जम्मू। एस्टेट विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने स्थायी करने की मांग को लेकर वीरवार भी प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया तो वह कामछोड़ हड़ताल पर चले जाएंगे।
एस्टेट डिपार्टमेंट कैजुअल इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले उतरे अस्थायी कर्मचारियों ने कहा कि चार अप्रैल, 2003 में सरकार की केबिनेट के तहत कैजुअल लेबर्स, वर्कर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्तियां की गई थीं। लेकिन आजतक उन्हें स्थायी करने के बारे में कोई नीति नहीं बनाई गई है। इससे उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। कर्मचारियों ने 72 घंटे की हड़ताल की काम दी थी। जम्मू कश्मीर में न्यूनतम वेतन अधिनियम को लागू नहीं किया गया है। कई कर्मचारी पिछले 25 से 30 साल से सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। कर्मियों के खिलाफ गलत कानून लाए जा रहे हैं। एसआरओ 43 को खत्म कर दिया गया है, जो कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बना था। जम्मू संभाग के राजनेताओं ने कर्मियों का साथ नहीं दिया है। उन्होंने साफ किया कि कर्मचारी आगामी दिनों में अपने आंदोलन को तेज करेंगे।