पाकिस्तान के इशारे पर आतंकी राजोरी को दहलाने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं। रविवार को नौशेरा के नोनियाल स्थित भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व एमएलसी सुरेंद्र चौधरी के घर के पास मोर्टार शैल मिलने से सनसनी फैल गई। समय रहते इसका पता चलने पर सेना ने शैल को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर विस्फोट से नष्ट कर दिया। इस बीच बम मिलने की सूचना से पूरे क्षेत्र में फिर दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सूत्रों ने बताया कि भाजपा नेता के घर के पास से मिले शैल में यदि विस्फोट हो जाता तो इससे बड़ा नुकसान हो सकता था। वहीं बम मिलने के बाद से ही सेना ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। दिन भर इलाके को खंगालने पर भी कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। पिछले साल भी राजोरी के खांडली स्थित भाजपा नेता जसवीर सिंह के घर पर ग्रेनेड हमला हुआ था, जिसमें भाजपा नेता के 3 वर्षीय भतीजे की मौत हो गई थी और परिवार के आठ अन्य लोग घायल हुए थे। ग्रेनेड हमले के आरोपियों का पुलिस अभी तक पता नहीं लगा पाई है।
एक माह में हो चुके हैं चार धमाके
राजोरी की कोटरंका सब डिवीजन में अलग-अलग इलाकों में पिछले एक माह में चार धमाके हो चुके हैं। इनमें यूपी निवासी दंपती सहित चार लोग घायल हो चुके हैं। 17 अप्रैल को राजोरी शहर से सटे गुरदन बाला इलाके में सेना के कैंप के पास एक आईईडी मिली थी, जिसे विस्फोट से पहले सेना ने निष्क्रिय कर दिया था। 20 अप्रैल को कोटरंका के जगलानू इलाके में झुग्गियों में रह रहे लोगों को निशाना बनाते हुए विस्फोट किया गया।
इस घटना में यूपी के दंपती घायल हो गए थे। 24 अप्रैल को भी कोटरंका के शाहपुर गांव में एक विवाह के दौरान विस्फोट कर अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने का प्रयास किया गया था। इस घटना में टेंट हाउस में काम करने वाले 2 लोग घायल हुए थे। वहीं 26 मार्च को कोटरंका के पुलिस थाने के पास टाइमर डिवाइस से दो विस्फोट किए गए थे। इन घटनाओं के क्रम ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है।
मेंढर के भाटा दूड़ियां जंगल से मिला मोर्टार बम
मेंढर के भाटा दूड़ियां क्षेत्र के जंगल से रविवार को मोर्टार बम मिला। सेना ने इस बम को विस्फोट कर नष्ट कर दिया। दोपहर बाद करीब 3.30 बजे पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भाटा दूड़ियां के गजनूटाप जंगल में सेना की 156 टीए बटालियन और 49 आरआर ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान जंगल से मोर्टार बम बरामद किया गया। सेना ने फौरन क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। कुछ समय में मोर्टार बम को विस्फोट से नष्ट कर दिया गया। आशंका जताई जा रही है कि बीते वर्ष आतंकियों से 20 दिन तक चली मुठभेड़ में सेना ने मोर्टार का इस्तेमाल किया था। संभव है उन्हीं में से यह बम बिना फटे जंगल में पड़ा रह गया।