भूस्खलन से लद्दाख क्षेत्र के जंस्कार-लेह के बीच फुक्तल दरिया का बहाव रुकने से बनी कृत्रिम झील के फटने के खतरे के बाद नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी (एनडीएमए) ने समस्या समाधान के लिए विभिन्न विभागों का एक्सपर्ट ग्रुप बनाने का सुझाव दिया है।
इसमें नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, केंद्रीय जल आयोग, सर्वे आफ इंडिया, जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया, वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलाजी और अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि को रखा जाएगा, जो भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति तथा दरिया के रुके प्रवाह के संबंध में कार्ययोजना तैयार कर सके।
राज्यपाल एनएन वोहरा ने एनडीएमए से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा था। नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर ने सेटेलाइट डाटा के आधार पर तैयार अपनी रिपोर्ट एनडीएमए को सौंप दी है। लेह के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल से मिलकर इस संकट पर तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया था।
ज्ञात हो कि लेह तथा कारगिल प्रशासन ने पहले ही एहतियात बरतते हुए चदर ट्रैक पर सैलानियों को जाने से रोक दिया है। साथ ही दरिया के आस पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी है। चदर ट्रैक पर ट्रैकिंग के लिए गए लगभग 200 सैलानियों को प्रशासन ने निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।