28 जुलाई को मॉर्निंग वॉक के दौरान धनबाद न्यायालय में पदस्थापित जज उत्तम आनंद की ऑटो से टक्कर होने के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद राज्य सरकार की अनुशंसा पर और हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले को सीबीआई को सौंपा गया था।
झारखंड के धनबाद कोर्ट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की हत्या मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश- III ने आरोपी ऑटो चालक लखन कुमार वर्मा और उसके सहयोगी राहुल कुमार वर्मा के खिलाफ धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत नष्ट करना), धारा 34 (सामान्य इरादा) के तहत अपराध करने के लिए आरोप तय कर दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी।
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31 जनवरी को धनबाद जेल में दोनों से दो घंटे तक लगातार हुई थी पूछताछ
सोमवार यानी 31 जनवरी को धनबाद जेल में दोनों से दो घंटे तक लगातार पूछताछ की गई थी। अदालत ने सीबीआई को 29 से 31 जनवरी के बीच तीन दिनों तक आरोपियों से धनबाद जेल में पूछताछ की मोहलत दी थी। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी बार-बार बयान बदल रहे थे।
28 जुलाई को जज उत्तम आनंद की हुई थी मौत
गौरतलब है कि 28 जुलाई को जज उत्तम आनंद की मॉर्निंग वॉक के दौरान एक ऑटो ने कुचल दिया था, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में हत्या का एंगल भी सामने आया था। पुलिस हत्या के एंगल से मामले की जांच कर रही थी। सरकार ने इसके लिए एसआईटी भी गठित की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए केस को सीबीआई को सौंप दिया था।