जम्मू। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती की शक्ति कम होने के बयान पर बवाल शुरू हो गया है। भाजपा के साथ कांग्रेस ने भी राहुल को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उनका बयान घोर आपत्तिजनक है। किसी को भी आस्था के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। बयान देने से पहले लोगों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए।
राहुल और कांग्रेस को हिंदू धर्म और देशभक्ति का ज्ञान नहीं
राहुल को हिंदू धर्म, रीति-रिवाजों और देशभक्ति का भी ज्ञान नहीं। मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती की अलौकिक शक्ति कभी कम नहीं हो सकती। फिरोज गांधी के पोते राहुल गांधी को इसका क्षणिक भर भी ज्ञान होता तो वह रैली में इस तरह के शब्दों को नहीं कहते। हिंदू धर्म और जप, तप, मंत्र कैैसे समझ सकते हैं। वह केवल वही बोलते हैं जो कांग्रेस में उनके सलाहकार उन्हें बोलने के लिए कहते हैं।-रवींद्र रैना, प्रदेश अध्यक्ष-भाजपा
करोड़ों हिंदुओं की आस्था को पहुंचाया नुकसान
माता की पिंडिंयों को सिंबल कहकर राहुल ने करोड़ों हिंदुओं व माता के भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाया है। माता की शक्ति कम होने की बात उन्हें नहीं करनी चाहिए थी। जब ज्ञान नहीं है तो करोड़ों की आस्था को ठेस पहुंचाने की जुर्रत नहीं करनी चाहिए थी। अपने वैष्णो देवी यात्रा का राजनीतिकरण करने की कोशिश की है। कांग्रेसी झंडे लेकर यात्रा करना और कांग्रेस के नारे लगाना इतिहास में पहली बार हुआ है।- शामलाल शर्मा, पूर्व मंत्री
मनरेगा-डिमोनेटाइजेशन को मां की शक्ति से जोड़ना घोर आपत्तिजनक
मां वैष्णो देवी करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक हैं। किसी भी सियासी शख्स को कभी भी ऐसे मामले में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जिससे लोगों की आस्था को ठेस को पहुंचे। मनरेगा व डिमोनेटाइजेशन को राहुल गांधी द्वारा देवी मां की शक्ति के साथ जोड़ना घोर आपत्तिजनक है। इससे लोगों की आस्था को ठेस पहुंचा है। करोड़ों लोगों की मां वैष्णो देवी के प्रति अटूट श्रद्धा है। -देवेंद्र सिंह राणा, संभागीय अध्यक्ष-नेशनल कांफ्रेंस