जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (जेकेआरटीसी) ने हेराफेरी और अन्य धोखाधड़ी करने वाले 15 कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। सभी को बर्खास्त कर दिया गया है। सभी के खिलाफ जांच की चलेगी
प्रदेश सरकार ने जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (जेकेआरटीसी) के 15 कर्मचारियों को सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इन कर्मचारियों पर जेकेआरटीसी के राजस्व में हेराफेरी के आरोप थे। सभी कर्मचारी कंडक्टर के रूप में कार्यरत थे और इन सभी पर किराये, ईंधन में गड़बड़ी समेत अन्य श्रेणी के दस से अधिक मामले दर्ज थे।
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जेकेआरटीसी प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि इन सभी कर्मचारियों को राजस्व के दुरुपयोग में संलिप्त पाया गया है। बर्खास्त किए गए सभी कर्मचारियों पर दस से अधिक आपरधिक मामले चल रहे हैं। प्रबंधन ने कई बार इन्हें सुधरने का मौका दिया था, लेकिन राजस्व में हेराफेरी से यह कर्मचारी बाज नहीं आए, जिसे ध्यान में रखते हुए इन्हें सेवा मुक्त किया गया है।
इनकी सेवा की गई समाप्त
सेवा से बर्खास्त कर्मचारियों में नेहरू लाल के खिलाफ 12 मामले थे, जबकि जसबीर सिंह के खिलाफ 16 मामले, वीके सलाथिया पर 11 मामले, जगतार सिंह पर 11 मामले, तेज कृष्ण पर 17 मामले, दलजीत पर 14 मामले, भगवान दास पर 15 मामले, मनजीत सिंह पर 18 मामले, सुखदेव सिंह पर 16 मामले, अमर सिंह पर 15 केस, नानक चंद पर 14 मामले, अर्जुन सिंह पर 15 मामले, मोहम्मद सलीक पर 22 मामले, मोहम्मद शरीफ पर 14 मामले, अहमद नादियो पर 13 मामले हैं, जिसमें संलिप्तता पाई गई है। जेकेआरटीसी प्रबंधक अंग्रेज सिंह राणा ने कहा कि ईमानदारी से समझौता करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।