झारखंड पुलिस के आतंक विरोधी दस्ते (ATS) ने सीआरपीएफ के एक जवान समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) को हथियारों की आपूर्ति करने का आरोप है।
झारखंड एटीएस के एसपी प्रशांत आनंद ने मंगलवार को रांची में बताया कि एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। यह प्रतिबंधित संगठनों को हथियारों की आपूर्ति करता था। जिन्हें गिरफ्तार किया गया है उनमें सीआरपीएफ जवान अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा शामिल है। वह गया जिले के इमामगंज का रहने वाला है और वर्तमान में सीआरपीएफ की 182 वीं बटालियन में होकर पुलवामा जम्मू कश्मीर में पदस्थ है। उसके दो सहयोगियों ऋषि कुमार, निवासी बेनीपुर पटना व पंकज कुमार सिंह निवासी सिमरी गांव साकरा मुजफ्फरपुर शामिल है।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार व गोलाबारूद बरामद किए हैं। पटना में बिहार पुलिस की मदद से अनिवाश व ऋषि की गिरफ्तारी के बाद यह बरामदगी की गई। पंकज सिंह को झारखंड पुलिस ने रांची से दबोचा।
चार माह से ड्यूटी से गायब था जवान
एटीएस एसपी ने बताया कि अविनाश ने 2011 में सीआरपीएफ ज्वाइन की थी। वह 2017 से पुलवामा में पदस्थ था, लेकिन चार माह से ड्यूटी से गायब था। इससे पहले वह 112 वीं बटालियन में लातेहर में और 204 बटालियन कोबरा में जगदलपुर में पदस्थ था।
प्रथम दृष्ट्या लगता है कि आरोपी रातों रात लखपति बनने के चक्कर में थे। उन्होंने पूर्व में भी नक्सलियों व अपराधियों को गोलाबारूद सप्लाई करने की बात कबूल की है। वे जेल में बंद गैंगस्टरों के संपर्क में थे और सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल करते थे।
भारी मात्रा में एक-47 व इंसास राइफल भी दी
एटीएस एसपी आनंद ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में कहा कि उन्होंने प्रतिबंधित संगठनों को एके-47 और इंसास राइफल भी बड़ी मात्रा में सप्लाई की है। उनसे 450 राउंड्स कारतूस बरामद किए गए हैं, ये इंसास राइफलों में काम आते हैं।