प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने मिशन कश्मीर की पृष्ठ भूमि तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। इस सिलसिले में आठ सदस्यीय राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की टीम राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर है।
इसके अलावा पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री राम जेठमलानी ने भी अलगाववादियों से वार्ता का दौर फिर शुरू कर दिया है। हालांकि, जेठमलानी ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें प्रधानमंत्री की तरफ से इस संबंध में उन्हें कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है।
जेठमलानी ने अलगाववादियों से बात की
जेठमलानी का कहना है कि कश्मीर कमेटी के अध्यक्ष की हैसियत से अलगाववादी नेताओं से बातचीत शुरू की है। अलबत्ता वह अलगाववादियों के नजरिये को प्रधानमंत्री के नोटिस में जरूर लाएंगे।
रविवार को भी जेठमलानी ने कुछ अलगाववादी संगठनों के साथ बातचीत की। श्याम सरन की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड की आठ सदस्यीय टीम ने भी कश्मीर में मौजूदा स्थिति का जायजा लेने की कवायद शुरू कर दी है।
इस टीम में बतौर सदस्य प्रमित पाल चौधरी, प्रो. संजय धांडे, रवींद्र गुप्ता, टीसी हलदार, फाली होमी मेजर, सुरेश मेहता, पत्रिका मुखिया और जय देवा रनाड़े शामिल हैं।
राज्यपाल से भी मिलेगी टीम
सूत्रों के मुताबिक बोर्ड की यह टीम मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राज्यपाल एनएन वोहरा के अलावा आला पुलिस और सैन्य अधिकारियों से भी मिलेगी। यह बोर्ड सीधे तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय के आधीन है।
इसलिए माना जा रहा है कि पीएमओ और खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिदायत पर ही वस्तुस्थिति जानने के लिए यह टीम कश्मीर दौरे पर है।
आगामी अक्तूबर-नवंबर में राज्य में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी इस टीम के दौरे को अहम माना जा रहा है।