कश्मीर में दो चरण के चनाव में भारी मतदान देखने को मिला लेकिन अब तीसरे चरण के चुनाव में बारामुल्ला ज़िले के कुछ ऐसे संवेदनशील इलाके हैं जहां के लोगों में एक खौफ सा बना हुआ है। चुनाव बहिष्कार की धमकियों को ध्यान में रखते हुए ज़िले के सोपोर, संग्रामा, पट्टन और बारामुल्ला इलाके के लोगों ने चुनाव अधिकारियों से अपील की है कि वोट डालने के बाद उनकी उंगलियों पर स्याही नहीं लगाई जाए।
संवेदनशील और काबू से बाहर रहने वाले विधान सभा क्षेत्र जिनमें सोपोर, संग्रामा, पट्टन और बारामुल्ला शामिल हैं में तीसरे चरण के अंतर्गत 9 दिसंबर, 2014 को मतदान होने हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि मध्य उम्र और बुज़ुर्ग मतदाताओं ने जिला चुनाव अधिकारी और चुनाव आयोग के अधिकारीयों से अनुरोध किया है।
इन विधान सभा क्षेत्रों के मतदाताओं ने कहा कि वह बहिष्कार की धमकियों का सामना करते हुए अपने मत का प्रयोग करने को तैयार हैं लेकिन तब अगर उंगलियों पर स्याही नहीं लगाई जाएगी।