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रैना के घर का घेराव करने निकले अस्थायी कर्मियों-पुलिस में धक्का-मुक्की

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जम्मू। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के घर का घेराव करने से पहले गोल मार्केट पार्क के गेट करने पर अस्थायी कर्मी भड़क गए। उनमें और पुलिस कर्मियों में धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद वह दीवारें फांद कर बाहर निकले और रविंद्र रैना के घर के बाहर पहुंच कर पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर आवाज को बुलंद किया। वहीं, भाजपा नेता को ज्ञापन सौंप कर मांगें पूरा करने की अपील की। रैना ने बाहर आकर समस्याओं को सुना और कदम उठाने का आश्वासन दिया।
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जानकारी के अनुसार मांगों के समर्थन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना के घर का घेराव करने के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे से गोल मार्केट में जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मी जुटना शुरू हो गए। यह देख कर पुलिस ने पार्क के गेट बंद कर दिए, जिससे वह भड़क गए। धक्का-मुक्की के बीच दीवारें फांद कर सड़क पर पहुंचे और रैली निकालते हुए गांधीनगर स्थित भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के घर के पास पहुंचे जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए आवाज बुलंद की। इसके बाद पुलिस ने फ्रंट के 10 पदाधिकारियों को रविंद्र रैना से मुलाकात करने की अनुमति दी। पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंप कर जल्द कदम उठाने की अपील की। कर्मियों के नहीं मानने पर रविंद्र रैना मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि जल्द मांगों को हल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली निगम के 12 हजार कर्मचारियों को नियमित किया जा रहा है। जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों के लिए भी लड़ाई लड़ी जा रही है। जल्द ही नियमितीकरण का रास्ता साफ होगा। इसके बाद कर्मचारी शांत हुए। रैली में जम्मू संभाग के तमाम जिलों से कर्मचारी मौजूद रहे।
नियमितीकरण पर नहीं किया जा रहा काम
फ्रंट के पदाधिकारी रवि हंस, राजेंद्र सिंह, मोहन लाल, होशियार और नवदीप सिंह ने कहा कि जल्द से जल्द मांगों को हल किया जाए। कर्मचारी लंबे समय से काम कर रहे हैं, लेकिन अभी तक नियमितीकरण पर कार्रवाई आरंभ नहीं हो पाई है। बकाया वेतन भी जारी नहीं हो रहा है। 70 माह का वेतन कर्मचारियों को मिलना है। न्यूनतम वेतन लागू किया जाए। कर्मचारियों को 225 रुपये दिहाड़ी पर काम करना पड़ रहा है।
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यह हैं कर्मियों की मांगें
- न्यूनतम वेतनमान को लागू करना
- कर्मचारियों का नियमितीकरण
- बकाया राशि का जल्द भुगतान करना
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