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जम्मू-कश्मीर: घाटी में बंद के दौरान भी फीस मांग रहे हैं निजी स्कूल

Sat, 26 Nov 2016 12:07 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
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महीनों से अशांत है घाटी का माहौल - फोटो : PTI
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घाटी में बंद के दौरान निजी स्कूल प्रबंधकों द्वारा बच्चों के अभिभावकों से फीस की मांग के मामले में शिक्षा विभाग से बातचीत की जाएगी। एडवोकेट जनरल जहांगीर इकबाल ने यह बात हाईकोर्ट में कही। चीफ जस्टिस एनपाल वसंथाकुमार और जस्टिस मुजफ्फर हुसैन अतार की खंडपीठ के समक्ष इकबाल ने कहा मामले को लेकर उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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गैर सरकारी संस्था जम्मू कश्मीर पीपल्स फोरम ने इस मामले की जनहित याचिका दायर की थी। फोरम ने तर्क दिया है कि जब कक्षाएं ही नहीं लग पाईं तो फीस की मांग कैसे की जा सकती है। जब तक हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, फीस की मांग कानून सम्मत नहीं है।

उल्लेखनीय है कि घाटी में बंद रहने के बावजूद निजी स्कूल प्रबंधक अभिभावकों से ट्यूशन और ट्रांसपोर्टेशन फीस की मांग कर रहे हैं। जनहित याचिका में बंद के दौरान फीस की मांग को अनुचित बताया है। याची के अनुसार निजी स्कूलों को अभिभावकों पर दबाव बनाने के बजाय हाईकोर्ट से आदेश हासिल करना चाहिए।
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फीस की मांग नहीं कर सकते स्कूल प्रबंधक

कोर्ट में विचाराधीन है मामला - फोटो : डेमो फोटो
इस मामले में एडवोकेट जनरल ने कोर्ट में कहा कि वह इस मामले में स्कूली शिक्षा निदेशक से जवाब लेंगे और अदालत को शिक्षा विभाग के पक्ष से अवगत करवाएंगे। वहीं शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि मामला चूंकि अदालत में विचाराधीन है, ऐसे में स्कूल प्रबंधक फीस की मांग नहीं कर सकते हैं। 

गौरतलब है कि घाटी में 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के सेना के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से ही तनाव का माहौल है । बुरहान के मारे जाने के बाद से भड़की हिंसा के कारण अब तक कुल 84 लोगों की मौत हो चुकी है । इसके अलावा सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों मे हजारों लोग घायल हुए हैं । 
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अशांत माहौल के चलते कश्मीरी बच्चों के भविष्य पर खतरा

कश्मीर में अशांत माहौल - फोटो : PTI
कई महीनों से अशांत कश्मीर घाटी में आम लोगों के जनजीवन पर बहुत गहरा असर पड़ रहा है । घाटी में महीनों से स्कूल बंद हैं, इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज नहीं हो रहा है । घाटी के अशांत माहौल के चलते कश्मीरी बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है । 

घाटी के स्कूलों में शिक्षा के इंतजामों पर गहरा प्रभाव पड़ा है । इसके साथ ही कर्फ्यू जैसी पाबंदियों के कारण सड़कों पर कम लोग ही दिख रहे हैं । पिछले 3 महीनों से जारी हिंसा के कारण घाटी में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का सेलेबस पूरा नहीं हो पाया है ऐसे में बच्चे भी परीक्षाओं में बिना पढ़ाई बैठने को मजबूर हैं । 
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