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Poonch Terror Attack: ओजीडब्ल्यू की मदद के बिना पुंछ हमला संभव नहीं, फिदायीन हमलावरों ने दिया घटना को अंजाम

Sat, 22 Apr 2023 11:30 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि हमले में स्थानीय लोगों ने किस प्रकार से मदद पहुंचाई है। यह माना जा रहा है कि बिना स्थानीय लोगों यानी ओवर ग्राउंड वर्करों की रेकी के इस प्रकार का हमला संभव नहीं हैं।
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पुंछ हमले के बाद वाहनों की चेकिंग करते सुरक्षाबल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पुंछ आतंकी हमले में शामिल सभी आतंकी फिदायीन हैं। जांच एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि जिस प्रकार से हमला किया गया वह सभी आतंकियों के पाकिस्तानी होने की ओर इशारा करते हैं। आतंकियों ने काफी बर्बरतापूर्वक तरीके से हमले को अंजाम दिया।

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हमले में आतंकियों ने कितने राउंड फायर किए इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन फौजियों के शरीर से पोस्टमार्टम के दौरान 12 से अधिक गोलियां निकाली गई हैं। सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार को मौके से बरामद सबूतों को एफएसएल तथा फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।

यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला करने वाले आतंकियों ने किस इलाके से घुसपैठ किया है और कितने दिनों पहले घुसपैठ हुई है। पूरे मामले में सेना तथा अन्य एजेंसियों की ओर से किसी प्रकार का बयान नहीं दिया गया है।
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यह बात भी सामने आ रही है कि आतंकियों ने फायरिंग के साथ ही सैन्य वाहन के तेल टैंक को भी निशाना बनाया जिससे वाहन में भयंकर आग लग गई। हालांकि, सैन्य प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है कि पहले आतंकियों ने गोलियां बरसाईं फिर ग्रेनेड हमला किया जिससे वाहन में आग लगी।

एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि हमले में स्थानीय लोगों ने किस प्रकार से मदद पहुंचाई है। क्योंकि यह माना जा रहा है कि बिना स्थानीय लोगों यानी ओवर ग्राउंड वर्करों की रेकी के इस प्रकार का हमला संभव नहीं हैं।

इसके लिए आसपास के ओजीडब्ल्यू नेटवर्क पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान तथा आईएसआई ने एलओसी से सटे जिलों राजोरी व पुंछ में ओजीडब्ल्यू नेटवर्क को मजबूत किया है। यह नारको टेररिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से भी है।

पुंछ में सैन्य वाहन पर हमला करने में छह से सात विदेशी आतंकियों के शामिल होने का शक है। इनकी तलाश में सेना तथा पुलिस ने 12 किलोमीटर के दायरे में फैले भाटादूड़ियां जंगल को घेर कर तलाशी अभियान चलाया हुआ है। इसमें खोजी कुत्तों, ड्रोन तथा हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है।

पड़ोसी जिले राजोरी के जंगलों को भी खंगाला जा रहा है। इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने पुंछ पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह तथा एडीजीपी मुकेश सिंह ने भी घटनास्थल का दौरा किया।

इस बीच सुरक्षाबलों ने 12 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उधर, घटना के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे दो जिलों राजोरी व पुंछ में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ता तथा एसओजी की टीम भी जांच में जुटी है।

सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को दो समूहों में छह से सात आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली है। सैन्य सूत्रों के अनुसार सेना और सुरक्षा एजेंसियों को राजोरी-पुंछ सेक्टर में आतंकवादियों के दो समूहों में सक्रिय 6-7 आतंकवादियों की मौजूदगी का इनपुट मिला है।

यह समूह पुंछ सेक्टर में सेना के वाहन पर घात लगाकर किए गए हमले में शामिल था। इन आतंकवादियों के राजोरी के जंगलों में छिपे होने से इन्कार नहीं किया जा सकता, क्योंकि जिस स्थान पर आतंकियों ने सैन्य वाहन पर हमला किया, वह राजोरी-पुंछ की सीमा पर स्थित है।

भिंबर गली से जढ़ा वाली गली के बीच करीब 20 किलोमीटर एरिया में सिविल वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। हालांकि पैदल चलने वालों को कड़ी पूछताछ के बाद आने जाने की अनुमति है।

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