बाहरी राज्यों के नंबर वाले बीएस-3 मानक के वाहनों का प्रदेश में पंजीकरण नहीं होगा। केवल उन्हीं वाहनों का पंजीकरण होगा, जिसमें वाहन की खरीद के बाद से मालिक एक ही है। ऐसे वाहन का पंजीकरण नहीं होगा जो उसके पहले मालिक से किसी दूसरे व्यक्ति ने खरीदी होगी। बीएस-3 के अलावा अन्य सभी मानक के वाहनों का पंजीकरण होगा और पंजीकरण शुल्क वाहन के परिचालन की बची अवधि के हिसाब से लिया जाएगा।
आरटीओ धनंतर सिंह ने कहा कि बाहरी राज्यों के केंद्र सरकार के कर्मचारी या पर्यटकों को प्रदेश में अपने वाहन का पंजीकरण नहीं कराना पड़ेगा। पंजीकरण केवल उन वाहनों का होगा, जिसका नंबर बाहरी राज्य का है और वाहन मालिक प्रदेश का नागरिक है। बाहरी राज्यों के नंबर वाले वाहन को पंजीकरण शुल्क वाहन की बची लाइफ पर नौ प्रतिशत के हिसाब से देना होगा। यानी कि अगर किसी वाहन का पंजीकरण पंजाब में हुआ है। उसे जम्मू-कश्मीर में पंजीकरण के लिए सिर्फ उतना शुल्क देना होगा, जिनती उस वाहन की लाइफ बची है।
हालांकि बाहरी राज्यों के नंबर वाले वाहन मालिकों का कहना है कि ऐसे भी वाहन हैं, जिनके संबंधित राज्यों में बैंक लोन केस चल रहे हैं और वहां के आरटीओ एनओसी नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण प्रदेश में इन गाड़ियों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। परिवहन विभाग का कहना कि ऐसे वाहन चालकों को जल्द अपना बैंक केस पूरा कर एनओसी हासिल कर प्रदेश मे पंजीकरण करवाना होगा।