जम्मू। भाजपा जम्मू-कश्मीर में सब कुछ ठीक होने के दावे कर रही है तो दुर्भाग्यपूर्ण आतंकी घटनाओं में उसके कार्यकर्ता कैसे मारे जा रहे हैं। ये सवाल बुधवार को शेर-ए-कश्मीर भवन में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने उठाए हैं। कहा कि पंचायतीराज संस्थानों के लिए चुने गए लोगों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पाई है। इससे उन्हें विकास के उद्देश्य से संबंधित क्षेत्रों में दौरा करने में मुश्किलें आ रही हैं। डॉ. फारूक ने बुधवार को जम्मू में पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक दिवसीय संवाद सत्र में जम्मू संभाग के समग्र परिदृश्य और पार्टी मामलों पर चर्चा की।
डॉ. फारूक ने कहा कि युवाओं के साथ किए गए वादे सिर्फ धोखा साबित हुए हैं। रोजगार सृजन और फास्ट ट्रैक आधार पर भर्ती के अवसरों को बढ़ाने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर में बेहतरी के लिए नेकां को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाने और सभी स्तर तक जनता तक पहुंच बढ़ाने के लिए पार्टी पदाधिकारियों से आह्वान किया। कहा कि चुनौतियों का सामना करने के लिए नेकां कैडर को और सक्रिय करना होगा। निराश लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए खुद को तैयार करना होगा। हम सबसे कठिन समय से गुजर रहे हैं। समाज में नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है, जो मित्रता और भाईचारे के लिए हानिकारक है। विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी युवाओं की है। बैठक में उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र राणा, अजय कुमार सडोत्रा, सुरजीत सिंह सलाथिया, रतन लाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।