विश्व रक्तदाता दिवस पर शुक्रवार को जम्मू, उधमपुर और कठुआ में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। जीएमसी जम्मू के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग में रक्दान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्टेफन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन जम्मू, एडस कंट्रोल सोसाइटी जेएंडके और ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग जम्मू के सहयोग से लगाया जा रहा है। रक्तदान सुबह दस बजे से जारी है। कोई भी व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान कर सकता है। वहीं, जीएमसी कठुआ और जीएमसी उधमपुर में भी शिविर का आयोजन किया गया है।
इसमें एनजीओ, सामाजिक, धार्मिक, व्यापारी संगठनों के साथ-साथ छात्र भी शामिल हो सकते है। सरकारी विभागों के कर्मचारी, सुरक्षाबल भी रक्तदान कर पुण्य का भागी बन सकते हैं। आपका प्रयास कई जिंदगियां को बचाने का काम करता है। चिकित्सकों के अनुसार रक्तदान करने में कोई भी भ्रांति नहीं होनी चाहिए। रक्तदान के दौरान होने वाले खून की जांच से कई बीमारियों का पता चल जाता है।
कठुआ में रक्त दान करते हुए युवा
- फोटो : साहिल खजुरिया
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जीएमसी कठुआ में रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है। जीएमसी कठुआ प्रबंधन के सहयोग से लगाए जा रहे शिविर में कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर दूसरों को नया जीवन देने के साथ पुण्य का भागी बन सकता है।
जीएमसी कठुआ के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार अत्री ने अपील करते हुए कहा कि यह दिन समाज के प्रति अपने दायित्व को निभाने का है। रक्तदान महादान है, इससे कई बेशकीमती जिंदगियों को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समाज हित के लिए रक्तदान करना चाहिए।
उधमपुर में रक्तदान करते हुए
- फोटो : सौरव सागर
जीएमसी उधमपुर में भी रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। रक्त का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है। केवल मनुष्य का रक्त जरूरत पड़ने पर मनुष्य को दिया जा सकता है। इसलिए रक्तदान को महादान कहा गया है। स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। रक्तदान करने से प्राप्त होने वाले रक्त को जरूरतमंद व्यक्ति को प्रदान करके उसे नई जिंदगी दी जा सकती है।
ये सावधानी बरतें रक्तदान करने से पहले
-रक्तदान से पहले तंबाकू, सिगरेट, शराब सहित अन्य नशीली चीजों का सेवन न करें। रक्तदान के पहले पर्याप्त खाना खाएं और तरल पदार्थ लें।
-खाली पेट रक्तदान नहीं करना चाहिए, इससे चक्कर आने की संभावना रहती है।
कोई भी कर सकता है रक्तदान
-कोई भी स्वस्थ व्यक्ति तीन महीने के अंतराल पर रक्तदान कर सकता है।
-18 से 60 वर्ष आयु को कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।