राज्यपाल एनएन वोहरा ने रियासत में सार्वजनिक उपक्रमों के पास उपलब्ध भूमि के उपयोग की स्पष्ट नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने मुख्य सचिव बीआर शर्मा को इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों का ग्रुप बनाकर एक तर्कसंगत नीति तैयार करने को कहा है ताकि भविष्य में इसी नीति के आधार पर विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सिडको, सिकाप व अन्य की भूमि का उपयोग हो और नए आवंटन किए जाएं।
सिडको और सिकॉप रियासत के उद्यमियों को प्रीमियम के आधार पर भूमि आवंटित करते हैं। राज्यपाल ने निर्देश दिए कि अफसरों का ग्रुप एक फरवरी 2016 तक उपलब्ध तमाम भूमि के क्षेत्रफल और पानी-बिजली की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे।
ताकि जमीन के बेहतर उपयोग के लिए नीति विकसित की जाए। विभिन्न उपयोगों के लिए आवंटित या बेचे जाने वाले प्लाट का औसत आकार भी तय किया जाए। इस मामले में शर्तें भी तय की जाएं।
इमारतों की सीलिंग की ऊंचाई (अलग-अलग स्थान के लिए), प्रति वर्ग फीट कीमत और आवंटित प्लाट पर निर्माण होने वाली इमारत का डिजाइन भी तय हो।
राज्यपाल ने जोर देते हुए कहा कि मनमानापन और तदर्थवाद को समाप्त करने के लिए ऐसा करना जरूरी है। उन्होंने नए भवनों के लिए अच्छी वास्तुशिल्प डिजाइन सुनिश्चित करने की ओर भी इशारा किया।