जम्मू। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा कर्मचारियों ने तीस दिन में डीपीसी (डिपार्टमेंटल प्रोमोशन कमेटी) नहीं करने की सूरत में कामछोड़ हड़ताल की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ किया कि हड़ताल के दौरान अगर स्वास्थ्य सेवाएं चरमराती हैं तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रेसवार्ता में जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि पांच साल से डीपीसी में लेटलतीफी की जा रही है, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है। बड़ी संख्या में इस लाभ को पाए बिना कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए हैं। जिला स्तर पर धरना प्रदर्शनों के बाद 6-8-2021 को स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 दिन के भीतर डीपीसी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द डीपीसी जारी करनी चाहिए। कोविड की तीनों लहरों के दौरान कोविड योदाओं के रूप में चिकित्सा कर्मचारियों ने मानव जीवन को बचाने का काम किया है। लेकिन उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहाहै। डीपीसी उनका हक है और वे लेकर रहेंगे। सरकार कर्मचारियों को ठोस कदम उठाने के लिए मजबूर कर रही है। इस दौरान प्रफुलत सिंह, चौधरी जरनैल सिंह, नीलम कुमारी, नदीम, पवन सिंह जमवाल, हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।