नागरिक का कहना है कि अनुच्छेद-370 हटने के बाद तरह-तरह की अफवाहें फैल रही थीं। भय का माहौल बनाया जा रहा था, लेकिन ऐसे हालात नहीं हुए थे। चेहरे पर मायूसी और भय समेटे हुए नागरिक ने कहा- हम तो मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पेट भरते हैं। कोई हमें मुफ्त में तो पैसे देता नहीं। अगर हालात बिगड़ेंगे तो हम अपने घर वापस चले जाएंगे। लेकिन हमें अभी भी यहां के उन लोगों पर भरोसा है, जो हमारा हौसला बढ़ा रहे हैं।