जम्मू। रेडीमेड कपड़ों पर अगले साल से जीएसटी को पांच से 15 फीसदी बढ़ाने के फैसले का इस व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों ने विरोध किया है। उन्होंने इसे सरकार के छोटे व्यापारियों के खिलाफ बताया है। सरकार कोरोना काल में व्यापारियों को राहत देने के बजाय कर पर कर देने का काम कर रही है, जिससे छोटा व्यापारी खत्म हो जाएगा।
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व्यापारी विरोधी नीतियों पर काम कर रही सरकार
राजतिलक रोड पर रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय करने वाले विमल गुप्ता ने कहा कि सरकार ने मौजूदा कोरोना काल में रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी बढ़ाने का फैसला गलत लिया है। इससे छोटा व्यापारी बुरी तरह से प्रभावित होगा। जम्मू में कोरोना और दूसरी परिस्थितियों में पहले ही छोटा कारोबारी बुरी तरह से प्रभावित है। सरकार व्यापारी विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। जीएसटी बढ़ने से ग्राहकों की जेब पर भी बोझ बढ़ेगा।
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छाटे कारोबारी नहीं झेल पाएंगे जीएसटी का बोझ
एक अन्य व्यवसायिक सतीश अबरोल ने कहा कि जीएसटी में बढ़ोतरी का बोझ छोटे कारोबारी झेल नहीं पाएंगे। पिछले दो साल से कोरोना महामारी के कारण बाजार में मंदी छाई हुई है। व्यापारी पहले ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। बैंकों में ऋण की किश्तें नहीं दे पा रहे हैं। उस पर इस तरह से अधिक कर का बोझ झेलना मुश्किल होगा। इसका असर ग्राहक पर भी दिखेगा। भाजपा सरकार के कार्यकाल में आम लोगों से जुड़ी लगभग हर वस्तु महंगी हुई है। जिससे जनता परेशान है।
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बाजार में पहले ही निवेश सीमित हो रहा
जम्मू के ही रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी राजीव गुप्ता ने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में हुए नुकसान के बारे में व्यापारियों से नहीं पूछा और अब उन्हें आए दिन नए कर दिए जा रहे हैं। बाजार में गति न होने के बावजूद सरकार ने जीएसटी बढ़ाने का गलत फैसला लिया है। इसका विरोध किया जाएगा। इससे छोटे व्यापारियों के साथ ग्राहकों पर असर पड़ेगा। बाजार में पहले ही सीमित निवेश हो रहा है।
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- विमल गुप्ता, सतीश अबरोल और राजीव गुप्ता का फोटो