11, मगही को छह, अंगिका को पांच, भोजपुरी को चार व उड़िया भाषा को तीन जिलों में क्षेत्रीय भाषा का दर्जा किया गया है। इसी का विरोध हो रहा है।