दिवाली के अवसर पर आतिशबाजी करना भारी पड़ सकता है। यहां तक की जेल की हवा भी खानी पड़ सकती हैं। पटाखे फोड़ने के लिए झारखंड सरकार ने कुछ नियम बनाए हैं। जिसके तहत दिवाली के मौके पर दो घंटे पटाखे फोड़ने की अनुमति दी गई है। रविवार को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण को कम करने के लिए यह आदेश जारी किया है। इस आदेश का उल्लघंन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिवाली के अलावा इन त्योहारों पर पटाखे छोड़ने का समय किया गया निर्धारित
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जेएसपीसीबी) ने कहा कि दो घंटे पटाखे फोड़ने का समय गुरुपर्व, छठ, क्रिसमस और नए साल पर भी लागू होगा। दिवाली और गुरुपर्व पर रात 8 से 10 बजे तक पटाखे फोड़ सकते है, जबकि छठ पर्व पर सुबह 6 से 8 बजे तक पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक क्रिसमस और नए साल पर रात 11.55 से 12.30 बजे तक ही पटाखे फोड़ सकते हैं। सचिव वाईके दास ने कहा कि तय समय के बाद पटाखा फोड़ना गैर कानूनी होगा। पकड़े जाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा-188 और धारा-37 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यहां मापा जाएगा प्रदूषण का स्तर
बोर्ड ने राज्य की राजधानी रांची में चार स्थानों पर दिवाली की रात 6 बजे से 12 बजे के बीच ध्वनि प्रदूषण को मापने का निर्णय लिया है। उच्च न्यायालय, डोरंडा, अशोक नगर, अल्बर्ट एक्का और कच्छरी चौक में ध्वनि प्रदूषण के स्तर को मापा जाएगा। इससे पहले बोर्ड की तरफ 18 अक्तूबर को ध्वनि प्रदूषण को मापा गया था। जेएसपीसीबी के सदस्य सचिव वाईके दास ने कहा कि राज्य के सभी जिलों के शहरी इलाकों में वायु गुणवत्ता का स्तर इस साल बेहतर है। प्रदूषण को कम करने के लिए राज्य में 125 डेसीबल से कम वाले पटाखों की बिक्री की अनुमति दी गई।