लद्दाख में महिलाओं ने राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए 33 फीसदी आरक्षण की मांग बुलंद की है। लेह व कारगिल के लद्दाख स्वायत्तशासी पर्वत विकास परिषद में आरक्षण के संबंध में गुरुवार को विभिन्न धार्मिक समूहों की महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने उप राज्यपाल आरके माथुर से मिलकर यह मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी होनी चाहिए। इसके लिए विकास परिषद में इन्हें 33 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए। साथ ही विभिन्न जिला और राज्य स्तरीय समितियों में स्थान दिया जाना चाहिए।
महिला ठेकेदारों को ठेका कार्ड लेने में आ रही परेशानियों के बारे में भी बताया। कहा कि इसके लिए संपत्ति का मालिकाना हक संबंधी प्रमाणपत्र की मांग की जा रही है। उन्होंने इससे छूट की मांग की। महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए बैंकों से ऋण प्रक्रिया को आसान बनाने और ब्याज दर कम करने की मांग की। परित्यक्ता महिलाओं को कारोबार के क्षेत्र में आरक्षण का प्रावधान करने को भी कहा। घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए वुमेन हॉस्टल और घर की मांग की ताकि ऐसी महिलाएं आगे आकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ सकें।
इसके साथ ही चाइल्ड केयर सेंटर व डि-एडिक्शन सेंटर स्थापित करने की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने लद्दाख बुद्धिस्ट उत्तराधिकार संशोधन अधिनियम की मंजूरी और महिलाओं को शिक्षा का अधिकार देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन, अंजुमन इमामिया, अंजुमन मोइन-उल-इस्लाम व क्रिश्चियन एसोसिएशन की प्रतिनिधि शामिल थीं।