अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर में वाणिज्यिक वाहनों की अब 6 महीने के बजाय एक साल में फिटनेस जांच की जाएगी। ट्रांसपोर्टर इसके लिए लंबे समय से मांग कर रहे थे। सरकार की पहल को देखते हुए ऑल ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने 13 अप्रैल को प्रस्तावित रैली को 15 अप्रैल तक स्थगित किया है। इस बीच एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने भाजपा नेता देवेंद्र सिंह से मुलाकात कर मांगों को उठाया, जिसके बाद राणा ने उपराज्यपाल से चर्चा की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह के नेतृत्व में ट्रांसपोर्टरों से मुलाकात के बाद राणा ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से उनके ज्वलंत मुद्दों पर गौर करने पर जोर दिया है। उन्होंने सभी यात्री वाणिज्यिक वाहनों से तिमाही आधार पर कर वसूलने, सभी 15 वर्ष पुराने वाणिज्यिक वाहनों के फिटनेस शुल्क में वृद्धि, जम्मू और श्रीनगर जिलों में 20 वर्ष के जीवन के लिए समर्पण परमिट के तहत वाणिज्यिक वाहनों का पुन: पंजीकरण और 25 वर्ष अन्य जिलों के मुद्दों पर चर्चा की गई। एसोसिएशन के पदाधिकारी विजय सिंह चिब ने जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था में परिवहन उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने, दशकों से कठिन इलाकों और अप्रत्याशित मौसम की स्थिति में परेशानीमुक्त आवागमन सुनिश्चित करने को कहा। पिछले 70 वर्षों के दौरान रेलवे की कमी के कारण भूतल परिवहन पर अनिवार्य रूप से निर्भर परिवहन उद्योग ने जम्मू कश्मीर में जीवन रेखा को बनाए रखा है। उपराज्यपाल ने परिवहन कार्यों में तेजी लाई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि एसआरओ 157 के तहत जेकेआरटीसी से लगे मालवाहकों के लिए माल-भाड़े में 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण बकाया जारी किया जाए। प्रदेश में अवैध ढंग से ई रिक्शा और ई आटो के संचालन के मामले को ध्यान में लाया गया। कहा इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और प्रर्तन प्रणाली के माध्यम से ऑटो चालान का उपयोग करके इलेक्ट्रानिक रूप से नियम 167 के तहत जारी किए गए बी चालान के तत्र में खामियों को दूर करने की मांग की। अपराध को उजागर करने वाले स्पष्ट फोटोग्राफिक सबूत और वाहन की लाइसेंस प्लेट प्रदान करके प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सकता है। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों में बलवीर सिंह बाबा, चंब रूट, भारत भूषण, संजीव चौधरी आदि मौजूद रहे।