जम्मू सचिवालय में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा।
- फोटो : अमर उजाला
कश्मीर स्वास्थ्य विभाग में फर्जीवाड़े से हुई 2274 नियुक्तियों के मामले में सरकार कार्रवाई की तैयारी कर रही है। निदेशालय ने संभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से विस्तृत ब्योरे के साथ रिपोर्ट तलब की है। इन नियुक्तियों पर वर्ष 2012 में ऑडिट एवं निरीक्षण विभाग ने सवाल उठाते हुए नियुक्तियां फर्जी व गैरकानूनी होने का संदेह जताया था।निदेशालय ने अत्यावश्यक पत्र जारी कर कहा है कि समय पर रिपोर्ट और पूरा ब्योरा न सौंपने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन नियुक्तियों पर ऑडिट एवं निरीक्षण विभाग ने सवाल उठाए थे
फर्जी व गैर कानूनी नियुक्तियों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट में नियुक्ति का नाम, नियुक्त करने वाली अथॉरिटी, नियुक्ति का वर्ष, कर्मचारी की वर्तमान तैनाती और गैर कानूनी नियुक्ति के आधार का ब्योरा देना होगा। इन नियुक्तियों पर ऑडिट एवं निरीक्षण विभाग ने सवाल उठाए थे। सूत्रों ने बताया कि ऑडिट एवं निरीक्षण विभाग ने दस साल पूर्व इन नियुक्तियों को संदेहास्पद करार देते हुए इनके फर्जी व गैर कानूनी होने की बात कही थी। इसमें बांदीपोरा, बडगाम और गांदरबल में सबसे ज्यादा कर्मचारी शामिल हैं।
निदेशालय ने शुक्रवार दोपहर तक संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग कश्मीर के प्रवक्ता डॉ. मीर मुश्ताक ने कहा कि 2012 की ऑडिट रिपोर्ट में 2274 कर्मचारियों की नियुक्ति पर संदेह जताया गया था।
133 कर्मचारियों की नियुक्तियों पर सबसे ज्यादा संदेह
इस पर स्वास्थ्य विभाग ने संभाग और जिला स्तर पर कमेटियां गठित कर जांच करवाई, जिसमें 133 कर्मचारियों की नियुक्तियों पर सबसे ज्यादा संदेह सामने आया। सरकार के कार्रवाई आगे बढ़ानी शुरू की तो यह कर्मचारी न्यायालय में चले गए, जहां पर अभी भी यह मामला विचाराधीन है।
सीएमओ सौंपेंगे रिपोर्ट
इस बीच सरकार ने एक बार फिर से इन कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर जानकारी मांगी है और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित सीएमओ से इसकी रिपोर्ट देने के लिए कहा है, जिसे जल्द विभाग को सौंपा जाएगा जो आगे सरकार के सामने अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।