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JU Professor Death: जम्मू विश्वविद्यालय के बाहर सिविल सोसायटी का प्रदर्शन, CBI जांच की मांग की

Mon, 12 Sep 2022 01:42 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए इस मामले को सीबीआई जांच किए जाने की मांग की। साथ ही विवि रजिस्ट्रार, मनोविज्ञान विभाग की एचओडी और जेयूकैश कमेटी की अध्यक्ष को हटाए जाने की मांग की।
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Jammu University Protest - फोटो : निखिल मेहता
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विस्तार
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एसोसिएट प्रोफेसर चंद्रशेखर चंद्र की मौत के मामले में सोमवार को विभिन्न संगठन के सदस्यों ने जम्मू विश्वविद्यालय के परिसर के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए इस मामले को सीबीआई जांच किए जाने की मांग की। साथ ही विवि रजिस्ट्रार अरविंद जसरोटिया, मनोविज्ञान विभाग की एचओडी आरती बक्शी और जेयूकैश कमेटी की अध्यक्ष अल्का शर्मा को टर्मिनेट किए जाने की मांग की।

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Jammu University Protest - फोटो : निखिल मेहता
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय सड़क को भी कुछ देर के लिए जाम किया। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क से हटाया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। पुलिसकर्मी कुछ देर के बाद प्रदर्शनकारियों को एक तरफ करने में सफल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर इस मामले को सीबीआई को नहीं सौंपा गया और इसमें शामिल लोगों को उनके पदों से नहीं हटाया गया तो वे अपने संघर्ष को और तीव्र करेंगे।
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सोमवार को होनी है छात्राओं से पूछताछ

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर की मौत मामले में सोमवार को कैश कमेटी और उन छात्राओं से पूछताछ करेगी, जिन्होंने यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी।

विवि प्रशासन ने एसआईटी को सौंपा छात्राओं का शिकायत पत्र, वीडियो और डीवीआर

विवि प्रशासन ने एसआईटी को जांच से संबंधित सारा रिकार्ड सौंप दिया है। इसमें छात्राओं का शिकायत पत्र, वीडियो और मनोविज्ञान विभाग व इसके आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज की डीवीआर भी शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि कैश कमेटी ने एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर के कक्षा और विभाग में प्रवेश न करने और किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में हिस्सा लेने से मनाही की सिफारिश की थी। लेकिन उनको निलंबित करने की सिफारिश नहीं की गई थी। 

अलग-अलग लिए जाएंगे बयान

सूत्रों का कहना है कि एसआईटी सोमवार को शिकायत करने वाली छात्राओं से अलग-अलग बयान लेगी। इसके अलावा कैश कमेटी के सदस्यों और मनोविज्ञान विभाग के शिक्षकों से बात की जाएगी। साथ ही वीडियो और डीवीआर की जांच होगी।
 
कुछ ऐसा है छात्राओं का शिकायत पत्र

जानकारी के अनुसार जो शिकायत पत्र कैश कमेटी को मिला। उसमें शिकायत करने वाली छह छात्राएं और एक लड़का भी था। जबकि इनके समर्थन में 14 अन्य विद्यार्थियों के हस्ताक्षर थे। सभी छह छात्राओं की शिकायत लगभग एक जैसी थी। इन्होंने बताया कि वह लोग सबसे पहले एचओडी आरती बख्शी के पास गए थे, उन्होंने कहा कि इसमें वह कुछ नहीं कर सकती। इसलिए वह लोग कैश कमेटी के पास जाएं। कैश कमेटी के पास जाने पर सभी छह छात्राओं की वीडियो रिकार्डिंग की गई कि इनको डॉ. शेखर किस तरह प्रताड़ित करते थे।

सभी छह छात्राओं की स्टेटमेंट लगभग एक जैसी ही थी। छात्राओं ने बताया कि एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर उनको अपने कमरे में बुलाते थे। लाइट बंद कर देते थे। उनको गलत तरीके से छूते थे। कहा कि वह उनका हाथ पकड़ते थे। एक लड़के ने अपनी स्टेटमेंट में कहा है कि उन्होंने उनको शौचालयों को लेकर कमेंट किया। 

पांच सितंबर को डॉ. चंद्र शेखर ने की थी कैश कमेटी से बात

सूत्रों का कहना है कि पांच सितंबर को जनरल जोरावर सिंह आडिटोरियम में कैश कमेटी की अध्यक्ष अल्का शर्मा से एसोसिएट प्रोफेसर चंद्र शेखर की बात हुई थी। इसमें उन्होंने पूछा था कि क्या उनके खिलाफ कोई यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायत आई है। इस पर अल्का शर्मा की तरफ से उनको फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया गया। 
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