प्रदेश में वर्ष 2022-23 के लिए अनुमानित राजस्व और पूंजी बजट के लिए तैयारियां शुरू की गई हैं। इसके साथ 2021-22 के संशोधित अनुमानित बजट पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग ने प्रशासनिक विभागों से 30 सितंबर तक बजट प्रस्तावों के लिए सिफारिशें मांगी हैं।
इससे पहले 10 से 15 सितंबर के बीच डीडीओ और एचओडी स्तर पर बजट तैयार कर लिया जाएगा। बजट के लिए चर्चा से अलग से कैलेंडर जारी किया जाएगा। डीडीओ और एचओडी स्तर पर बजट तैयार करने के बाद प्रशासनिक विभाग अपने स्तर पर बजट के प्रस्तावों की जांच करेंगे, जिसके बाद वित्त विभाग को बजट के लिए सिफारिशें भेजी जाएंगी। वित्त विभाग की ओर से सभी प्रशासनिक विभागों/एचओडी को वर्ष 2022-23 के बजट की निर्धारित समय में तैयारियों को पूर्ण करने को कहा गया है। इसमें जांच, संकलन आदि कार्यों को पूरा किया जाएगा।
बजट की तैयारियों के लिए सभी फील्ड अधिकारियों के पास फार्म उपलब्ध होंगे। इसके साथ प्रशासनिक विभाग बजट एस्टीमेशन, एलोकेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम (बीईएएमएस) के माध्यम से आनलाइन बजट की तैयारियों पर काम करेंगे। प्रोजेक्ट स्तर के ब्योरे की हार्ड कापी को वित्त विभाग नहीं लेगा। तकनीकी सहायता के लिए एनआईसी और रिसोर्स पर्सन की प्रत्येत जिला ट्रेजरी में उपलब्धता होगी। सभी प्रशासनिक सचिव बजट प्रस्तावों को वित्त विभाग के संबंधित प्रत्येक एचओडी के पास निर्धारित तिथि तक उपलब्ध करवाएंगे।
एनआईसी की ओर से प्रशासनिक विभागों में बीईएमएस पर डेटा एंट्री के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वर्ष 2021-22 के लिए 108261 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसमें सुशासन, सामाजिक आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और मौलिक ढांचा सुविधाओं के विकास लक्ष्य पर विशेष ध्यान दिया गया था।