कोरोना काल से पहले एक दर्जन से अधिक गाड़ियां रुकती थीं, अब केवल दो गाड़ियों का स्टोपेज
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कालीबडी रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ियों के न रुकने से स्थानीय लोगों में रोष है। कोरोना काल से पहले एक दर्जन से अधिक गाड़ियां इस रेलवे स्टेशन पर रुकती थीं, लेकिन अब केवल दो गाड़ियां ही रुक रही हैं। इस बाबत स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन के साथ रेलवे के अधिकारियों से भेंट कर उन्हें भी अवगत करवाया है, लेकिन कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है।
सनद रहे कि सांबा में सेना का बिग्रेड है, बीएसएफ का हेडक्वार्टर है, तीन चरण में कारखाने, सीआरपीएफ की कंपनियां हैं, जिनमें हजारों अधिकारी व कर्मचारी बाहरी राज्यों के हैं। ऐसे में उन्हें जब अपने घर आना-जाना हो तो उन्हें कठुआ या जम्मू से रेलगाड़ी पकड़नी पड़ रही है। इससे उन्हें दिक्कत होती है। समय भी खराब होता है।
रेलवे के अधिकारियों से फिरोजपुर में जाकर मिले थे। उन्हें अपनी समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है।
- रविंद्र सिंह लब्लु, सरपंच, मंडी केहली सांबा
कालीबडी रेलवे स्टेशन पर एक दर्जन रेलगाड़ियां रुकती थीं। इससे क्षेत्र में रौनक बनी रहती थी। आसपास के दुकानदारों का भी रोजगार चलता था। अब सन्नाटा पसरा हुआ है।
- कृष्ण चंद, सरपंच, रामनगर पंचायत, सांबा
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सांबा में तीन चरणों में तीन सौ से अधिक कारखाने हैं, जिनमें बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी हैं। लाखों रुपये हर माह कारखाना प्रबंधक कर दे रहे हैं, फिर भी उन्हें सुविधा नहीं मिल रही।
- विनोद कुमार, सरपंच, रख अंबा टाली, सांबा
सांबा शहर की अनदेखी की जा रही है। रेलगाड़ियों में सफर करने के लिए लोग परेशान है। एलजी प्रशासन सांबा के रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों को रोके जाने के निर्देश दें।
- सप्पन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता, सांबा