मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपों का सामना कर रही झारखंड की खनन सचिव पूजा सिंघल को लेकर ईडी ने बड़ा खुलासा किया है। ईडी ने खुलासा करते हुए स्थानीय अदालत को बताया कि रांची में स्थित एक पल्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का प्रयोग आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनके सहयोगी 'काले धन को सफेद' करने में कर रहे थे। ईडी ने बताया कि ये अस्पताल पूजा सिंघल और उनके परिजनों के स्वामित्व में है। ईडी ने यह आरोप भी लगाया है कि इस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा के लिए भारी भुगतान नकद लिया जाता था।
ईडी ने पूजा सिंघल के पति के अस्पताल को लेकर किया दावा
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया कि आईएएस पूजा सिंघल की इस अस्पताल के निर्माण और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका थी। गौरतलब है कि ये मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल रांची के बरियातू इलाके में स्थित है। ईडी ने पिछले हफ्ते कार्रवाई के दौरान इस अस्पताल की तलाशी ली थी।
ईडी ने कहा कि अस्पताल की भूमि और पूजा सिंघल के स्वामित्व वाले डायग्नोस्टिक सेंटर सहित अन्य भवन का स्वतंत्र मूल्यांकन 40 करोड़ रुपये से अधिक है और अस्पताल में मौजूद मशीनों का मूल्य 30 करोड़ रुपये से अधिक पाया गया है। हालांकि, अस्पताल की वित्तीय स्थिति में बहुत कम मूल्यांकन घोषित किया गया है।
अस्पताल के जरिए की जा रही थी काले धन की हेराफेरी
अधिकारियों ने पहले कहा था कि कथित तौर पर पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा द्वारा प्रबंधित अस्पताल का मूल्यांकन कागज पर लगभग 3 करोड़ रुपये था। ईडी ने दावा किया कि जांच के बाद जानकारी मिली है कि इस अस्पताल के माध्यम से काले धन की हेराफेरी की जा रही थी।
सीए सुमन कुमार ने कबूली थी ये बात
इस दौरान ईडी ने ये भी आरोप लगाया कि उनके सीए सुमन कुमार ने पीएमएलए के तहत ईडी के सामने दर्ज किए गए अपने बयान में कहा है कि उनके घर से बरामद अधिकांश नकद राशि पूजा सिंघल की है, जो उन्होंने उनकी ओर से एकत्र की थी।
बता दें कि ईडी ने बुधवार को 2000 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी पूजा सिंघल को मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत गिरफ्तार किया था। वह अब ईडी की हिरासत में है। इस मामले में गिरफ्तार किए जाने के 24 घंटे के भीतर झारखंड सरकार ने गुरुवार को उन्हें निलंबित कर दिया था।
छह मई को की थी छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छह मई को पूजा के अलावा उनके पति अभिषेक झा और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के परिसरों पर भी छापेमारी की थी। ईडी ने ये कार्रवाई मनरेगा फंड के कथित गबन और कुछ अन्य कथित संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की थी। वहीं, सीए सुमन कुमार को पिछले सप्ताह ही इस मामले में उनके आवास और कार्यालय परिसर से कथित तौर पर 17.79 करोड़ रुपये से अधिक नकदी मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। वह अभी भी ईडी की हिरासत में है।