जम्मू। कश्मीरी पंडितों ने वीरवार को दुर्गानगर में रैली निकाल कर घाटी में हुए नरसंहार की जांच करवाने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग उठाई है। रैली में पंडित नरसंहार बल बनाओ, कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो, हम विस्थापित नहीं, नरसंहार से पीड़ित है जैसे पोस्टर लिए हुए थे।
जानकारी के अनुसार शहर के दुर्गा नगर सेक्टर एक से पनुन कश्मीर के बैनर तले कश्मीरी पंडितों ने रैली निकाली, जो मुठ्टी पुलिस नाका तक गई। इस दौरान पनुन कश्मीर के संयोजक डॉ. अग्निशेकर ने कहा कि नरसंहार एक सोची-समझी साजिश के तहत हुआ है। इसकी न सिर्फ गहन जांच हो, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाए। नरसंहार को रोकने के लिए प्रधानमंत्री से संसद में कानून बनाने की मांग कर रहे है। पनुन कश्मीर ने नरसंहार रोकथाम कानून का प्रारूप भी सरकार को भेजा है। सरकार इच्छाशक्ति दिखाए और संसद में कानून बनाए, ताकि भविष्य ऐसे घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सके। पनुन कश्मीर के चेयरमैन अजय चिरंगू ने कहा कि कश्मीर पंडित 31 सालों से अपने ही देश में नरसंहार का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों की घर वापसी होनी चाहिए। सरकार ठोस नीति अपनाए ताकि हम अपने घर वापस जा सके। रैली में काफी संख्या में कश्मीरी पंडितों ने भाग लिए था।
अरविंद केजरीवाल के ब्यान के खिलाफ किया प्रदर्शन
जम्मू। आम आदमी पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कश्मीरी पंडितों ने प्रदर्शन किया। अप्सरा थियेटर के बाहर कश्मीरी पंडितों ने केजरीवाल के द कश्मीरी फाइल्स फिल्म को लेकर दिए बयान को दुखद बताया। विश्व कश्मीरी समाज ने द कश्मीर फाइल्स फिल्म की निशुल्क स्क्रीनिंग करवाई थी। इस दौरान समाज के लोगों ने कहा कि केजरीवाल के ब्यान ने विस्थापित समुदाय का मजाक उड़ाया है। समाज के संयोजक किरण वातल ने कहा कि अरविंद्र केजरीवाल इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब समय है सरकार नरसंहार के खिलाफ कानून बनाए। ब्यूरो