आटा का भंडारण ज्यादा नहीं किया जा सकता। इसके सड़ने की आशंका रहती है। सरकार को गेहूं का भंडारण ऐसे इलाकों में करना चाहिए जोकि ज्यादा दिन तक चल सकता है। बर्फबारी के बाद बिजली की आपूर्ति ढुलमुल हो जाती है। ऐसे में मिट्टी के तेल का पर्याप्त भंडारण होना चाहिए।
पीडीपी के महासचिव निजामुद्दीन भट्ट ने कहा है कि रियासत में खराब मौसम और कई सड़कों के बंद हो जाने की वजह से राशन, गैस, मिट्टी के तेल के अलावा बिजली और पानी की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सभी उचित कदम उठाये जाने चाहिए।
खासतौर से आपातकालीन विभागों में जिसमें बिजली, पानी, राशन, सड़क और स्वास्थ्य विभाग को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि नेशनल हाईवे के अलावा हवाई यातायात के माध्यम से दूरदराज के इलाकों में जरूरी सामान पहुंचाया जाना चाहिए।
सरकार ने किए दिशा निर्देश जारी
गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों से हाल ही में बैठक कर उन्हें दूरदराज के इलाकों खासतौर से बर्फबारी वाले इलाकों में पर्याप्त मात्रा में रसोई गैस का भंडारण करने के उन्होंने दिशा निर्देश जारी किए हुए हैं।
उपभोक्ता एवं जन वितरण विभाग के अधिकारियों को भी राशन का भंडारण करने को कहा गया है। अब बर्फबारी हुई हैं। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि दिशा निर्देशों पर किस हद तक काम हुआ। इसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
-चौधरी जुल्फिकार अली, उपभोक्ता एवं जन वितरण मंत्री
सड़कों का संपर्क जाएगी टूट
रियासत में बर्फबारी का सिलसिला शुरू होने के साथ ही संपर्क सड़कों के बंद होने से दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराना सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
खासतौर से राशन, रसोई गैस (एलपीजी) और मिट्टी के तेल की पहले से चल रही अनियमित सप्लाई को दुरुस्त करना आने वाले दिनों में बड़ी समस्या होगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सरकारी राशन की चीनी पिछले तीन महीने से राशन कार्ड धारकों को नहीं मिल पाई है। अब राशन स्टोरों में चीनी पहुंची हैं लेकिन बर्फबारी के बाद अब इसे दूरदराज के इलाकों में पहुंचाना आसान नहीं है।
इसी तरह मिट्टी के तेल की बर्फबारी वाले इलाकों में किल्लत है। सरकारी राशन की सप्लाई भी पिछले कुछ महीनों से सुचारु नहीं रही है।
कंज्यूमर प्रोटेक्शन आर्गेनाइजेशन के प्रधान डीआर दानिश का कहना है कि बर्फबारी के बाद दूरदराज के इलाकों खासतौर से सड़कों के नेटवर्क से कटने वाले इलाकों में राशन की समस्या उठ खड़ी होती है।