पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एकबार फिर रियासत में सत्य और सुलाह आयोग बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दो दशकों तक हिंसा झेलने वाले कश्मीरी पंडितों और मुस्लिमों के मुद्दे हल करने के लिए आयोग जरूरी है।
उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘कश्मीरी पंडितों का पलायन हो या फिर गावकदल की घटना, भारत और पाक जेएंडके को सत्य और सुलाह आयोग देने से क्यों कतराते हैं।’ मार्च 2011 में उमर ने सैन्य हिंसा में मारे गए लोगों के मामलों की जांच के लिए आयोग स्थापना की मांग की थी।
लेकिन बाद में इसके बारे नहीं सुना गया। उमर ने आगे लिखा कि गावकदल घटना के वास्तुकार अपनी ताजपोशी के लिए बातचीत में व्यस्त हैं। इस काले दिन को मनाने की बजाए चुपचाप बैठे हैं।
Whether it's the Kashmiri Pandit exodus or incidents like Gawkadal, they R why India & Pakistan owe J&K a truth & reconciliation commission.— Omar Abdullah (@abdullah_omar) January 21, 2015