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जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर के अस्पताल में सुरक्षा बलों पर हमला, युवक घायल, आतंकी सरगना के मौके पर होने की सूचना के बाद पहुचे थे जवान

Fri, 05 Nov 2021 03:15 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

श्रीनगर में शुक्रवार को आतंकियों ने फायरिंग की। जिसके बाद फरार हो गए। आतंकियों की तलाश में अभियान शुरू किया गया है।

 
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श्रीनगर में हुए आतंकी हमले के बाद मौके पर सुरक्षाबल। - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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श्रीनगर के बेमिना इलाके में शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में शुक्रवार की शाम आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया। अस्पताल में भीड़ का फायदा उठाते हुए दहशतगर्द सुरक्षा बलों पर फायरिंग करते हुए भाग निकले। इसके बाद पूरे इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आतंकी की ओर से की गई फायरिंग में डोडा निवासी मसूद अहमद (15) घायल हो गया। सूत्रों के अनुसार, सादे कपड़ों में पुलिस की एक विशेष टीम श्रीनगर के एक आतंकी कमांडर को मारने के लिए मिशन पर थी।

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इस दौरान आतंकी ने पुलिस की टीम पर पिस्तौल से फायरिंग की। वारदात से अफरातफरी मच गई। लोग सुरक्षित ठिकाने की तलाश में भागने लगे। इस बीच आतंकी भगदड़ का फायदा उठाते हुए भाग निकला। हालांकि, पुलिस की ओर से इस सीक्रेट मिशन की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।  श्रीनगर पुलिस द्वारा अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट में लिखा गया कि बेमिना स्थित स्किम्स अस्पताल में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक संक्षिप्त मुठभेड़ हुई।

आतंकी मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का फ ायदा उठाते हुए भागने में कामयाब हुए। इस बीच अस्पताल के बाहर से गुजरने वाले श्रीनगर-बारामुला राष्ट्रीय राजमार्ग पर तैनात आरओपी के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया।  तुरंत मौके पर अतिरिक्त जवान पहुंचे और बड़े पैमाने पर एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया।
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टीआरएफ ने कहा-वार्निंग अटैक 
उधर, लश्कर-ए-ताइबा के संगठन टीआरएफ  ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उनके गाजी स्क्वायड द्वारा जेवीसी में तैनात सुरक्षा कर्मियों पर वार्निंग अटैक किया गया है। यह चेतावनी भरा संदेश उनके लिए है जिन्होंने क्रिकेट मैच की जीत का जश्न मनाने पर  एफआईआर दर्ज की है।
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अब नहीं बच सकेंगे हाइब्रिड आतंकी
कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग के बाद हाइब्रिड आतंकियों और संदिग्धों की पहचान के लिए चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक लाने की तैयारी की जा रही है। इसे लेकर श्रीनगर नगर निगम से बात की गई है। इसके लिए फेशियल रेकोग्नीशन टेक्नोलॉजी (एफआरटी) लाई जाएगी। इससे सीसीटीवी में कैद होने वाले संदिग्धों की पहचान करने में आसानी होगी। इस तकनीक के तहत पुलिस के पास एक डाटाबेस भी होगा, जिससे इनकी पहचान की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि श्रीनगर से शुरूआत की जाएगी। इसके बाद पुलवामा, शोपियां, कुलगाम आदि में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।  
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इस तकनीक के तहत हाई रेजोल्यूशन वाले कैमरे लगाए जाते हैं। एक बायोमीट्रिक सेटअप बनाया जाता है। कैमरों से खींची गई तस्वीरों या वीडियो में दिखने वाले शख्स को बायोमीट्रिक सेटअप के जरिए इस्तेमाल किया जाता है। इस सिस्टम में पुलिस अपराधियों, आतंकियों और संदिग्धों की पहचान कर सकती है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्रीनगर नगर निगम मिलकर इस तकनीक के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस समय पुलिस किसी व्यक्ति की तस्वीर या वीडियो की पहचान के लिए उसे गुजरात की एफएसएल और चंडीगढ़ की एफएसएल के पास भेजती है। नई तकनीक आने से त्वरित जांच हो सकेगी। 

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