जम्मू। शहर में पड़ते 171 नालों में से 100 से ज्यादा पर अतिक्रमण है। हालांकि नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया है, लेकिन तमाम नालों से अतिक्रमण हटा पाना मुश्किल हो गया है। एक तरफ नाले बारिश के बाद उफान पर आ रहे हैं। वहीं, अभी तक नालों से मलबा निकालने का काम चल रहा है। 12 जुलाई के बाद अब तक चार हजार ट्रक नालों से मलबा निकाला गया है।
नगर निगम के अनुसार जितना मलबा निकाला जा रहा है। उतना ही नालों में गिर रहा है। लोग लापरवाही बरत रहे हैं। घरों का कचरा नालों में फेंका जा रहा है, जो नाले में स्लैब और तंग जगहों में जाकर फंस जाता है, जिस कारण बारिश होने पर पानी की निकासी न होने से नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं और पानी घरों में घुस रहा है। अभी तक दस से ज्यादा नालों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई है। जहां पर पानी ओवरफ्लो होने की संभावना है। इन जगहों से अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं। मौजूदा समय में नानक नगर और कालिका कॉलोनी के नाले लोगों के लिए आफत बने हुए हैं। यहां पर क्रेटबाल लगाई गई हैं।
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स्लैब के ऊपर दुकानें
घरों में घुस रहा पानी
कृष्णा नगर में नाले पर दुकानें बनाई गई हैं, यहां पर भी मलबा अटका पड़ा है। दुकानों के आसपास से नाले से मलबा हटाया जाता है, लेकिन जहां सलैब डाली गई है, वहां से मलबा निकालना मुकिश्कल हो रहा है, जिससे बारिश का पानी कनाल रोड तक पहुंच रहा है।
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शिव नगर और रिहाड़ी के
नाले भी बन रहे आफत
शिवनगर और रिहाड़ी में भी नाला लोगों के लिए आफत बना हुआ है। यहां से भी हजारों मीट्रिक टन कचरा निकाला गया, लेकिन मगर समस्या हल नहीं हो पाई है। कहीं पर नाले संकरे हैं तो कहीं पर खुले, ऐसे में पानी ओवरफ्लो हो रहा है।
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जम्मू शहर में नालों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अवैध बनाए गए आवासीय ढांचे गिराए जा रहे हैं। नालों को चिह्नित किया गया है और यहां पर भी अतिक्रमण होगा, वहां कार्रवाई की जा रही है।
- हरेंद्र सिंह, सीटीओ, नगर निगम
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नालों पर से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए हैं। नाले ओवरफ्लो न हों, इसके लिए इन पर बनाई गईं स्लैब भी तोड़ी जा रही हैं। क्षतिग्रस्त नालों पर काम जारी है। सरकार से भी अतिरिक्त बजट की मांग की गई है।
- चंद्र मोहन गुप्ता, मेयर नगर निगम