डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव को 21 फरवरी को सजा सुनाई गई थी। राजद अध्यक्ष की जमानत याचिका में बढ़ती उम्र और 17 प्रकार की बीमारियां होने का हवाला दिया गया है।
डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को शुक्रवार को भी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई लेकिन सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा है। सीबीआई की मांग पर कोर्ट ने 22 अप्रैल को सुनवाई की अगली तिथि निर्धारित कर दी। इस पहले एक अप्रैल को न्यायाधीश के अदालत में नहीं बैठने की वजह से सुनवाई स्थगित कर दी गई थी। इस मामले में लालू प्रसाद यादव को 21 फरवरी को सजा सुनाई गई थी।
चार मामलों में मिल चुकी है जमानत
बता दें कि चारा घोटाले से जुड़े कुल पांच मामलों में से चार मामलों में लालू प्रसाद को जमानत मिल चुकी है। अगर डोरंडा कोषागार मामले में भी लालू को जमानत मिल जाती है तो वे चारा घोटाले से जुड़े सभी मामलों में जमानत पर बाहर होंगे।
139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला
डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव को पांच वर्ष की सजा सुनाई है। इसी मामले में जमानत के लिए लालू प्रसाद की ओर से झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है।