कांग्रेस द्वारा गठित एक तथ्यान्वेषी दल ने दावा किया कि नागालैंड में इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में 14 नागरिकों की मौत के पीछे खुफिया विफलता का कारण था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, सांसद गौरव गोगोई और एंटो एंटनी और पूर्व सांसद अजय कुमार की टीम ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपी। नागालैंड के पार्टी प्रभारी अजय कुमार ने शुक्रवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि घटना के कारणों की जांच के लिए गांधी के निर्देश पर टीम का गठन किया गया था।
रिपोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस घटना पर संसद के पटल पर झूठ बोला और उनसे सवाल किया कि वह घटनास्थल का दौरा क्यों नहीं किया। शाह ने सदन को बताया था कि एक वाहन को रुकने का इशारा किया गया था लेकिन उसने तेजी से भागने की कोशिश की और वाहन में चरमपंथियों की मौजूदगी का संदेह होने पर सुरक्षाकर्मियों ने गोलियां चला दीं।
कांग्रेस का एक दल नौ दिसंबर को घटनास्थल का दौरा करने के लिए दिल्ली से रवाना हुआ था, लेकिन जोरहाट हवाईअड्डे पर उसे रोक दिया गया। हालांकि, भारी विरोध के बाद डिब्रूगढ़ अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों से मिलने की अनुमति दी गई।
इसमें दावा किया गया है कि घायलों ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए, जिससे साफ तौर पर संकेत मिलता है कि गृह मंत्री ने झूठ कहा था। पुलिस के अनुसार नागालैंड के मोन जिले में सुरक्षा बलों ने नागरिकों पर गोलियां चलाईं थी, जिसमें 14 की मौत हो गई थी और 11 घायल हुए थे, जिनमें से पहला गलत पहचान का मामला था। इसके बाद हुए दंगे में एक सैनिक की भी मौत हो गई।