रियासी। ईद पर भी वेतन नहीं मिलने से गुस्साए जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने शनिवार को ज्योतिपुरम-सलाल मार्ग बंद कर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने मिनी सचिवालय के बाहर धरना भी दिया। इस दौरान डीसी के अलावा जलशक्ति विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेेबाजी की।
शनिवार को काफी तादाद में अस्थायी कर्मचारी कार्यालय परिसर में इकट्ठा हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जम्मू संभाग के डोडा, रामबन, किश्तवाड़ में अस्थायी कर्मचारियों को वेतन दिया गया है। जिला रियासी के कर्मचारियों को वेतन के रूप में एक पैसा भी नहीं मिला है। रविवार को ईद है।
वेतन न मिलने से यह त्योहार भी उनके लिए फीका पड़ गया है। कर्मचारियों ने नगर से रोष रैली निकाली व तहसीलदार कार्यालय में पहुंचे। यहां पर तहसीलदार मुंशी राम के साथ बात की और अपनी परेशानियों के बारे में बताया। इसके बाद कर्मचारियों की रोष रैली मिनी सचिवालय पहुंची, जहां गेट बंद करने पर कर्मचारी बाहर ही धरने पर बैठ गए। इसके साथ ही जिला मुख्यालय से ज्योतिपुरम-सलाल की तरफ जाने वाला मुख्य मार्ग बंद कर दिया। इससे वाहनों की आवाजाही बंद हो गई।
एक्सईएन जलशक्ति से कहा- जितना वेतन आया है उसे करें जारी
एसडीपीओ इफ्तिकार अहमद व एसएचओ सुनील शर्मा ने मौके पर पहुंच कर कर्मचारियों से बात की। एसीआर संजय बडयाल भी पहुंचे। कर्मचारियों की बात सुनने के बाद एक्सईएन जलशक्ति से फोन पर बात की गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के थोड़े दिनों का ही वेतन आया है। पूरा आने पर उनको दे दिया जाएगा। इस पर अधिकारी ने कहा कि जितना वेतन आया है, उसको आज ही जारी करें। इसके बाद कर्मचारी शांत हुए। उन्होंने कहा कि शनिवार शाम तक वेतन नहीं मिला, तो वह दोबारा से सड़क पर उतर आएंगे।
समय पर वेतन नहीं देना घोर लापरवाही
रियासी। कर्मचारियों की रोष रैली को पीडीपी व आम आदमी पार्टी के नेताओं का भी साथ मिला। पीडीपी के वरिष्ठ नेता ठाकुर बंसी लाल व आप के वैभव रूकवाल, नितिन कुमार ने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दिन रात काम करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं देना घोर लापरवाही है। ईद पर जिन कर्मचारियों को घर पर परिवार के साथ बैठना चाहिए, उनको सड़क पर धरना देना पड़ रहा है। एलजी प्रशासन को कर्मचारियों के साथ किए जाने वाले भेदभाव को समाप्त कर उनकी मांगों को पूरा किया जाना चाहिए।